भोपाल। प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव की शीघ्र घोषणा की संभावना के चलते अपनी -अपनी शहर सरकार बनवाने के लिए भाजपा और कांग्रेस में तैयारियों को तेज कर दिया गया है। इसके लिए जहां मुख्यमंत्री शिवराज सिंह और प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा द्वारा सत्ता-संगठन की लगभग पूरी तैयारी कर चुके हैं, तो वहीं कांग्रेस भी पहले दौर का सर्वे कराने के बाद दूसरे सर्वे का काम शुरू करा चुकी है। इसके साथ ही कांग्रेस में मुख्यालय स्तर पर प्रबंधन और जमावट का काम भी तेजी से किया जा रहा है। भाजपा की चुनावी तैयारियों के तहत शिव व वीडी की जोड़ी ने तय किया है कि जब तक चुनावी तारीखों की घोषणा नहीं होती है तब तक लगातार सरकारी कार्यक्रमों के तहत मैदानी दौरे और लोकार्पण कार्यक्रमों को संचालित किया जाए। यही नहीं शहरी इलाकों में आवश्यकतानुसार बजट आवंटित कर कामों में तेजी लाई जाए। इस बीच जो काम पूरे होते जाएं उनका लोकार्पण भी किया जाता रहे। चुनावी तैयारियों के तहत अगले माह से सीएम शिवराज सिंह चौहान के लगातार दौरे भी तय किए जा चुके हैं। यह दौरे इस हिसाब से तय किए गए हैं कि सीएम हर जिले, नगर निगम और नपा तक पहुंच सकें। खास बात यह है कि इन चुनावों की रणनीति के लिए आज सीएम हाउस में भाजपा विधायकों की बैठक भी बुलाई गई है।
भाजपा तैयार करा रही विकास कामों की रिपोर्ट
भाजपा द्वारा प्रमुख नगरों में विकास कार्यों की रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है। इसका उपयोग चुनाव में मतदाताओं को लुभाने के लिए करने की योजना है। इसके अलावा उपचुनाव वाले क्षेत्रों में नगरीय इलाकों के लिए किए गए वादों पर अमल करने की भी तैयारी कर ली गई है। इसके लिए खासतौर पर नगरीय प्रशासन और ग्रामीण विकास विभाग को निर्देश दिए गए हैं। चुनावी तैयारियों के तहत ही भाजपा प्रदेश संगठन प्रभारी मुरलीधर राव हर जिले तक पहुंचने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। वे इसके तहत ही इंदौर, देवास और उज्जैन का दौरा कर चुके हैं। उनके अलावा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा भी लगतार दौरे कर रहे हैं। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर घोषणा-पत्र तैयार करने का भी फैसला कर लिया गया है। इसके लिए सुझाव लिए जा रहे हैं। इसके साथ ही जिला व संभाग स्तरीय चयन समितियों को इसी माह नाम तय करने को कहा गया है।
भाजपा नेताओं को कामकाज का इंतजार
प्रदेश भाजपा संगठन द्वारा निकाय चुनाव के लिए प्रभारियों की नियुक्ति तो कर दी लेकिन अब तक उन्हें कामकाज संबंधी कोई ब्यौरा नहीं दिया है। यह नियुक्तियां 1 मार्च को संगठन के सभी 54 जिलों और 16 नगर निगम क्षेत्रों के लिए की गई थी। जिन्हें प्रभारी बनया गया है उनमें सांसद, विधायक, पूर्व विधायक और पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हैं। इन्हें क्या काम दिया जाना है इसको लेकर बैठक कब होगी अभी यह तय नही है। माना जा रहा है कि इन्हें चुनावी प्रबंधन से लेकर मैदानी व्यवस्थाओं का जिम्मा दिया जा सकता है। इसके अलावा इन्हें मुख्यालय से समन्वय का जिम्मा भी दिया जा सकता है।
बैठक में यह फैसले संभव
भाजपा विधायक दल की आज शाम होने वाली बैठक में नगरीय निकाय चुनाव की रणनीति पर मंथन कर वर्तमान विधायकों के महापौर पद के चुनाव लड़ने और उम्र बंधन को लेकर फैसला किए जाने की संभावना है। भाजपा विधायक दल की यह बैठक आज शाम साढ़े सात बजे मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित की गई है। गौरतलब है कि पूर्व में प्रदेश संगठन ने तय किया था कि किसी भी वर्तमान विधायक और उम्रदराज हो चुके नेताओं को प्रत्याशी नहीं बनाया जाएगा। दरअसल पार्टी ने नए और युवा चेहरों पर ही दांव लगाने का फैसला किया था। पार्टी के इस निर्णय से उन नेताओं में नाराजगी थी , जो लंबे समय से पार्टी का काम कर रहे थे , लेकिन पचास की उम्र होने के बाद भी उन्हें अब तक किसी भी पद पर रहने का मौका नहीं मिला है। यही वजह है कि अब इसमें बदलाव करते हुए टिकट का आधार सिर्फ जीत की संभावना को तय किया जा रहा है। बैठक में सीएम शिवराज सिंह, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के अलावा प्रदेश संगठन महामंत्री सुहास भगत और सह संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा भी शामिल होंगे ।
कांग्रेस कर चुकी है इंदौर में नाम का ऐलान
निकाय चुनाव की तैयारी में इस बार कांग्रेस भी पूरी ताकत लगा रही है। यही वजह है कि भाजपा के अभेद गढ़ बन चुके इंदौर को भेदने के लिए कांगे्रेस बहुत पहले ही इंदौर में महापौर पद के लिए प्रत्याशी के नाम की घोषणा कर चुकी है। इंदौर में विधानसभा-1 से कांग्रेस विधायक संजय शुक्ला को महापौर प्रत्याशी घोषित किया गया है। इसके अलावा नगर निगमों के टिकट के लिए पार्टी का पहले चरण का सर्वे हो चुका है , जबकि दूसरे चरण के सर्वे कराया जा रहा है। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर चुनावी घोषणा पत्र तैयार करने का भी फैसला कर लिया गया है। कांगे्रेस इन चुनाव में आक्रामक चुनाव प्रचार की रणनीति के तहत स्थानीय समस्याओं और खामियों की रिपोर्ट भी तैयार करा रही है।

