इंदौर
हर माह 200 से 300 करोड़ का कारोबार करने वाले शहर के सराफा की सुरक्षा 65 कैमरों के साये में रहोगी। इनमें 32 कैमरे व्यापारियों ने जनभागीदारी से लगवाए हैं। यहां दो तरफ से एंट्री के छह रास्तों पर 12 कैमरे लगेंगे तो बाजार के अंदर गलियों में हर आने-जाने वालों पर 20 कैमरों की नजर रहेगी।
इतना ही नहीं हर दुकान के आगे-पीछे के दो कैमरे सीधे थाने से कनेक्ट रहेंगे, जहां से पुलिस बाजार में होने वाली हर गतिविधि को देख सकेगी। कोई वारदात होने के बाद पुलिस तत्काल फुटेज देख सकेगी।
रात में सराफा बाजार बंद होते ही थाने का गश्ती दल छोटा व बड़ा सराफा की हर उस बैकलेन के चैनल गेट पर ताला लगाकर कवर करेगा जहां से चोरों के दाखिल होने और भागने की संभावना रहती है। यह पूरा प्लान पुलिस अधिकारियों ने सराफा व्यापारियों के साथ मिलकर तैयार किया है।
सराफा के चौराहों पर पुलिस का जिंगल ‘आप सराफा में हैं, आप सुरक्षित हैं… आपका सराफा में स्वागत है’भी गूंजेगा। आईजी हरिनारायणाचारी मिश्र ने बताया कि हमारे एएसपी और सीएसपी रैंक के अफसरों ने कारोबारियों के साथ चर्चा करके यह प्लान तैयार किया है।
स्मार्ट सिटी योजना के कामों के कारण यहां के सीसीटीवी कैमरों के कनेक्शन कट गए थे। इससे सराफा की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त थी। 10 साल पहले तत्कालीन सराफा टीआई रहे एसकेएस तोमर ने तब वारदातें रोकने के लिए अफसरों को यह प्लान दिया था। वर्तमान में वे इस क्षेत्र के सीएसपी हैं और अब उन्हीं के प्लान को सराफा बाजार में लागू किया जा रहा है।
कोई भी घटना होने पर पुलिस तत्काल देख सकेगी, बैकलेन पर चैनल गेटों में ताले भी
- 04 पॉइंट पर चौपाटी बंद होने के बाद होगी बैरिकेडिंग।
- सराफा बंद होते ही पुलिसकर्मी चैनल गेट पर लगाएंगे ताले, सुबह खोलेंगे।
- 06 बड़े बाजारों की बैकलेन साफ होने के साथ चैनलगेट से होगी सुरक्षित।
- पुलिस को दुकानों के कैमरे का एक्सिस देने वाले व्यापारी करेंगे मेनटेन।
इस तरह कैमरों के विजन में रहेंगी बाजार की 1200 से ज्यादा दुकानें और शोरूम
सराफा में एंट्रेंस के लिए प्रमुख चौराहे बजाज खाना चौक, कसेरा से पीपली बाजार, विजय चाट चौराहा, मोरसली व थाने वाला चौराहा प्रमुख हैं। यहां के मार्गों को कवर करने के लिए स्पेशल नाइट विजन कैमरे लगेंगे।
सराफा के हर दुकानदार व व्यापारी अपने यहां लगे सीसीटीवी कैमरे में से दो कैमरों का एक्सिस पुलिस को देंगे। जिसमें उनके शो-रूम या दुकान के आगे व पीछे का कैमरा पुलिस एक्सिस कर सकेगी।
दुकान के अंदर के कुछ प्रमुख भागों का भी वे एक्सिस दे सकते हैं जो उन्हें सहूलियत के आधार पर सही लगे और उनकी निजता भंग न हो। दुकान के अंदर के कैमरे की डीवीआर अलग से पुलिस के लिए एक्सिस करने वाली होगी।
पूरे बाजार में 65 कैमरे लगाने की तैयारी हो गई है। 17 कैमरे जो पुराने थे उन्हें भी मेनटेनेंस कर फिर से चालू करवाया जा रहा है। इसका प्रति माह मेनटेनेंस रजिस्टर भी बनेगा। जिसकी मॉनिटरिंग पुलिस अपने स्तर पर करेगी।
छोटे और बड़े सराफा की करीब 1200 से ज्यादा दुकानों की बैकलेन को चैनल गेट लगाकर रात में गश्त टीम खुद ताला लगाएगी। वहीं प्रभात गश्त के जवान इन तालों को खोलेंगे।
बंगाली कारीगरों का डेटा अपडेट होगा
सीएसपी तोमर ने बताया कि कई वारदातों में बंगाली कारीगर आरोपी पाए गए हैं। उनकी एसोसिएशन के साथ बैठकर कारीगरों सहित उनके परिवार के लोगों के आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड और फिंगर प्रिंट्स लेकर जानकारी और डेटा नए सिरे से अपडेट करवाएंगे।
पुलिस के साथ मिलकर बनाया सुरक्षा प्लान
पुलिस के साथ मिलकर व्यापारियों ने सराफा को सुरक्षित बनाने का प्लान बनाया है। छोटा सराफा, बड़ा सराफा, धान गली और सराफा में इंट्री के प्रमुख मार्गों पर नाइट विजन कुल 32 कैमरे लगवाए हैं। हर व्यापारी ने एक-एक कैमरा दुकान के बाहर व पीछे भी लगाया है।
– बसंत सोनी, उपाध्यक्ष सोना-चांदी जवाहरात व्यापारी एसो.

