अग्नि आलोक

*मध्य प्रदेश समाचार:13 करोड़ की स्टाम्प ड्यूटी चोरी, रियल एस्टेट माफिया और अधिकारियों की गुप्त डील का पर्दाफाश,भोपाल एयरपोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी,इंदौर में तैयार हुआ सिविल अस्पताल,सीएम डॉ. यादव उद्योगपतियों से करेंगे संवाद*

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13 करोड़ की स्टाम्प ड्यूटी चोरी, रियल एस्टेट माफिया और अधिकारियों की गुप्त डील का पर्दाफाश

 इंदौर में स्टाम्प ड्यूटी चोरी का बड़ा घोटाला सामने आया है जिसमें 13 करोड़ 32 लाख रुपए की राजस्व हानि हुई है। EOW ने एक्सक्लूसिव रियल्टी और सेवनहार्ट्स बिल्डकॉन के तीन बिल्डरों सहित रजिस्ट्रार कार्यालय के दो अफसरों पर मामला दर्ज किया है।

आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने इंदौर में 13 करोड़ 32 लाख 95 हजार रुपये की स्टाम्प ड्यूटी चोरी का मामला उजागर किया है। इस घोटाले में तीन नामी रियल एस्टेट कारोबारियों और रजिस्ट्रार कार्यालय के दो वरिष्ठ अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है। मामले में विवेक चुघ, हितेन्द्र मेहता और अजय कुमार जैन सहित वरिष्ठ जिला पंजीयक अमरेश नायडू और उप पंजीयक संजय सिंह के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

डीएलएफ गार्डन सिटी की जमीन की कम दर पर रजिस्ट्री
EOW के अनुसार, एक्सक्लूसिव रियल्टी के विवेक चुघ, सेवनहार्ट्स बिल्डकॉन एलएलपी के हितेन्द्र मेहता और अजय कुमार जैन ने पंजीयक कार्यालय के अधिकारियों के साथ मिलकर डीएलएफ गार्डन सिटी, मांगल्या रोड की जमीन को गलत गाइडलाइन दर पर रजिस्ट्री कराया। आरोपियों ने गाइडलाइन दर ₹50,800 प्रति वर्ग मीटर की जगह ₹14,200 प्रति वर्ग मीटर की दर से रजिस्ट्री कराई, जिससे शासन को करोड़ों का नुकसान हुआ। इसके लिए स्वीकृत नक्शे में हेरफेर कर भूमि का केवल आंशिक भाग अपलोड किया गया और क्षेत्र का नाम बदलकर मांगल्या गांव दर्शाया गया।

EOW ने दर्ज किया मामला, भ्रष्टाचार की धाराएं शामिल
DSP पवन सिंघल के मुताबिक, इस गड़बड़ी से शासन को कुल ₹13,32,95,106 का नुकसान हुआ है। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 318(4), 61(2), 338, 336(3), 340 और भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 (सी) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। मामले की विवेचना जारी है और अन्य संबंधित दस्तावेजों की जांच भी की जा रही है।

रजिस्ट्री कार्यालय पर उठे सवाल
इस खुलासे के बाद पंजीयन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासनिक मिलीभगत से बड़े स्तर पर राजस्व की हानि होना दर्शाता है कि कैसे अधिकारी और निजी कारोबारी साठगांठ कर सरकारी राजस्व को चूना लगा रहे हैं। मामले में आगे और भी नाम सामने आ सकते हैं।

मध्य प्रदेश के इन इलाकों में अतिभारी बारिश की चेतावनी, आठ इंच तक गिरेगा पानी

मध्य प्रदेश में स्ट्रांग सिस्टम एक्टिव होने की वजह से लगातार तेज बारिश का दौर चल रहा है। सोमवार को कई जिलों में तेज बारिश का दौर जारी रहा। मंगलवार को भी ऐसी स्थिति रहेगी। मंगलवार को सात जिलों में मौसम विभाग ने अति भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। जिसमें से नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। अगले 24 घंटे में यहां 8 इंच तक पानी गिर सकता है। सीहोर, हरदा, रायसेन, सागर, नरसिंहपुर, दमोह, जबलपुर, छतरपुर, पन्ना, कटनी, डिंडौरी, उमरिया में भारी बारिश हो सकती है। भोपाल, इंदौर में हल्की बारिश का दौर जारी रहेगा।

भोपाल में 3 किलोमीटर लगा जाम 
सोमवार को भोपाल में दिनभर रुक-रुककर कभी तेज, कभी रिमझिम बारिश होती रही। इस वजह से शाम को शहर के कई इलाकों में ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई। एमपी नगर थाने से नर्मदापुरम रोड तक करीब 3 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। मंदसौर के गांधीसागर डैम में सोमवार को राजस्थान के दो युवकों के शव मिले। वे कोटा से पिकनिक मनाने के लिए गरोठ के भानपुरा आए थे। डिंडौरी के मेहदवानी जनपद पंचायत क्षेत्र में धमनी-कुसेरा रोड बारिश से क्षतिग्रस्त हो गई। ये तीन साल पहले ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी थी। सड़क टूटने से इस रास्ते पर भारी वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। सीहोर जिले में पार्वती और पपनाश नदी भारी बारिश के चलते उफान पर हैं। पार्वती नदी पर हादसा होते-होते बचा। पानी पुल के ऊपर से बह रहा था। इस बीच ड्राइवर ने लोगों के मना करने के बाद भी कार नहीं रोकी और आगे जाकर वो फंस गई। लोगों ने कार सवार को बाहर निकाला। नर्मदापुरम के इटारसी में थाने और बाजार में पानी भर गया। वहीं, बालाघाट जिले के गांवों का सड़क संपर्क टूट गया।

इसलिए हो रही भारी बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिम बंगाल के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। वहीं मानसूनी ट्रफ लाइन उत्तर प्रदेश से होकर गुजर रही है, जो मध्य प्रदेश के मौसम को प्रभावित कर रही है। हवा के ऊपरी हिस्सों में एक द्रोणिका रेखा (ट्रफ) दक्षिण राजस्थान से लेकर पश्चिम बंगाल तक फैली हुई है, जो मध्य प्रदेश के बीच से होकर गुजर रही है। इसी कारण प्रदेश के अधिकांश जिलों में वर्षा होती रहेगी। विशेषकर पूर्वी मध्य प्रदेश के सागर, रीवा, शहडोल और जबलपुर संभागों में भारी वर्षा की संभावना है। वहीं, भोपाल संभाग के राजगढ़, सीहोर और विदिशा जिलों में भी अच्छी वर्षा होने की संभावना है। मौसम विभाग ने बताया है कि इन जिलों में तेज हवाएं भी चल सकती हैं। इसकी रफ्तार 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इसकी वजह से मंगलवार को अनूपपुर, बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडोरी, जबलपुर, कटनी, मंडला, नरिसंहपुर, सागर, सिवनी, शहडोल और उमरिया में बाढ़ जैसे हालात बन सकते हैं। लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

सिवनी में नौ घंटे में गिरा ढाई इंच पानी
प्रदेश के 30 से ज्यादा जिलों में सोमवार को तेज बारिश का दौर जारी रहा। सिवनी में नौ घंटे में ढाई इंच पानी गिर गया। पचमढ़ी-मलाजखंड में सवा इंच, शाजापुर, छिंदवाड़ा-शिवपुरी में 1 इंच, नर्मदापुरम-जबलपुर में पौन इंच, बैतूल में आधा इंच पानी गिरा।वहीं, भोपाल, उज्जैन, मंडला, उमरिया, नर्मदापुरम, बैतूल, शिवपुरी, डिंडौरी, बालाघाट, सीहोर, विदिशा, शाजापुर, आगर-मालवा, देवास, इंदौर समेत 30 जिलों में बारिश का दौर जारी रहा।

प्रदेश में अगले 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम

मंत्री विजयवर्गीय दे रहे लव जिहाद के मुद्दे को हवा, प्रदेशाध्यक्ष के सामने भी उठाया

प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की राजनीति में स्थानीय मुद्दों को उठाना शामिल है। इसे वे अक्सर बड़े राजनीतिक मंचों पर उठाते है। पहले मंत्री विजयवर्गीय इंदौर में अवैध नशा मिलने के मुद्दे को लगातार उठाते रहे है। अब वे लव जिहाद के मुद्दे अपने भाषण में शामिल कर रहे है। मंगलवार को जब इंदौर में नए प्रदेशाध्यक्ष इंदौर आए तब भी उन्होंने लव जिहाद के मामलों की बात छेड़ी, हालांकि नए प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने उस मुद्दे पर कुछ नहीं बोला।

पहले दे चुके है भोपाल के जनप्रतिनिधियों को हिदायत

लव जिहाद का मामला भोपाल में भी सामने आया था। तब काॅलेज छात्राएं कुछ मुस्लिम युवकों से संपर्क में थी और युवकों ने उन्हें प्रेमजाल में फंसा कर रेप भी किए। डेढ़ माह पहले इंदौर के ही आयोजन में विजयवर्गीय ने कहा था कि भोपाल में हर दिन हिन्दू युवती लव जिहाद का शिकार हो रही है। वहां के जनप्रतिनिधि क्या कर रहे है। उन्हें इसे रोकना चाहिए। अब इंदौर में लव जिहाद के लिए फंडिंग का मामला सामने आया तो इंदौर में भाजपा सम्मेलन के मंच पर विजयवर्गीय ने कहा कि लव जिहाद की घटनाएं सामने आना हमारे लिए शर्म की बात है। यह भाजपा के लिए बड़ी चुनौती है। इसे कार्यकर्ता रोके।

नशा बेचने वालों के नाम मालूम है

यह कोई पहला मौका नहीं है जब स्थानीय मुद्दों को विजयवर्गीय ने बेबाकी से उठाया। विधानसभा चुनाव के पहले जब इंदौर में गौरव दिवस मनाया गया था। तब तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सामने उन्होंने कहा था कि इंदौर में अवैध नशा खुलेआम बिक रही है। पुलिस को इस मामले में रोकथाम करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा था कि उन्हें बता है कि इंदौर में कौन नशा बेच रहा है और कहां से आ रहा है। इसके बाद शिवराज सिंह ने कहा कि पुलिस कानून हाथ में लेने वालों को छोड़ती नहीं है।

जुलूस के समय उज्जैन में बवाल, 16 के खिलाफ केस दर्ज; उन्मादियों ने बैरिकेड तोड़ने

मुहर्रम के जुलूस के दौरान मध्य प्रदेश के उज्जैन में बवाल की खबर है। पुलिस ने 16 उपद्रवियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। उन्मादियों ने बैरिकेड तोड़ने और प्रतिबंधित रास्ते से जाने की कोशिश की, जिससे तनावपूर्ण और अराजक हालात पैदा हो गए।

शहर में तनाव का माहौल
पुलिस और जुलूस में शामिल लोगों के बीच हुई झड़प में दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा। इस घटना ने न केवल स्थानीय प्रशासन को हिलाकर रख दिया, बल्कि शहर में तनाव का माहौल भी पैदा कर दिया।

प्रतिबंधित मार्ग से जाना चाहते थे उन्मादी
उज्जैन में हर साल की तरह इस बार भी मुहर्रम के अवसर पर हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी जुलूस निकाला गया। जुलूस की शुरुआत इमामबाड़ों से हुई, जिसमें हजारों लोग शामिल थे। ताजिए, परचम, और प्रतीकात्मक घोड़े (बुर्राक) के साथ जुलूस शहर के विभिन्न हिस्सों से होकर गुजर रहा था। पुलिस प्रशासन ने जुलूस के लिए पहले से ही एक निर्धारित मार्ग तय किया था, और आयोजकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि प्रतिबंधित क्षेत्रों में जुलूस नहीं ले जाया जाए। हालांकि, कुछ लोग उसी रास्ते से जाने पर अड़े रहे।

पुलिस को लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा
जुलूस में शामिल कुछ लोगों ने बैरिकेड्स पर धक्का-मुक्की शुरू कर दी। एक घोड़ा बैरिकेड्स से टकरा गया, जिससे वहां मौजूद पुलिसकर्मियों को धक्का लगा। स्थिति बिगड़ते देख पुलिस ने पहले मौखिक चेतावनी दी, लेकिन जब भीड़ बेकाबू होने लगी। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा। इस झड़प में दो पुलिसकर्मियों को चोटें आईं।

दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी पुलिस
उज्जैन पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के बाद सख्त रुख अपनाया। पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने बताया कि जुलूस के आयोजकों सहित 16 लोगों के खिलाफ दंगा भड़काने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। एसपी प्रदीप शर्मा के मुताबिक पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर आरोपियों की पहचान शुरू कर दी है। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

भोपाल एयरपोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, डायरेक्टर को भेजे ई-मेल की जांच में जुटी टीम

भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी ईमेल के जरिए मिली, जिससे हड़कंप मच गया। एयरपोर्ट डायरेक्टर की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। बम और डॉग स्क्वॉड ने तलाशी ली, पर कोई विस्फोटक नहीं मिला। धमकी की पुष्टि नहीं हुई।

बीते कुछ महीनों से लगातार भोपाल में अलग-अलग जगह बम उड़ाने की धमकी मिल रही है। ये चौथी धमकी है। एयरपोर्ट प्रबंधन ने भोपाल के गांधीनगर थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई है। गांधीनगर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) और विमानन सुरक्षा नियमों के तहत आपराधिक धमकी का मामला दर्ज किया है। बम डिस्पोजल स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड ने ऐहतियातन जांच की। हालांकि एयरपोर्ट पर संचालन नहीं रोका गया। पुलिस और साइबर सेल की टीमें अब इस धमकी भरे ईमेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी है। 

पहले भी मिली धमकी
बीते कुछ महीनों में भोपाल में यह चौथी ऐसी घटना है। जहां एयरपोर्ट सहित अन्य स्थानों जैसे निजी लैब और स्कूलों को भी बम धमकियां मिल चुकी हैं। जो बाद में फर्जी साबित हुई थीं। हाल के महीनों में देश के कई अन्य हवाई अड्डों जैसे बेंगलुरु, हैदराबाद, और कोलकाता को भी इसी तरह की धमकियां मिली हैं, जो जांच में फर्जी पाई गई थीं। 

श्रद्धालुओं को सेव टमाटर में परोसा गया मटन, हिन्दू नाम से ढाबा चला रहा मुस्लिम संचालक गिरफ्तार

मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में धूनीवाले दादाजी धाम की यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं के साथ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का बड़ा मामला सामने आया है। दरअसल गुरु पूर्णिमा पर्व पर धूनीवाले दादाजी धाम में दर्शन के लिए पूरे देश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु खंडवा पहुंच रहे हैं। धार्मिक आस्था से ओतप्रोत इन भक्तों का स्वागत जगह-जगह निशुल्क भंडारों और जलसेवा के माध्यम से किया जा रहा है, लेकिन इस श्रद्धा और भक्ति के माहौल को ठेस पहुंचाने वाली एक गंभीर और संवेदनशील घटना सामने आई है।

जानकारी के अनुसार, रविवार को बोरगांव बुजुर्ग गांव से पैदल यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं का एक समूह खंडवा के पंधाना थाना क्षेत्र के डुल्हार गांव के पास स्थित राजवीर ढाबा पर भोजन के लिए रुका। उन्होंने ढाबे से सेव टमाटर की सब्जी और रोटी मांगी, परंतु परोसे गए भोजन में मटन की मिलावट पाई गई। जब श्रद्धालुओं ने सब्जी में मांस के टुकड़े देखे, तो वे भड़क उठे और मौके पर हंगामा हो गया।

सूचना मिलते ही हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता घटनास्थल पर पहुंचे और पंधाना पुलिस को मामले से अवगत कराया गया। जांच में सामने आया कि ‘राजवीर ढाबा’ नाम से चल रहे इस प्रतिष्ठान को मुस्लिम युवक जावेद चला रहा था।

जादू-टोने के शक में युवक से दरिंदगी, दबंगों ने कमरे में बंद कर लाठी-डंडों से पीटा

कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम अमड़ी से सोमवार सुबह एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने एक बार फिर समाज में फैले अंधविश्वास की भयावह सच्चाई को उजागर कर दिया है। जादू-टोने के शक में गांव के ही कुछ दबंगों ने एक युवक को पहले कमरे में बंद किया और फिर लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटकर लहूलुहान कर दिया।

घटना सुबह करीब 10 बजे की बताई जा रही है, जब विशाल बैगा पिता धन्नू बैगा को गांव के ही भल्लू, सुरेन्दा, गुड्डा, गिरजा, नन्नी और जामवती ने पकड़ लिया और उसे जबरन एक कमरे में बंद कर दिया। आरोप है कि सभी हमलावर पीड़ित के ही पड़ोसी हैं। उन्होंने अंधविश्वास और जादू-टोने के शक में विशाल पर निर्ममता से हमला किया। विशाल को लाठी-डंडों से इतना मारा गया कि वह गंभीर रूप से घायल हो गया और उसके सिर में गहरी चोट आई हैं।

इस घटना में विशाल की पत्नी रेशमा बैगा भी बीच-बचाव के दौरान हमलावरों की दरिंदगी से नहीं बच सकी। रेशमा ने बताया कि जब वह अपने पति को बचाने पहुंची, तो आरोपियों ने उसे भी पीट-पीटकर घायल कर दिया। घटना की सूचना ग्रामीणों ने तुरंत 108 एंबुलेंस को दी, जिसके बाद घायल दंपती को जिला अस्पताल लाया गया। विशाल की हालत बेहद गंभीर है और वह बेहोशी की हालत में भर्ती है। यह घटना जिला मुख्यालय से महज 7-8 किलोमीटर की दूरी पर घटी है। पीड़ितों के मुताबिक उन्हें किसी तरह की पूर्व दुश्मनी नहीं थी, लेकिन आरोपियों ने जादू-टोने के संदेह मात्र पर यह जघन्य कृत्य कर डाला।

घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है। वहीं पीड़ित परिवार ने प्रशासन से दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते ऐसे मामलों में कड़ी सजा नहीं दी गई, तो अंधविश्वास के नाम पर हिंसा का यह सिलसिला थमता नहीं दिखाई देता। 

इंदौर में तैयार हुआ सिविल अस्पताल, 14 जुलाई को होगा लोकार्पण

नन्दानगर के इस नए अस्पताल में वह सारी सुविधाएं होंगी जो 50 बेड के सिविल हॉस्पिटल में होती है। ऑपरेशन थियेटर और पैथालॉजी लैब के अलाव आईसीयू बेड भी रहेंगे। फिलहाल अस्पताल में डाक्टर्स सहित लगभग 30 कर्मचारियों का स्टाफ रखा गया है।

नन्दानगर के इस नए अस्पताल में वह सारी सुविधाएं होंगी जो 50 बेड के सिविल हॉस्पिटल में होती है। ऑपरेशन थियेटर और पैथालॉजी लैब के अलाव आईसीयू बेड भी रहेंगे। अस्पताल में पुस्र्ष और महिला के अलावा बच्चों के अलग-अलग वार्ड होंगे। फिलहाल अस्पताल में डाक्टर्स सहित लगभग 30 कर्मचारियों का स्टाफ रखा गया है।इस सिविल हॉस्पिटल का वर्चुअली भूमिपूजन पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द ने 28 मई 2022 को किया था। 14 जुलाई को अस्पताल के लोकार्पण की तैयारी की जा रही है।

65 साल पहले बना था अस्पताल

इंदौर की श्रमिक काॅलोनी नंदानगर 65 साल से भी ज्यादा पुरानी है। काॅलोनी का लोकार्पण तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरु ने किया था। तब यहां पर अस्पताल,श्रमिक विद्यापीठ, स्कूल भी बनाए गए थे। उस वक्त प्रसूति अस्पताल भी बना था। पुरानी बिल्डिंग काफी खराब हो चुकी थी। उसे तोड़कर स्वास्थ्य विभाग ने नई बिल्डिंग बनाई और अस्पताल की सुविधाएं भी बढ़ाई। इंदौर में सालभर पहले कर्मचारी राज्य बीमा अस्पताल भी बनकर तैयार हो चुका है। 300 करोड़ रुपये की लागत से बने अस्पताल में 500 से ज्यादा मरीज हर दिन इलाज के लिए आते है।

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डेढ़ महीने तक चलेंगे एमपीपीएससी इंटरव्यू

मध्य प्रदेश राज्य सेवा परीक्षा-2023 के तहत 229 पदों के लिए साक्षात्कार प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्रतिदिन 60-65 अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। आठ विभागों के लिए चयनित 800 उम्मीदवारों को एडमिट कार्ड जारी किए जा रहे हैं।

मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) द्वारा आयोजित राज्य सेवा परीक्षा-2023 की अंतिम चरण की प्रक्रिया, यानी साक्षात्कार, सोमवार से शुरू होने जा रही है। इस बार आयोग ने साक्षात्कार प्रक्रिया में अहम बदलाव किए हैं। अब उम्मीदवारों को आवेदन पत्र में अपना उपनाम, मोबाइल नंबर और ई-मेल सहित अन्य व्यक्तिगत जानकारी भरने की आवश्यकता नहीं होगी। रोजाना 60 से 65 उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा। चयन प्रक्रिया के तहत उम्मीदवारों को फार्म में विभागों की प्राथमिकता देनी होगी। पहले यह इंटरव्यू 18 से 20 दिन में खत्म होते थे जो इस बार एक से डेढ़ माह तक चलेंगे। 229 पदों के लिए 800 अभ्यर्थी इंटरव्यू देंगे। 

 सीएस से तालमेल नहीं बैठने पर राजौरा को हटाया

राज्य सरकार ने रविवार को कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। इन बदलावों में मुख्यमंत्री कार्यालय, नगरीय प्रशासन और सहकारिता जैसे अहम विभागों में नए अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की टीम में यह बड़ा फेरबदल माना जा रहा है। मुख्यमंत्री सचिवालय से राजेश राजौरा को हटाकर नीरज मंडलोई को उनकी जगह लाया गया है।

राज्य सरकार ने रविवार को प्रशासनिक सर्जरी करते हुए वरिष्ठ IAS अधिकारियों के बड़े स्तर पर तबादले किए। वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले में सीएस अनुराग जैन का दबदबा साफ नजर आया। कई दिनों से मंत्रालय के गलियारों से यह खबरें आ रही थी कि राजौरा की जल्द विदाई होगी। हालांकि, कुछ दिन पहले ही यह तय हो गया था कि नीरज मंडलोई उनकी जगह लेंगे। मंडलोई सीएम के साथ ही मुख्य सचिव के भी सबसे विश्वस्त अधिकारी हैं। इस फेरबदल में मुख्यमंत्री सचिवालय, नगरीय प्रशासन और सहकारिता जैसे अहम विभागों में नेतृत्व बदला गया है।

सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री सचिवालय में अपर मुख्य सचिव रहे डॉ. राजेश राजौरा को मुख्य सचिव अनुराग जैन के साथ तालमेल नहीं बन पाने के कारण हटाया गया है। उनकी जगह नीरज मंडलोई को मुख्यमंत्री कार्यालय का नया अपर मुख्य सचिव बनाया गया है। मंडलोई मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की ‘गुड बुक’ में लंबे समय से माने जाते रहे हैं।  


पिछले साल जून में राजेश राजौरा को मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव के पद पर नियुक्त किया गया था। उस समय उनके साथ सीएमओ में दो प्रमुख सचिव और की भी तैनाती हुई थी। मुख्यमंत्री कार्यालय में कुल 9 आईएएस अधिकारियों की टीम बनाई गई थी, जिसकी कमान राजौरा के हाथ में थी। कुछ समय पहले वरिष्ठ आईएएस अधिकारी राघवेंद्र सिंह, संजय शुक्ल और भरत यादव को भी सीएमओ से हटा दिया गया था।

संजय दुबे को बड़ी जिम्मेदारी
वहीं, बताया जा रहा है कि नगरीय विकास एवं आवास विभाग के एसीएस संजय कुमार शुक्ल को मुख्य सचिव की नाराजगी के चलते हटाया गया है। उन्हें अब सामान्य प्रशासन विभाग का अपर मुख्य सचिव बनाया गया है। वहीं, मुख्यमंत्री की विश्वस्त सूची में शामिल संजय दुबे को नगरीय प्रशासन विभाग की कमान सौंपी गई है। यह विभाग इस समय बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शहरी विकास, मेट्रो परियोजनाएं, स्मार्ट सिटी जैसे बड़े प्रोजेक्ट प्रदेश में चल रहे हैं। 

डीपी आहूजा को मिली जिम्मेदारी, सिपाहा और सेलवेंद्रन को भी नई भूमिका
लंबे समय से ‘लूप लाइन’ में माने जा रहे डीपी आहूजा को अब महत्वपूर्ण सहकारिता विभाग का प्रमुख सचिव नियुक्त किया गया है। प्रबल सिपाहा, जो करीब साढ़े तीन साल से लोक सेवा आयोग के सचिव के रूप में कार्यरत थे, अब आयुक्त, उच्च शिक्षा बनाए गए हैं। वहीं, एम. सेलवेंद्रन, जो अब तक प्रभारी सचिव (कार्मिक) थे, को उनके प्रदर्शन को देखते हुए सचिव किसान कल्याण के पद से हटा कर कार्मिक सचिव सामान्य प्रशासन विभाग बनाया गया है।

राखी सहाय इंदौर में रहेंगी काबिज
2015 बैच की आईएएस अधिकारी राखी सहाय को मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग का सचिव बनाया गया है। वे पिछले कई वर्षों से इंदौर में ही विभिन्न पदों पर रही हैं। अब वे आयोग की सचिव बतौर इंदौर में ही काबिज रहेंगी। 

कमिश्नर और कलेक्टरों की सूची जल्द
वरिष्ठ अधिकारियों के तबादलों के बाद अब जल्द ही एक और सूची आएगी। इसमें प्रदेश के कमिश्नरों और कलेक्टरों के बड़े पैमाने पर तबादले हो सकते हैं।

9 आईएएस अधिकारियों के तबादले
नीरज मंडलोई- सीएम के एसीएस बने
राजेश राजौरा- एसीएस, नर्मदा घाटी विकास विभाग
संजय दुबे – एसीएस, नगरीय प्रशासन विभाग
संजय कुमार शुक्ल – एसीएस, सामान्य प्रशासन
डीपी आहूजा – प्रमुख सचिव, सहकारिता विभाग
एम. सेलवेन्द्रन – सचिव, कार्मिक, सामान्य प्रशासन
निशांत वरवड़े- सचिव, कृषि विभाग
प्रबल सिपाहा- आयुक्त, उच्च शिक्षा विभाग
राखी सहाय बनीं एमपीपीएससी की सचिव

सुबह गूंजे विट्ठला-विट्ठला के जयकारे, शाम को ताजियों के साथ गूंजे या हुसैन…या हुसैन के नारे

आषाढ़ी या पंढरपुरी एकादशी और मोहर्रम रविवार को इंदौर में एक साथ मनाए गए। शहर के मध्य हिस्से से सुबह से शाम तक धार्मिक जुलूस निकले। सुबह भगवान विट्ठल की पालकी कृष्णपुरा छत्री से पंढ़रीनाथ मंदिर तक पहुंची। भक्तों ने विट्ठला-विट्ठला के जयकारे लगाए तो शाम को मुस्लिम समाज ने ताजिए के साथ जुलूस निकालकर मातम मनाया। इस दौरान या हुसैन… या हुसैन… के नारे लगाए गए।शहर के मराठीभाषियों द्वारा सुबह निकाली गई दिंडी यात्रा के स्वागत के लिए मार्गों पर मंच लगाए गए थे। महिला व पुरुष पारंपरिक परिधानों में यात्रा में शामिल हुए। भगवान की पालकी फूलों से सजी हुई थी।

पालकी यात्रा का मंचों से स्वागत
शहर के मराठी समाज द्वारा सुबह निकाली गई पालकी यात्रा के स्वागत के लिए मार्गों पर मंच लगाए गए थे। महिला व पुरुष पारंपरिक परिधानों में यात्रा में शामिल हुए। भगवान की पालकी फूलों से सजी हुई थी। कृष्णपुरा छत्री पर सुबह दस बजे यात्रा में शामिल होने के लिए मराठीभाषी परिवार शामिल होने लगे थे। पुरुष कुर्ता पायेजामा और महाराष्ट्रीयन टोपी पहन कर आए थे तो महिलाएं लुगड़ा पहन कर यात्रा में शामिल हुई। यात्रा पंढ़रीनाथ मंदिर तक पहुंची। इसके बाद भक्तों ने पूजा अर्चना की और प्रसाद बांटा। रामबाग से भी पार्षद सुरेश टाकलकर ने एकादशी दिंडी यात्रा निकाली। इसमें नारायण बाग, पंत वैद्य काॅलोनी, जती काॅलोनी, रामबाग के लोग शामिल हुए। यात्रा में अण्णा महाराज भी शामिल हुए।

शहरभर में निकले ताजिए
शाम को मुस्लिम समाज ने हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मोहर्रम का जुलूस निकाला। समाजजन ताजिए लेकर निकले। सबसे पहले राजवाड़ा के समीप इमामवाड़ा से सरकारी ताजिया निकला। उसके बाद अलग-अलग क्षेत्रों से ताजिया लेकर आए लोग जुलूस में शामिल हुए। मन्नती शेर भी जुलूस में शामिल हुए। ताजिए के नीचे से अपनी मुराद पूरी करने की आस में लोग निकले। राजवाड़ा, गुरुद्वारा, मच्छीबाजार, मोती तबेला होते हुए जुलूस कर्बला मैदान तक पहुंचा। समाजजन या हुसैन या हुसैन के नारे लगाते हुए चल रहे थे। इसके बाद ताजिए ठंडे किए गए।

कांग्रेस के आंदोलन को देख अशोकनगर जिला प्रशासन ने निकाला आदेश, कांग्रेस बोली प्रदर्शन रोकने की साजिश

अशोकनगर में  8 जुलाई को कांग्रेस के प्रदर्शन को देखते हुए कानून व्यवस्था के लिए पुलिस बल को कार्यकर्ता की भीड़ को रोकने की व्यवस्था करने के आदेश जारी किया गया है। जिला प्रशासन के आदेश पर कांग्रेस ने सवाल उठाये हैं। कांग्रेस ने कहा कि आदेश विपक्ष को कुचलने वाला है। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में रविवार को पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी मुकेश नायक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने कहा कि अशोकनगर जिला प्रशासन कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए दमनात्मक तरीके अपना रहा है। बाहर से आने वाले कार्यकर्ताओं के लिए होटल, रेस्ट हाउस, गेस्ट हाउस तक उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। यहां तक कि लगभग 1000 अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई है।

संकटकालीन स्थिति में लागू होता ऐसा आदेश
मुकेश नायक ने कहा कि प्रशासन ने जिस अधिनियम के तहत यह आदेश जारी किया है, वह किसी संकटकालीन स्थिति में लागू होता है। लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ता तो खुद पुलिस का सहयोग कर रहे हैं और गिरफ्तारी देने को तैयार हैं। नायक ने कहा  कि जीतू पटवारी के खिलाफ दर्ज की गई FIR को निराधार बताया।

वीडियो पब्लिक डोमेन पर मौजूद
उन्होंने कहा कि अशोक नगर में एक युवक को कुछ लोगों ने मारपीट कर मल खिलाया था। इसके बाद उस युवक ने जगह -जगह जाकर न्याय की गुहार लगाई, लेकिन उसे न्याय नहीं मिला। जिसका वीडियो पब्लिक डोमेन पर मौजूद भी है। लेकिन जब एक विपक्ष के नेता जीतू पटवारी ने उसकी बात सुनी तो पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के बजाए उन्हीं के खिलाफ शिकायत दर्ज कर दी। इससे पता चलता है कि यह सरकार विपक्षी नेताओं को निशाना बनाकर लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचल रही है।

2 हजार से ज्यादा कार्यकर्ताओं के घर रुकने की व्यवस्था
मुकेश नायक ने कहा कि अशोकनगर के 2000 से ज्यादा कार्यकर्ताओं ने अपने घरों के बाहर कांग्रेस का घर लिख दिया है। साथ ही जीतू पटवारी समेत कई कांग्रेस नेता 8 जुलाई को ही अशोक नगर पहुंचेंगे। इससे पता चलता है कि कांग्रेस किसी पर निर्भर नहीं है। वह एकजुट होकर लड़ेगी। मुकेश नायक ने कहा कि कांग्रेस का आंदोलन कोई नई बात नहीं है। जब मैं युवा कांग्रेस का अध्यक्ष था, तब हमने एक दिन में 89 हजार लोगों की गिरफ्तारी दी थी। चार स्टेडियमों को अस्थायी जेल बनाना पड़ा था, लेकिन कहीं कोई हिंसा नहीं हुई।

लुधियाना में इंटरएक्टिव सेशन कल, सीएम डॉ. यादव निवेश के लिए उद्योगपतियों से करेंगे संवाद

मध्यप्रदेश में निवेश के नए द्वार खोलने की दिशा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में चल रही औद्योगिक संवाद श्रृंखला में प्रमुख इंटरएक्टिव सेशन लुधियाना में 7 जुलाई 2025 को होने जा रहा है। बैंगलुरु और सूरत में निवेशकों से मिले सकारात्मक प्रतिसाद के बाद अब लुधियाना में तीसरा इंटरएक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपोर्चूनिटीज इन मध्यप्रदेश आयोजित होगा। मुख्यमंत्री लुधियाना के प्रमुख उद्योगपतियों, टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर के निवेशकों के साथ सीधे संवाद करेंगे। यह आयोजन केवल विचारों के आदान-प्रदान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें संभावित निवेश प्रस्तावों पर ठोस चर्चा भी की जाएगी। मध्यप्रदेश की नई औद्योगिक नीति, सेक्टर-फोकस्ड रणनीतियां और ग्राउंड-रेडी इंफ्रास्ट्रक्चर इस संवाद का केंद्रीय आकर्षण होंगे।

लुधियाना की पहचान भारत के विनिर्माण हब के रूप में रही है, विशेष रूप से वस्त्र और मशीनरी निर्माण में लुधियाना की विशेष पहचान है। ऐसे में इस क्षेत्र के उद्यमियों का ध्यान मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं की ओर आकृष्ट करने के लिए यह सेशन महत्वपूर्ण साबित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्य की विशेष औद्योगिक परियोजनाओं जैसे एमपी टेक्सटाइल पार्क, पीएम मित्रा पार्क, इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी और फूड प्रोसेसिंग क्लस्टर विस्तार से जानकारी देंगे।

बैंगलुरु में आईटी और इनोवेशन से जुड़े निवेशकों के साथ संवाद और सूरत में टेक्सटाइल और डायमंड इंडस्ट्री के उद्योगपतियों से मिली अभूतपूर्व प्रतिक्रिया के बाद लुधियाना का यह सेशन उद्योग जगत के लिए एक और सुअवसर बनने जा रहा है जिसमें देश के हृदय स्थल मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं से परिचित होंगे ।मध्यप्रदेश विकल्प ही नहीं बल्कि प्राथमिक निवेश स्थल के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की यह यात्रा उद्योग जगत को यह विश्वास दिलाएगी कि निवेश केवल समझौते तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि नीति, प्रक्रिया और प्रदर्शन तीनों स्तर पर मध्यप्रदेश पूरी तैयारी के साथ भागीदार बनेगा।अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करें

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