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*यूपी के जेवर में लगेगी सेमीकंडक्टर यूनिट,मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला*

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मोदी कैबिनेट ने देश की छठी सेमीकंडक्टर यूनिट को मंजूरी दे दी है, जिससे तकनीकी क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता को मजबूती मिलेगी और चीन को कड़ा जवाब मिलेगा. यह यून‍िट यूपी के जेवर में लगेगी. इस परियोजना पर 3706 करोड़ रुपये की लागत आएगी और इससे करीब 2000 लोगों को रोजगार मिलेगा. यह यूनिट HCL और ताइवानी कंपनी Foxconn के संयुक्त उपक्रम के रूप में स्थापित की जाएगी. केंद्रीय मंत्री अश्व‍िनी वैष्‍णव ने इस फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि यह कदम भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला में बड़ी भूमिका दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण है.

अश्विनी वैष्णव ने बताया क‍ि भारत सेमीकंडक्टर मिशन के तहत यह यूनिट लगाई जाएगी. पांच सेमीकंडक्टर यूनिट का निर्माण अंत‍िम चरणों में है. यह छठां प्‍लांट होगा, जिसमें मोबाइल फोन, लैपटॉप, ऑटोमोबाइल, पीसी और अन्य डिस्प्ले वाले उपकरणों के लिए डिस्प्ले ड्राइवर चिप बनाया जाएगा. यह यूनिट हर महीने 20,000 वेफर की क्षमता से वेफर लेवल पैकेजिंग करेगी.

360 लाख चिप बनाई जाएंगी,  2,000 लोगों को सीधे रोजगार 
केंद्रीय मंत्री ने बताया क‍ि इस यूनिट में 360 लाख चिप बनाई जाएंगी. यहां से पूरे देश और दुन‍िया में इनका एक्‍सपोर्ट क‍िया जाएगा. सबसे खास बात, जेवर में बनाने से यूपी को काफी फायदा होगा और जेवर एयरपोर्ट होने की वजह से एक्‍सपोर्ट करना भी आसान होगा. इससे 2,000 लोगों को सीधे रोजगार मिलेगा.

दुन‍िया भर की कंपन‍ियां आ रहीं
भारत सेमीकंडक्टर मिशन की शुरुआत 2022 में हुई थी. अब तक 6 प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी जा चुकी है. निर्माण तेज गति से चल रहा है. 270 शैक्षणिक संस्थानों और 70 स्टार्टअप्स में छात्र सेमीकंडक्टर तकनीक सीख रहे हैं. सेमीकंडक्टर क्षेत्र से जुड़ी कंपनियां जैसे केमिकल, गैस और उपकरण निर्माता भारत में अपने प्लांट स्थापित कर रही हैं. अप्‍लायड मैटेर‍ियल और लैम रिसर्च अब भारत में मौजूद हैं. Merck, Linde, Air Liquide, Inox और कई अन्य गैस और केमिकल सप्लायर्स भारत के सेमीकंडक्टर सेक्टर में काम करने के ल‍िए उतर रहे हैं.

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