यदि आप अपनी हर व्यक्तिगत जानकारी ऑनलाइन पोस्ट करते हैं तो आपके लिए आपकी व्यक्तिगत जानकारी को सुरक्षित रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। यह बात स्कूल ऑफ कम्प्युटर साइन्स (SCS-IT), देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) इंदौर के विद्यार्थियों के लिए में दीन दयाल उपाध्याय कौशल केंद्र (DDUKK) के के द्वारा आयोजित सत्र “सोशल मीडिया फ़ेक्ट्स एण्ड सेक्यूरिटी” विषय पर आयोजित सेमिनार मे मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्तर साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ प्रो. गौरव रावल ने कहीं।

प्रो. रावल ने बताया कि हमे अपने सभी सोशल मीडिया प्रोफ़ाइल (जैसे: फेसबुक, व्हाट्सअप, इंस्टाग्राम, ट्विटर आदि) पर टू फेक्टर आथिंटीकेशन फीचर को इनेबल करके रखना चाहिए। उन्होने यह भी बताया की सभी सोश्ल मीडिया प्लैटफ़ार्म हमारे द्वारा शेयर की गई जानकारी को बेचते हैं और साइबर ठग इसी जानकारी का हमारे ही खिलाफ उपयोग कर सायबर अपराध को अंजाम दे रहे हैं। उन्होने कोई भी रिमोट एक्सैस एप्लीकेशन (जैसे: टीमव्यूअर, एनिडेस्क, क्विक सपोर्ट, ज़ोहों असिस्ट) को डाउनलोड न करने की सलाह छात्रो को दी।
प्रो. रावल ने विशेष तौर पर छात्र छात्राओं को किसी भी प्रकार के ऑनलाइन लोन एप्प को डाउनलोड न करने की सलाह दी, साथ ही इन लोन एप्स की प्रामाणिकता जाचने के लिए सिबिल (क्रेडिट इन्फॉर्मेशन ब्यूरो लिमिटेड) पोर्टल पर जाकर चेक करने के बारे मे जानकारी भी दी। *उन्होने बताया की आप दूर संचार विभाग की वैबसाइट https://tafcop.dgtelecom.gov.in/ पर जाकर यह चेक कर सकते हैं की आपके मोबाइल नंबर का उपयोग किसी ऑनलाइन लोन या क्रेडिट कार्ड बनवाने की लिए तो नहीं किया गया है* यदि हाँ तो आप इस पोर्टल पर लॉगिन करके अपने मोबाइल नंबर को डी-लिंक कर सकते हैं।
उन्होंने सोशल मीडिया पर रखने वाली सावधानीयो के बारे मे बताते हुए बताया कि अपनी सभी सोशल प्रोफ़ाइलो को लॉक करके या प्राइवेट पर सेट करें। इंस्टाग्राम पर आये संदिग्ध डीएम को ओपन करने से बचें। *श्री रावल ने बताया की किस प्रकार आप बिना पुलिस के पास जाए भी कोई फेसबुक या इंस्टाग्राम आईडीआई (ID) को रिपोर्ट करके ब्लॉक करवा सकते हो।* इस अवसर पर संस्था की निर्देशिका डॉ. माया इंगले व प्राध्यापिका अंशिका जैन भी उपस्थित थी।