भोपाल
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री महेश जोशी का निधन हो गया। वे 78 वर्ष के थे। जोशी पिछले कई दिनों से बीमार चल रहे थे। उन्हें भोपाल के एक निजी अस्पताल में भर्ती किया था। जहां उन्होंने शुक्रवार रात 10 बजे अंतिम सांस ली। इससे पहले उनका दिल्ली में इलाज चल रहा था। जोशी यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष रहे हैं। दिग्विजय सरकार में 20 सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के अध्यक्ष रहे हैं। इसके अलावा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव रहे।
उनकी पार्थिव देह 10 अप्रैल शनिवार सुबह 11 बजे भोपाल से इंदौर पहुंचेगी। अंतिम यात्रा निज निवास E-1 ओल्ड पलासिया, इंदौर से दोपहर 1 बजे निकलकर रामबाग मुक्तिधाम पहुंचेगी।
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ समेत नेताओं ने ट्वीट कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
दिग्विजय सिंह ने कहा:जब भी परेशानी में होता, महेश भाई के पास पहुंच जाता, वे गुरुमंत्र दे देते, आज मैंने बड़ा भाई, अपना सबसे करीबी शख्स खो दिया
महेश जोशी। उनके निधन का समाचार जैसे ही मैंने सुना। मैं स्तब्ध रह गया। वे न सिर्फ मेरे राजनीतिक गुरु थे, बल्कि मेरे बड़े भाई, पितातुल्य थे। जिंदगी में मैंने उनसे बहुत कुछ सीखा। उन्होंने मुझे बहुत कुछ सिखाया। उनके साथ के इतने किस्से कि कई किताबें लिखी जा सकती हैं, लेकिन आज ऐसा लगा जैसे सब कुछ थम सा गया। शुरू से वे मुझे मार्गदर्शन देते रहे।
कांग्रेस अध्यक्ष, सीएम रहते हुए और उसके बाद भी जब भी मार्गदर्शन की जरूरत होती थी, मैं सीधे उनके पास जाता था। वे एक कुशल मार्गदर्शक थे। जब भी मुझे कोई परेशानी, दिक्कत होती थी, मैं उनके पास जाता था। न सिर्फ सलाह बल्कि उसको कैसे सफलतापूर्वक किया जाए, इसका एक तरह से गुरुमंत्र वे मुझे देते थे। अपनी बात वे बेबाकी से बोलते थे। स्पष्टवादी थे। मेरे जीवन में सबसे नजदीकी व्यक्ति यदि कोई था तो वे महेश जोशी जी थे। उनके नहीं रहने से जीवन में शून्यता आ गई।
जनहित में उनके किए कार्य कोई नहीं भुला सकता
पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कांग्रेस पार्टी के प्रति उनका समर्पण, जनहित में उनके किए गए कार्य, उनकी स्पष्टता, बेबाकी, जिंदादिली, लोगों को अपना बनाने की शैली कभी भुलाई नहीं जा सकती।
ऐसा बेबाक नेता नहीं देखा, सीएम भी फैसले नहीं बदलते
जोशी के करीबी रहे वरिष्ठ कांग्रेस नेता पं. कृपाशंकर शुक्ला ने कहा मैंने जोशी जैसा बेबाक, दबंग नेता अपनी राजनीति में कभी नहीं देखा। मंत्री रहते हुए यदि उन्होंने किसी का एक बार ट्रांसफर कर दिया तो सीएम भी उसे निरस्त नहीं कर सकते। नर्मदा आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाई। मजदूरों के लिए आंदोलन किया। दिग्विजय सिंह सरकार में राजकुमार मिल के मजदूरों को 54 दिन का पैसा दिलवाया।
बेबाकी ऐसी…
जोशी अपनी बात बेबाकी से कहते थे। विधानसभा चुनाव के पहले 2017 में स्व. इंदिरा गांधी जन्म शताब्दी समारोह का आयोजन इंदौर में किया, तब बेबाकी से बात कहते हुए कहा था कि ‘प्रदेश में दिग्विजय सरकार के दूसरे कार्यकाल में सिंह का व्यवहार ही नहीं, नीतियां भी खराब हो गई थीं। इसीलिए प्रदेश में कांग्रेस सत्ता से बाहर हुई। तब चुनाव के एक साल पहले उन्होंने सरकारी कर्मचारियों से पंगा ले लिया, ऐसा वही व्यक्ति कर सकता है जिसको अगली बार सरकार न बनानी हो।
जीवन परिचय : वन और स्वास्थ्य मंत्रालय संभाला
विधानसभा क्षेत्र 1 और विधानसभा क्षेत्र 3 से विधायक रहे। वन मंत्री, स्वास्थ्य मंत्री रहे। ओलंपिक संघ के पूर्व अध्यक्ष रह चुके। युवक कांग्रेस में राष्ट्रीय महासचिव भी रहे। पचमढ़ी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन की कमान संभाली। लंबे समय तक प्रदेश कांग्रेस में महामंत्री भी रहे।

