भोपाल। शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली प्रदेश की भाजपा सरकार पूरी तरह से नंगी तानाशाही पर उतर आई है। सोमवार सुबह भारी पुलिस बल ने बिना सर्च वारंट के माकपा के प्रदेश कार्यालय बी टी आर भवन में घुस कर माकपा के राज्य समिति के वरिष्ठ सदस्य और आशा उषा कर्मियों के प्रदेश अध्यक्ष श्री ए टी पद्मनाभन क़ो गिरफ्तार कर लिया पुलिस बल यहीं नहीं रुका उन्होंने माकपा राज्य सचिव मंडल के सदस्य और सीटू के प्रदेश अध्यक्ष रामविलास गोस्वामी से मोबाइल छीन कर उनके बहुत सारे फोटो और दस्तावेज डिलीट कर दिए।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी शिवराज सरकार की बढ़ती तानाशाही की निंदा करते हुए कहना चाहती है कि शिवराज सरकार मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनितिक दल के कार्यालय में ही पुलिस क़ो बिना आदेश ही नहीं घुसा रही है, बल्कि आम नागरिकों के जनतान्त्रिक अधिकारों का भी हनन कर रही है। आशा उषा कर्मियों क़ो प्रदर्शन के लिए अनुमति न देना और उनके नेता श्री ए टी पद्मनाभन क़ो बिना किसी कारण और वारंट के बार बार गिरफ्तार करना भाजपा सरकार की जनविरोधी मानसिकता क़ो ही उजागर करता है।
शिवराज सिंह अपने आपको प्रदेश की महिलाओं का भाई बताते है लेकिन दुनिया भर में मनाये जाने वाले अंतराष्ट्रीय महिला दिवस को मनाने की भोपाल मे अनुमति नहीं दी गई है।
माकपा राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने कहा है कि ज़ब विधानसभा का सत्र शुरू हो रहा है। प्रदेश का हर नागरिक चाहता है कि उसकी भावनाओं की अभिव्यक्ति विधानसभा सभा में हो, तब यह गिरफ्तारी और भी निंदनीय है।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी इस घटना की निंदा करते हुए समस्त राजनीतक दलों और धर्मनिरपेक्ष व जनवादी ताकतों से इसका प्रतिरोध करने की अपील करती है।
माकपा ने अपनी समस्त इकाइयो से तत्काल विरोध कार्यवाहियाँ आयोजित करने का आव्हान किया है
माकपा प्रदेश कार्यालय में घुसी पुलिस, वरिष्ठ माकपा नेता ए टी पद्मनाभन गिरफ्तार

