भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऑलराउंडर पूजा वस्त्राकर को रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) ने आगामी महिला प्रीमियर लीग (WPL) 2026 के लिए 85 लाख रुपये में अनुबंधित किया है। हालांकि, पिछले डेढ़ साल से कंधे की गंभीर चोट के कारण पूजा मैदान से दूर हैं और उनका रिहैबिलिटेशन प्रक्रिया अभी चल रही है। वह अपने खेल में वापसी करने के लिए लगातार मेहनत कर रही हैं, और उनकी वापसी में लगन और संघर्ष की एक प्रेरणादायक है।
चोट के चलते ब्रेक, फिर भी उम्मीद की किरण
पूजा वस्त्राकर ने 2024 के टी20 वर्ल्ड कप के बाद लगी चोट के कारण लंबे समय तक क्रिकेट से दूरी बनाई। इस चोट के चलते उन्हें न केवल इलाज बल्कि पुनर्वास की प्रक्रिया से भी गुजरना पड़ा। उनके इस संघर्ष को ध्यान में रखते हुए, RCB ने उन्हें 85 लाख रुपये में अपनी टीम में शामिल किया है।
क्रिकेट यात्रा की शुरुआत
मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में जन्मी पूजा का क्रिकेट करियर स्थानीय गलियों से शुरू हुआ, जहाँ उन्होंने लड़कों के साथ खेलना शुरू किया। उनके परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य थी, लेकिन स्थानीय कोच आशुतोष श्रीवास्तव ने उनके खेल को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पूजा ने 2018 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया और तब से उन्होंने तीनों प्रारूपों में भारत का प्रतिनिधित्व किया। पूजा आज भी शहडोल आती है तो वह गांधी स्टेडियम जरूर जाती है।
करियर के आंकड़े और उपलब्धियां
पूजा का अंतरराष्ट्रीय करियर काफी सफल रहा है। उन्होंने 33 वनडे में 585 रन और 27 विकेट, 72 टी20 अंतरराष्ट्रीय में 58 विकेट, और 5 टेस्ट में 15 विकेट प्राप्त किए हैं। उनके टी-20 में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 4 विकेट लेकर 13 रन देना और वनडे में 4 विकेट लेकर 34 रन देना अद्वितीय रहा है। उनकी दूसरी वनडे पारी में नौंवे नंबर पर बनाए गए 51 रन ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। इसके अलावा, एशियन गेम्स 2023 में बांग्लादेश के खिलाफ उनके 4 विकेट ने भारत को फाइनल में पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
WPL और भविष्य की संभावनाएं
2023 की WPL में पूजा की नीलामी में मुंबई इंडियंस ने उन्हें 1.90 करोड़ रुपये में खरीदा, जो किसी भी मध्य प्रदेश की महिला खिलाड़ी के लिए एक बड़ी उपलब्धि थी। हालांकि, चोट के कारण वह WPL 2025 का हिस्सा नहीं बन पाईं। अब, वह बेंगलुरु में BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में अपनी फिटनेस पर लगातार काम कर रही हैं।कोच आशुतोष श्रीवास्तव ने पूजा के बारे में कहा, उनकी मेहनत और समर्पण ने उन्हें यहां तक पहुंचाया है। पूजा की बहन ऊषा वस्त्रकार ने बताया कि पूजा अभी दिवाली के समय घर आई थी, दो दिनों तक वह घर में थी, और बेंगलूर चली गई।पूजा के घर में आज सब की निगाहे टीवी पर टिकी थी,अमर उजाला की टीम जब घर पहुंची तो पूजा के पिता उनकी बहन ऊषा और भांजे टीवी में निगाहे गड़ाए हुए थे।

