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शहीद चंद्रशेखर आजाद का बलिदान दिवस आज:बुआ के साथ वाले फोटो से बॉक्स कैमरे की मदद से खींची थी आजाद की तस्वीर

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झाबुआ

27 फरवरी 1931 काे इलाहबाद में शहीद हुए चंद्रशेखर आजाद का आज बलिदान दिवस है। आजाद का जन्म तब के भाबरा गांव में हुआ था। अब भाबरा चंद्रशेखर आजाद नगर बन चुका है और आलीराजपुर जिले की सीमा में है।

आजाद की पुण्यतिथि पर उनके जीवित अवस्था के आमतौर पर उपलब्ध दो फोटो में से एक की कहानी हम लेकर आए हैं। ये फोटो उस वक्त के ख्यातनाम फोटोग्राफर दिवंगत आनंदीलाल पारीक ने बॉक्स कैमरे से फोटो से फोटो खींचकर बनाया था। इसके लिए मुंबई से प्लेट मंगवाकर कम्पोज किया गया था। आनंदीलाल पारीक के बेटे कृष्णा ने बताया, साल 1958 या 59 में भाबरा में आजाद का अस्थिकलश लाया गया था। तब उनके सिंगल फोटो की जरूरत पड़ी। इसके लिए आनंदीलाल पारीक को झाबुआ से बुलवाया गया।

पारीक को आजाद के परिवार के लोगों ने एक फोटो दिया। फोटो में एक खाट पर वो उनकी बुआ के साथ बैठे हैं। पारीक ये फोटो लेकर घर आए। तब बिजली भी नहीं थी। लकड़ी से बना बड़ा बॉक्स कैमरा था, जिसमें निगेटिव के तौर पर कांच की प्लेट लगती थी। पारीक ने घर के बाहर धूप में इस फोटो से आजाद का फोटो खींचा और कम्पोज करके प्रिंट बनाई। ये फोटो धर्मयुग पत्रिका में भी प्रकाशित हो चुका है।

कुल चार फोटो ही आमतौर पर मिलते हैं
चंद्रशेखर आजाद के सामान्यत: चार फोटो देखने को मिलते हैं। इनमें से दो जीवनकाल के हैं और दो उनकी शहादत के बाद इलाहबाद के अल्फ्रेड पार्क के। जो दो फोटो हैं, उनमें एक आनंदीलाल पारीक का ग्रुप फोटो से बनाया ये वाला फोटो है और दूसरा मूंछ पर ताव देते हुए स्टूडियो में खींचा गया फोटो। आजाद के फोटो इसलिए भी कम हैं, क्योंकि वो पहचान छिपाकर काफी समय रहे।

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