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शर्मनाक हरकत,भीकनगांव के सरकारी कॉलेज में बनाई गई आपत्तिजनक रील

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खरगोन. जिले के भीकनगांव स्थित टंट्या मामा शासकीय महाविद्यालय में बनाई गई आपत्तिजनक रील का मामला तूल पकड़ रहा है. वीडियो में इस्‍तेमाल की गई भाषा ऐसी है कि हम इस वीडियो को इस खबर के साथ नहीं लगा रहे हैं. शिक्षा के मंदिर में बनाई गई इस वीडियो को लेकर तमाम संगठन विरोध कर रहे हैं. बताया जा रहा है कि यह मामला सिर्फ एक आपत्तिजनक रील तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सरकारी शैक्षणिक संस्थानों में अनुशासन, निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है. कॉलेज परिसर, जिसे शिक्षा और संस्कार का केंद्र माना जाता है, वहीं पढ़ाई के दौरान छात्रों द्वारा गाली-गलौज से भरी रील का बनाया जाना और उसका सोशल मीडिया पर वायरल होना पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया है. इस घटना ने कॉलेज प्रशासन की भूमिका और लापरवाही को भी उजागर किया है. वीडियो में अपशब्दों का प्रयोग किया गया है और इसे बाहरी युवकों के साथ कॉलेज परिसर में शूट किया गया. घटना के बाद छात्रों में आक्रोश है और कॉलेज प्रशासन ने पूछताछ के बाद सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है.

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कॉलेज परिसर का स्पष्ट रूप से इस्तेमाल किया गया है, जहां छात्रों के साथ बाहरी युवक भी नजर आ रहे हैं. वीडियो में अपशब्दों का प्रयोग न सिर्फ कॉलेज की गरिमा को ठेस पहुंचाता है, बल्कि छात्राओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा रहा है. छात्रों और अभिभावकों के बीच आक्रोश इसलिए भी है क्योंकि यह सब 23 और 24 जनवरी को हुआ, लेकिन लंबे समय तक कॉलेज प्रबंधन को इसकी भनक तक नहीं लगी. यही कारण है कि यह मामला सिर्फ वायरल रील नहीं, बल्कि सिस्टम की खामियों की ओर इशारा करता है.

कैसे सामने आया पूरा मामला
बताया जा रहा है कि टंट्या मामा शासकीय महाविद्यालय भीकनगांव में कुछ छात्रों ने बाहरी युवकों के साथ मिलकर कॉलेज परिसर में आपत्तिजनक रील शूट की. रील में खुलेआम अपशब्दों का इस्तेमाल किया गया, जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल हो गई. वीडियो सामने आते ही कॉलेज के नियमित छात्रों में नाराजगी फैल गई और उन्होंने कॉलेज प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की.

छात्रों में आक्रोश, सुरक्षा पर सवाल
कॉलेज के छात्रों का कहना है कि बाहरी युवकों की बेरोकटोक एंट्री से पहले भी कई बार असहज स्थिति बनी है. छात्राओं की सुरक्षा को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस व्यवस्था नजर नहीं आती.

कॉलेज प्रशासन की प्रतिक्रिया
रील वायरल होने और शिकायत मिलने के बाद कॉलेज प्रशासन हरकत में आया. प्रभारी प्राचार्य लक्ष्मण डाबर ने संबंधित छात्रों को बुलाकर पूछताछ की. उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रों ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी है और भविष्य में इस तरह की गलती न दोहराने का आश्वासन दिया है. साथ ही प्रशासन ने सख्त चेतावनी दी है कि दोबारा ऐसी घटना सामने आने पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.

सरकारी कॉलेजों में बढ़ती लापरवाही
यह घटना अकेली नहीं है. हाल के वर्षों में कई सरकारी कॉलेजों से इस तरह के वीडियो और विवाद सामने आ चुके हैं. सवाल यह है कि जब कॉलेज परिसरों में सुरक्षा गार्ड, सीसीटीवी और अनुशासन समिति मौजूद हैं, तब ऐसी घटनाएं कैसे हो रही हैं. सोशल मीडिया के दौर में थोड़ी सी लापरवाही पूरे संस्थान की साख पर भारी पड़ सकती है. शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ाई के साथ अनुशासन और सुरक्षित वातावरण उतना ही जरूरी है. अगर समय रहते प्रशासन ने सख्त कदम नहीं उठाए, तो ऐसी घटनाएं छात्रों के भविष्य और कॉलेज की प्रतिष्ठा दोनों को नुकसान पहुंचा सकती हैं.

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