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बंगाल में बढ़ती BJP को रोकने TMC के साथ उतरेंगे शरद पवार, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव और हेमंत सोरेन

Lucknow: Samajwadi Party (SP) chief Akhilesh Yadav and Rashtriya Janata Dal (RJD) leader Tejashwi Yadav shake hands during a joint press conference at SP office, in Lucknow, Monday, Jan. 14, 2019. (PTI Photo/Nand Kumar)(PTI1_14_2019_000076B)

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कोलकाता
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के दौरान एक अनोखी एकता देखने को मिलेगी। यहां भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ विपक्षी दलों ने न सिर्फ तृणमूल कांग्रेस को समर्थन दिया बल्कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए कैंपेन भी करेंगे। ममता के लिए चुनाव प्रचार करने वालों की लिस्ट में नैशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) अध्यक्ष शरद पवार, झारखंड के मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष हेमंत सोरेन, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और राष्ट्रीय जनता दल नेता तेजस्वी यादव शामिल हैं।

मोदी-ममता में जंग
तृणमूल कांग्रेस के सूत्रों के मुताबिक शरद पवार ने तारीखें भी तय कर दी हैं। बंगाल में चुनाव को अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ममता बनर्जी के बीच जंग माना जा रहा है। ऐसे में बीजेपी विरोधी दल देशभर में ममता के समर्थन में उतरने लगे हैं। दिलचस्प बात यह है कि कांग्रेस-लेफ्ट-आईएसफ गठबंधन को छोड़कर टीएमसी के साथ खड़े हो रहे हैं। यह गठबंधन भी टीएमसी के खिलाफ हमलावर हो रहा है।

बिना चुनाव के प्रचार
लेफ्ट पार्टियां आमतौर पर राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस के साथ होती हैं और एनडीए-बीजेपी के खिलाफ। वहीं, NCP, JMM, RJD, SP पहले कांग्रेस के साथ आते-जाते रहे हैं। बंगाल में ऐसा पहली बार देखने को मिला है कि जहां ये पार्टियां चुनाव नहीं लड़ रही हैं, वहां भी बड़े नेता समर्थन दे रहे हैं। बंगाल की सीमा झारखंड और बिहार से लगती है और वहां के लोगों के साथ-साथ वहां रह रहे उत्तर प्रदेश के लोगों को भी लुभाने की कोशिश इन पार्टियों के नेताओं के जरिए की जाएगी।

बढ़ती बीजेपी है परेशानी
बंगाल में चुनाव भी टीएमसी और लेफ्ट के बीच हुए हैं। कांग्रेस या बीजेपी जैसे राष्ट्रीय दल यहां कई साल तक बड़ी भूमिका में नहीं रहे। बनर्जी ने जब से अपनी पार्टी बनाई, कांग्रेस राज्य में सिमटती चली गई। वहीं, 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी का भी बड़ा आधार नहीं था। हालांकि, अब बीजेपी टीएमसी के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुकी है। ऐसे में विपक्षी दलों के सामने उसे रोकना अलग ध्येय बन चुका है।

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