राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार की सेहत सोमवार को अचानक बिगड़ गई. उन्हें बारामती से पुणे के रूबी हॉल क्लिनिक ले जाया गया है. पवार के कार्यालय ने बताया कि उन्हें बुखार और खांसी की शिकायत है. 85 वर्षीय नेता की जांच डॉक्टरों की विशेष टीम कर रही है. समर्थक उनकी अच्छी सेहत के लिए प्रार्थना कर रहे हैं. फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है.
सोमवार को अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें बारामती से पुणे ले जाया गया है. पुणे के प्रसिद्ध रूबी हॉल क्लिनिक में उनका उपचार शुरू किया गया है. शरद पवार के कार्यालय द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, उन्हें पिछले कुछ समय से तेज बुखार और लगातार खांसी की समस्या हो रही थी. 85 वर्षीय दिग्गज नेता की सेहत में गिरावट की खबर मिलते ही समर्थकों में चिंता की लहर दौड़ गई है.
डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनकी जांच कर रही है. प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, उन्हें फिलहाल आराम करने की सलाह दी गई है. उनकी उम्र और राजनीतिक व्यस्तता को देखते हुए डॉक्टर कोई जोखिम नहीं लेना चाहते. पुणे के अस्पताल के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है. शरद पवार के परिवार के सदस्य भी अस्पताल पहुंच रहे हैं. उनके स्वास्थ्य से जुड़ी हर अपडेट पर देशभर के राजनीतिक गलियारों की पैनी नजर बनी हुई है.
डॉक्टर ने क्या कहा?
रूबी हॉल अस्पताल प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, शरद पवार को खांसी की परेशानी होने के कारण पहले उनकी जांच की जाएगी और उसके बाद यह फैसला लिया जाएगा कि उन्हें अस्पताल में भर्ती किया जाए या घर भेजा जाए. आज सुबह से ही शरद पवार को खांसी की समस्या है. रूबी हॉल के डॉ. ग्रांट ने जानकारी दी कि अगले कुछ समय में शरद पवार की जांच की जाएगी. जांच के बाद यह तय किया जाएगा कि उन्हें कौन-सा इलाज दिया जाना है और अगर जरूरत पड़ी तो उन्हें अस्पताल में भर्ती किया जाएगा. स्थिति के अनुसार आगे का निर्णय लिया जाएगा.
शरद पवार की बढ़ती उम्र
शरद पवार पिछले काफी समय से सक्रिय राजनीति से दूरी बनाए हुए हैं. उम्र के इस पड़ाव पर वे केवल मार्गदर्शक की भूमिका में नजर आते हैं. बेटी सुप्रिया सुलेह ही पार्टी की जिम्मेदारी संभालती है. पवार परिवार में पड़ी फूट ने उन्हें मानसिक और राजनीतिक रूप से काफी प्रभावित किया है. भतीजे अजित पवार के बगावती तेवर और अलग राह चुनने के बाद परिवार की एकजुटता पूरी तरह बिखर गई थी. राजनीति के इस उतार-चढ़ाव के बीच परिवार में कुछ दुखद घटनाएं भी हुईं. पवार फैमिली के करीबी सदस्यों और कुछ समय पूर्व अजित पवार के निधन की खबरों ने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया था. जानकार बताते हैं कि शरद पवार भतीजे अजित गुट और उनकी पार्टी को फिर से जोड़ना चाहते हैं.

