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बागेश्वरधाम में गूंजेगी शहनाई,धीरेंद्र शास्त्री जल्द बनेंगे दूल्हा

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धीरेंद्र शास्त्री जल्द ही विवाह बंधन में बंधने जा रहे हैं। अपने विवाह को लेकर पहली बार वे खुलकर बोले हैं। खजुराहो में उन्होंने कहा कि, गुरु आज्ञा से विवाह होगा। मैंने मां से बोला है, बिटिया देखना शुरू करो…उन्होंने दोहराया कि उनका विवाह होगा और जल्द खुशखबरी सुनाएंगे। वे मई में एक महीने के लिए बद्रीनाथ में साधना के लिए जा रहे हैं।

देश-दुनिया में सनातन का झंडा बुलंद करने वाले बागेश्वरधाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री ने अपने विवाह को लेकर बड़ी बात कही है। उन्होंने कैमरों के सामने कहा कि विवाह निश्चित रूप से होगा और जल्द अच्छी खबर मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि विवाह गुरु आज्ञा और मां की पसंद से होगा। मैंने मां को बोला है, लड़की देखना शुरू करो।

धीरेन्द्र शास्त्री ने बागेश्वरधाम में माइक थामकर, ऐसी बात कह दी कि एक बार फिर वे सुर्खियों में आ गए उनके अनुयाईयों में खुशी की लहर दौड़ गई और। जब उनसे किसी ने पूछा कि शादी कब तक करेंगे तो उन्होंने खुलकर कहा कि, शादी करना तय है और बहुत जल्द खुशखबरी भी मिलेगी। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि मैंने आज ही मां को बोल दिया है, लड़की देखना शुरू करें। उनका विवाह मां की पसंद की लड़की और गुरु आज्ञा से होगा। गुरु की आज्ञा मिल चुकी है। उन्होंने अपनी बात जारी रखते हुए कहा कि, शादी हम करेंगे, ये पक्का है। हमारे एक सिद्धांत रहा है जो हमने कहा है भले ही देर से हो लेकिन होगी जरूर।

खुद को साधने बद्रीनाथ के पहाड़ों पर साधना करेंगे

धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि वे एक महीने के लिए बद्रीनाथ के पहाड़ों पर जा रहे हैं साधना के लिए। वे मोबाइल, टीवी, इंटरव्यू, कथा, मिलना सब त्यागकर एक महीने के लिए पहाड़ों में रहेंगे। वहां 21 दिन की साधना करेंगे। इस दौरान वे किसी से नहीं मिलेंगे। वे केवल तप करेंगे। उन्होंने कहा कि जिस मोड़ पर हम खड़ें हैं, उसमें खुद को साधना जरूरी है, क्योंकि बहकाने वाले बहुत तो आते हैं। हम नई ऊर्जा, नए विचार और नई तैयारी के साथ नया करने आएंगे।

धाम पर 20 दिन, महीने में केवल दो कथा करेंगे

धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि हमसे एक भूल हुई है, अब उसका सुधार करेंगे। बीच में हम बहुत ज्यादा बाहर रहे, लेकिन यह समय की मजबूरी थी। उन्होंने हवाई जहाज का उदाहरण देते हुए कहा कि जब भी हवाई जहाज उड़ान भर्ती है तो उसे रनवे पर ज्यादा और तेज दौड़ना पड़ता है। लेकिन उसके बाद स्टेबिल होना पड़ता है। अब हम मई के बाद धाम में 20 दिन धाम पर रहेंगे और अपने लोगों के बीच रहेंगे। केवल दो कथा करेंगे, जिसमें एक 7 दिन और एक तीन दिन की कथा करेंगे।

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