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शिंदे ने शिवसेना पर दावा ठोका, बातचीत के प्रपोजल के बाद उद्धव ने खाली किया CM हाउस; आज फैसला संभव

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मुंबई/गुवाहाटी

महाराष्ट्र की महाविकास अघाड़ी गठबंधन की सरकार का जाना तय माना जा रहा है। मुमकिन है कि आज तस्वीर साफ हो जाएगी, क्योंकि बीते कल की घटनाओं ने महाराष्ट्र के भविष्य का खाका खींच दिया है।

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे बुधवार की रात को ही CM हाउस ‘वर्षा’ खालीकर मातोश्री पहुंच चुके हैं। ये कदम उन्होंने तब उठाया, जब एकनाथ शिंदे ने स्पष्ट कह दिया कि शिवसेना का गठबंधन से बाहर आना बेहद जरूरी है, क्योंकि इसमें पार्टी खुद ही कमजोर हो रही है और राकांपा-कांग्रेस मजबूत।

उद्धव के इस कदम की दो अहम वजहें भी मानी जा रही हैं। पहली- शरद पवार की सलाह कि सीएम शिंदे को ही बना दो। दूसरी- शिंदे खेमे का लगातार मजबूत होना, जिनके गुवाहाटी स्थित गढ़ में बागी विधायकों की संख्या 39 पहुंच चुकी है। पिछले 24 घंटे में महाराष्ट्र की सियासत इतनी कैसे बदल गई, इसे सिलसिलेवार ढंग से पढ़िए…

1. अलसुबह डेरा सूरत से गुवाहाटी शिफ्ट
बुधवार की अलसुबह शिंदे बागी विधायकों के साथ गुवाहाटी के रेडिसन ब्लू होटल में आ जमे। इसके बाद कुछ और विधायक भी उनके पास पहुंचे।

2. महाराष्ट्र में बैठकों का दौर शुरू हुआ
कांग्रेस, राकांपा के विधायकों और मंत्रिमंडल में शामिल मंत्रियों की बैठकों और चिंतन का दौर शुरू हो गया। कांग्रेस में कमलनाथ ने जिम्मा संभाला और शरद पवार ने राकांपा का। ट्विस्ट भी दिखा, जब कमलनाथ ने उद्धव से मिलने का वक्त मांगा, पर कोरोना का हवाला देकर उद्धव ने मुलाकात टाल दी।

3. राउत आए और विधानसभा भंग होने का संकेत दिया
इसके बाद हलचल मची राउत के बयान से। वे आए और आशंका जाहिर की कि महाराष्ट्र विधानसभा भंग होने की ओर बढ़ रही है। हालांकि, दिनभर में उनके बयान कभी इस ओर तो कभी उस ओर होते रहे। शाम को बोले कि मुख्यमंत्री तो उद्धव ठाकरे ही रहेंगे।

4. सूरत से भागकर नागपुर पहुंचे विधायक देशमुख
अगली सुर्खियां बटोरीं नितिन देशमुख ने। वे सूरत के होटल में थे और फिर मारपीट और खराब तबीयत की खबरों के दौरान अस्पताल पहुंचे थे। वे बुधवार को सूरत से भागकर नागपुर पहुंचे। आरोप लगाया- मुझे अस्पताल ले जाने के बाद 20 से 25 लोगों ने जबरन इंजेक्शन लगाया। वे इंजेक्शन क्या थे, मुझे नहीं पता। मुझे बेहोश करने की कोशिश की गई, जिससे मैं कुछ समझ नहीं पाऊं। मैं उद्धव ठाकरे का शिवसैनिक था, शिवसेना में रहूंगा।

5. उद्धव की तबीयत एक घंटे में सुधर गई
बड़े सियासी संकट के बीच उद्धव ने कैबिनेट की अहम बैठक बुलाई पर कोरोना के चलते वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इससे जुड़े। इसके बाद शिवसेना ने पार्टी विधायकों को व्हिप जारी कर शाम 5 बजे सेना भवन में इकट्ठा होने का फरमान सुनाया। कहा- गैरमौजूदगी की स्थिति में एक्शन लिया जाएगा।

6. शिंदे ने शिवसेना पर ही दावा ठोका
शिवसेना का व्हिप जारी हुए 50 मिनट हुए होंगे, शिंदे ने एक और बम फोड़ा। व्हिप को अवैध बताते हुए चीफ व्हिप की पोस्ट पर अपने साथी भरत गोगावला को बैठा दिया। सीधा संकेत था कि सरकार के साथ उद्धव के सामने अपनी ही पार्टी शिवसेना का संकट भी खड़ा हो गया है। शिंदे ने सीधे-सीधे शिवसेना पर ही दावा ठोक दिया था।

7. फेसबुक पर लाइव आए उद्धव और शिंदे को प्रपोजल भेजा
शिंदे के पार्टी पर दावा ठोकने के करीब एक घंटे बाद पौने छह बजे उद्धव फेसबुक पर लाइव आए। कहा था कि जनता से बात करेंगे, लेकिन हर जुमले में शिंदे और बागियों से ही मुखातिब हुए। बोले- मुख्यमंत्री क्या, पार्टी प्रमुख का पद छोड़ने को तैयार हूं पर शिवसेना विधायक बोलें तो.. और शिंदे सामने आकर यह बात करें।

8. शिंदे ने प्रपोजल ठुकराया, 4 विधायक और जुड़ने से ताकत बढ़ी
उद्धव के फेसबुक लाइव के बाद शरद पवार और सुप्रिया सुले मुलाकात करने पहुंचे। पवार ने सलाह दी कि शिंदे को ही मुख्यमंत्री बना दो। इस बीच शिंदे ने अगला दांव खेला। कहा- गठबंधन से बाहर आना शिवसेना के लिए जरूरी है, क्योंकि गठबंधन बेमेल है और शिवसेना कमजोर हो रही है। यह भी कहा कि महाराष्ट्र के हित के लिए कदम उठाना होगा। इस ट्वीट के करीब एक घंटे के बाद 4 और विधायक गुवाहाटी पहुंचे और शिंदे खेमे में शामिल हो गए। विधायकों की कुल संख्या 39 तक पहुंच गई।

9. उद्धव ने इमोशनल कार्ड खेला, वर्षा खाली कर मातोश्री पहुंचे
हाथ से सबकुछ निकलता देख उद्धव ने आखिरकार इमोशनल कार्ड खेला। सीएम हाउस “वर्षा’ खाली कर अपने निवास “मातोश्री’ पहुंच गए। यहां सैकड़ों शिवसैनिकों ने समर्थन में जमकर नारेबाजी की। कहने लगे कि शिंदे ने गद्दारी की है।

बागी विधायकों को गुवाहाटी से इंफाल भेजने की तैयारी

महाराष्ट्र में सियासी भूचाल लाने वाले एकनाथ शिंदे 40 विधायकों के साथ सख्त पहरे में गुवाहाटी के होटल में डेरा जमाए हैं। राज्य में भाजपा सरकार है, पर सेंधमारी की आशंका बनी हुई है। इस बीच खबर ये है कि शिंदे ने सभी विधायकों को गुवाहाटी से इंफाल भेजने की तैयारी कर ली है। बस महाराष्ट्र में सरकार और पार्टियों की बैठकों से आने वाले नतीजों का इंतजार है।

एकनाथ शिंदे 40 विधायकों के बुधवार सुबह सूरत से गुवाहाटी पहुंचे और रेडिसन ब्लू होटल आ जमे हैं। होटल के अंदर-बाहर असम पुलिस का पहरा है साथ में CRPF भी लगा रखी है। मीडिया को भी एक इंच यहां से वहां नहीं होने दिया जा रहा है। होटल के अंदर से सिर्फ पुलिस अधिकारियों की गाड़ियां ही निकल पा रही हैं।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर राज्यपाल से जुड़ेंगे विधायक
होटल के अंदर एकनाथ शिंदे विधायकों के साथ मीटिंग ले रहे हैं। शाम होने तक मीटिंग के नतीजों का सभी को इंतजार है। शिंदे का दावा है कि उनके पास अभी 40 विधायक हैं और शाम तक 50 विधायक होने की उम्मीद है। इन सभी 40 विधायकों से साइन करवा लिए गए हैं कि उन्होंने महाराष्ट्र सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया है। यह लेटर महाराष्ट् के राज्यपाल को भेजा जाएगा। शाम को सभी विधायक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राज्यपाल से जुड़ेंगे।

जानते हैं कि क्यों महाराष्ट्र के विधायक पहुंचे असम?
गुवाहाटी लाने की कुछ वजहें…

क्या है भाजपा का प्लान-बी
भाजपा ने यहां तक तैयारी कर रखी है कि अगर यहां कोई दिक्कत आती है तो प्लान-बी के तहत सारे विधायकों को गुवाहाटी से इंफाल ले जाया जाएगा।

नॉर्थ ईस्ट की राजनीति के लिए यह घटना अहम
इस समय असम के CM के पास महत्वपूर्ण टास्क यह है कि किसी भी विधायक का महाराष्ट्र सरकार या कांग्रेस के नेताओं से संपर्क न हो पाए। अगर हिमंता ऐसा करने में सफल हो जाते हैं तो इस सफलता का सेहरा उनके सिर पर सजेगा।

विधायकों को गुवाहाटी लाने का निर्णय नॉर्थ ईस्ट की राजनीति के लिए बहुत अहम माना जा रहा है। असम में दूसरी दफा भाजपा की सरकार है। नॉर्थ ईस्ट के बाकी राज्यों में भी भाजपा की स्थिति मजबूत है। यह घटना और असम भाजपा की भूमिका इन राज्यों में पार्टी की स्थिति को और भी मजबूत बना सकती है।

अब महाराष्ट्र के सियासी संकट से जुड़े दो कार्टून देखिए…

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