नई दिल्ली: देश की बड़ी आईटी कंपनियों में शामिल एचसीएल के फाउंडर शिव नादर ने एचसीएल कॉर्प और वामा सुंदरी इनवेस्टमेंट (वामा दिल्ली) में अपनी 47% हिस्सेदारी अपनी बेटी रोशनी नादर मल्होत्रा को ट्रांसफर कर दी है। इसके साथ ही रोशनी नादर मल्होत्रा एचसीएल टेक्नोलॉजीज और एचसीएल इन्फोसिस्टम्स में सबसे बड़ी शेयरहोल्डर बन गई हैं। शिव नादर 35.9 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ भारत के तीसरे बड़े रईस हैं। उनसे आगे रिलायंस इंडस्ट्रीज के मुकेश अंबानी और गौतम अडानी हैं। लेकिन दान देने के मामले में कोई उनके आसपास भी नहीं हैं। एक गैराज से अपना सफर शुरू करने वाले देश के सबसे बड़े दानवीर के सफर पर एक नजर…
भारत और एशिया के सबसे अमीर शख्स रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दिल्ली का सबसे अमीर शख्स कौन है? फोर्ब्स ने कुछ समय पहले अमीरों की लिस्ट जारी की थी। उसके मुताबिक देश की टॉप आईटी कंपनियों में शामिल एचसीएल टेक्नोलॉजीज के फाउंडर और चेयरमैन एमिरेटस शिव नाडर दिल्ली के सबसे अमीर शख्स हैं। ब्लूमबर्ग बिलिनेयर इंडेक्स के मुताबिक उनकी नेटवर्थ 36.8 अरब डॉलर है। वह मुकेश अंबानी, गौतम अडानी और शापूर मिस्त्री के बाद भारत के सबसे अमीर शख्स हैं। लेकिन चैरिटी यानी पैसा दान देने के मामले में वह इन सब पर भारी हैं। नाडर ने फाइनेंशियल ईयर 2023 में 2,042 करोड़ रुपये का दान दिया। यानी उन्होंने हर दिन 5.6 करोड़ रुपये दान किए।

शिव नादर देश बड़े उद्योगपतियों में से एक हैं। शिव नादर और उनके परिवार की सॉफ्टवेयर डेवलपर कंपनी HCL Tech में प्रमोटर ग्रुप के जरिए 61% हिस्सेदारी है। यह देश की 13वीं बड़ी वैल्यूएबल कंपनी है जिसका मार्केट कैप 420,428.13 करोड़ रुपये है। साथ ही नादर और उनके परिवार को HCL Infosystems में भी 63% हिस्सेदारी है। HCL Infosystems कंप्यूटर बनाने और सेवाएं देने वाली कंपनी है। शिव नादर भारत के सबसे बड़े दानवीर हैं। उन्होंने साल 2024 में 2,153 करोड़ रुपये का दान दिया था।
गैराज से शुरुआत
शिव नाडर का जन्म 14 जुलाई, 1945 को तमिलनाडु के एक छोटे से गांव में हुआ था। उनके पिता जिला जज थे और अपनी नौकरी के कारण पूरे दक्षिण भारत में घूमते रहते थे। इसलिए नादर का बचपन भी अलग-अलग जगहों पर बीता। कोयंबटूर के पीएसजी कॉलेज से इलेक्ट्रिक और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर की डिग्री लेने के बाद उन्होंने 1967 में पुणे के वालचंद ग्रुप के कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से करियर की शुरुआत की। इसके बाद वह दिल्ली के डीसीएम ग्रुप के साथ एक कंप्यूटर प्रोग्रामर के तौर पर नौकरी की। लेकिन नौकरी में मन नहीं रमा और 1976 में अपने कुछ दोस्तों के साथ मिलकर एचसीएल की स्थापना की।
हिंदुस्तान कंप्यूटर्स लिमिटेड यानी एचसीएल की शुरुआत एक गैराज से हुई। नाडर की लीडरशिप में कंपनी ने दिन दोगुना चार चौगुनी प्रोग्रेस की और जल्दी ही एक ग्लोबल आईटी सर्विसेज कंपनी बन गई। आज एचसीएल की 60 से भी ज्यादा देशों में मौजूदगी है और इसमें 2,22,000 से ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं। जुलाई 2020, में नाडर ने कंपनी के चेयरमैन का पद छोड़ दिया और इसकी कमान अपनी बेटी रोशनी नाडर मल्होत्रा के हाथों में सौंप दी। वह कंपनी के चेयरमैन एमेरिटस और स्ट्रैटजिक एडवाइजर हैं।
शिव नादर ने 1994 में शिव नादर फाउंडेशन की शुरुआत की। इस फाउंडेशन के जरिए उन्होंने स्कूल और विश्वविद्यालय स्थापित किए। विद्याज्ञान स्कूल इसी फाउंडेशन द्वारा चलाए जाते हैं। ये स्कूल ग्रामीण इलाकों से प्रतिभाशाली छात्रों का चयन करते हैं और उन्हें मुफ्त शिक्षा प्रदान करते हैं। HCL Technologies और HCL Infosystems की होल्डिंग कंपनी HCL Corp. ने 2010 में HCL Technologies में अपनी 2.5% हिस्सेदारी बेचकर लगभग 125 मिलियन डॉलर जुटाए। नादर ने यह पैसा अपने फाउंडेशन को दान कर दिया। वह दिल्ली के सबसे बड़े रईस हैं।
78 साल के शिव नाडर देश के दानवीरों की लिस्ट में लगातार दूसरे साल नंबर वन पर रहे। एडेलगिव हुरुन इंडिया फिलैंथ्रोपी लिस्ट 2023 के मुताबिक नाडर ने फाइनेंशियल ईयर 2023 में 2,042 करोड़ रुपये का दान दिया। इस दौरान उन्होंने हर दिन 5.6 करोड़ रुपये का दान दिया। इस दौरान देश की सबसे वैल्यूएबल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और भारत तथा एशिया के सबसे बड़े रईस मुकेश अंबानी ने 376 करोड़ रुपये का दान दिया। नाडर ने 1994 में शिव नाडर फाउंडेशन (Shiv Nadar Foundation) की स्थापना की थी जो शिक्षा और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में काम करता है। कोरोना काल में भी उन्होंने बढ़-चढ़ कर दान दिया था।