भोपाल। सूवे के मुखिया शिवराजसिंह चौहान इन दिनों विकास कार्यों को लेकर खासे सक्रिय हैं। जनता से जुड़े मामलों में तो वे किसी भी सूरत में कोताही नहीं चाहते। हाल ही में उनकी वक्र दृष्टि से तीन कलेक्टरों पर पड़ी है जो आम आदमी की समस्याएं सुलझाने के मामले में लापरवाह साबित हुए हैं। इन तीनों ही कलेक्टरों को कार्यशैली में सुधार करने की फिलहाल नसीहत मुख्यमंत्री द्वारा दी गई है। लेकिन जिस तरह के तेवर सीएम के पिछले दिनों से देखने को मिले हैं उससे तो यह माना जा रहा है कि जल्द ही बड़ा बदलाव हो सकता है। दरअसल यह तीनों कलेक्टर ग्वालियर चंबल अंचल के तहत आने वाले भिंड, शिवपुरी और मुरैना जिले के प्रशासनिक मुखिया हैं। इसके अलावा शाजापुर, दतिया कलेक्टरों को सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण में लापरवाही पर नसीहत दी गई। बहरहाल इन दिनों मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की प्राथमिकता में सुशासन है, जिसकी वजह से वे पूरी तरह से आमजन की समस्या के निराकरण पर फोकस कर रहे हैं। यही वजह है कि उन्होंने समाधान आॅनलाइन के दौरान निर्देश दिए हैं कि समर्थन मूल्य पर उपार्जन के बाद संबंधित किसान को यदि उसकी उपार्जित फसल का भुगतान नहीं किया जाता है, तो इसके लिए जिम्मेदार व्यक्तियों की संपत्ति नीलाम कर किसान को न केवल भुगतान कराया जाए, बल्कि दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण भी दर्ज कराया जाएं। उन्होंने इस तरह के मामलों को लेकर सभी जिले के कलेक्टरों को जांच कराने को भी कहा है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा राजस्व विभाग के सीमांकन, बंटवारा आदि के लंबित प्रकरणों को एक माह में अभियान चलाकर निराकृत करने को भी कहा गया है। उन्होंने कहा कि कई जिलों में कलेक्टर जन-सुनवाई के दौरान प्राप्त शिकायतों को संबंधित विभाग को अग्रेषित कर देते हैं, यह पर्याप्त नहीं है। कलेक्टर सुनिश्चित करें कि जन-सुनवाई में प्राप्त शिकायतों का निराकरण हो जाए।
इन जिलों को मिली सराहना
मुख्यमंत्री ने सीएम हेल्पलाइन में प्रकरणों के निराकरण में बेहतर प्रदर्शन के लिए सिवनी , छिंदवाड़ा, टीकमगढ़, सिंगरौली और शहडोल जिले की सराहना की है। वहीं पुलिस एवं यातायात से संबंधित शिकायतों के निराकरण में सतना, सिंगरौली, सीधी, बैतूल व छिंदवाड़ा जिलों को शाबाशी दी गई।
जनपद सीईओ निलंबित
भिंड जिले के आवेदक केशव सिंह की शिकायत पर तत्कालीन सीईओ जनपद पंचायत को निलंबित करने के निर्देश देते हुए सीएम चौहान ने योजनाओं का हितग्राही को लाभ प्रदान करने में विलंब करने पर दोषी अधिकारी/कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने सागर जिले के करोड़ीलाल यादव की भैंस की मौत पर लंबे समय तक सहायता न मिलने पर संबंधित तहसीलदार की विभागीय जांच कराने के भी निर्देश दिए हैं।
समय सीमा के भीतर पूरे हों कार्य
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विकास कार्यों को समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश के पंधाना में एक वर्ष का कार्य छह वर्ष के बाद भी पूरा नहीं होने पर उन्होंने अफसरों की निष्क्रियता पर जमकर नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 का कार्य 2015 में पूरा होना था, किंतु अब तक पूर्ण नहीं हुआ। इतना ही नहीं अमरकंटक में भी सीवरेज व्यवस्था ठीक से संचालित नहीं होने पर मुख्यमंत्री खासे नाराज हुए। उन्होंने अफसरों से कहा कि वे तत्काल कार्यों को पूरा कराएं। हर दिन उसकी मॉनिटरिंग करें। मुख्यमंत्री चौहान शुक्रवार को मंत्रालय में शहरी पेयजल एवं सीवरेज योजनाओं के कार्य की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने निर्देश दिए कि जो योजनाएं पूर्ण हो गई हैं, उनका भौतिक सत्यापन कराया जाए।
तीन कलेक्टरों पर शिव की वक्रदृष्टि….भिंड, शिवपुरी और मुरैना जिले के कलेक्टरों को नसीहत

