मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मंगलवार को इंदौर आए। दिन में वह इंदौर आकर थांदला गए और लौटने के दौरान पीटीसी ग्राउंड पर उन्होंने मीडिया से कहा कि दो साल बाद अब मौका मिला है, इसलिए होली, रंगपंचमी खूब धूमधाम से मनाएं, गेर निकालें। इसके साथ ही शालीनता भी बनाए रखें। भोपाल में आतंकवादी पकड़े जाने पर बोले कि इस मामले में कार्रवाई की गई है। मामले में स्लीपर सेल हो या जागता हुआ सेल, उन्हें नहीं छोड़ेंगे। इसके पूर्व वे थांदला में भगोरिया पर्व में सपरिवार शामिल हुए। अलीराजपुर की घटना पर कहा कि लड़कियों के साथ छेड़छाड़ करने वालों को उठवा लिया गया है।
रैगिंग की शिकायत पर सरकारी आदिवासी बालक होस्टल सुपरिटेंडेंट मोरे सस्पेंड
नए सरकारी आदिवासी बालक होस्टल में रैगिंग की शिकायत मिलने के बाद कलेक्टर मनीष सिंह ने होस्टल सुपरिटेंडेंट मोहन मोरे को सस्पेंड कर दिया है। मामला पिछले दिनों होस्टल के सीनियर छात्रों द्वारा जूनियर छात्रों के साथ मारपीट का है। मोरे ने इसकी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं दी थी जबकि जूनियर छात्रों को ज्यादा प्रताड़ित किया गया था जिसके चलते छात्रों को रैगिंग जैसी समस्या का सामना करना पड़ा था। मामले में इन छात्रों ने कलेक्टर को शिकायत की थी जिसके यह कार्रवाई की गई। कलेक्टर ने सभी होस्टल सुपरिटेंडेंट्स को निर्देश दिए हैं कि वे इसे लेकर लगातार मॉनिटरिंग करें।
लोकायुक्त जांच में बेलदार की संपत्ति निकली 9 गुना, चालान पेश होने के बाद संपत्ति राजसात करने की प्रक्रिया शुरू
अगस्त 2018 में इंदौर के नगर निगम के काम करने वाले बेलदार असलम खान की जांच लोकायुक्त ने छापामार कर करोड़ों रुपए की संपत्ति का खुलासा किया था। मामले में लगभग साढ़े तीन साल में जांच पूरी हुई है। जांच के बाद चालान की अनुमति के लिए सरकार को प्रतिवेदन भेजा है। जांच में सामने आया है कि असलम की संपत्ति उसकी आय से करीब 9 गुना ज्यादा है। आय से अधिक संपत्ति के मामलों में संपत्ति मिलने का यह अब तक सबसे ज्यादा प्रतिशत है। अफसरों का कहना है, चालान पेश होने के बाद संपत्ति राजसात करने की प्रक्रिया शुरू करेंगे।
जनसुनवाई में शिकायत, डॉक्टर ने ऐसा इलाज किया कि घोड़ी मर गई
कलेक्टर की जनसुनवाई में मंगलवार को एक रोचक मामला सामने आया है। यहां मांगलिया निवासी मंजू ने शिकायत की कि मांगलिया के सरकारी वेटरनरी डॉक्टर ने उसकी घोड़ी को 14 इंजेक्शन लगाए और 3500 रु. लिए। कुछ समय बाद घोड़ी की हालत और खराब होती गई और वह मर गई। मंजू ने बताया कि पहले मैं मंत्री तुलसी सिलावट के पास गई तो उन्होंने मुझे जनसुनवाई में जाने को कहा। अधिकारियों ने शिकायती आवेदन रख लिया है। एडीएम पवन जैन ने डिप्टी डायरेक्टर वेटरनरी को जांच के लिए कहा गया है। वे जांच कर रिपोर्ट सौंपेंगे।

