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साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण करना चाहती है शिवराज सरकार: माकपा

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भोपाल। इंदौर के नवीन ला कालेज का ताजा विवाद अल्पसंख्यक समुदाय को निशाना बनाकर भाजपा की शिवराज सिंह चौहान सरकार की अक्षमताओं से ध्यान हटाने, अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को उच्च शिक्षा से बाहर करने और साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण करने की साजिश का हिस्सा है। इस साजिश मे शिवराज सरकार, उसके गृहमंत्री और संघी गिरोह भी शामिल है, जिसके लिए वह कुछ अपराधी प्रवृत्ति के छात्रों को मोहरा बना रहे हैं।

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने उक्त बयान जारी करते हुए कहा है कि जो सरकार व्यापमं घोटाले में प्रदेश की पूरी प्रतिभाशाली पीढ़ी का भविष्य बर्बाद कर चुकी है। जो भ्रष्टाचारियों को बचाने के लिए कायदे कानूनों को भी ताक पर रख रही है, वह कुछ तथाकथित छात्रों की शिकायत पर इतना सक्रिय हो जाती है कि तुरंत जांच समिति गठित कर 24 घंटे में रिपोर्ट देने के आदेश दे देती है और जांच रिपोर्ट का इंतजार किए बगैर ही एफआईआर भी दर्ज कर लेती है।

माकपा ने कहा है कि जब कालेजों और विश्वविद्यालयों में शिक्षकों के अभाव में छात्रों का भविष्य दांव पर है। स्टाफ की कमी के कारण परीक्षा परिणाम घोषित नहीं हो पा रहे हैं, तब इस प्रकार के मुद्दों को उठाने का मकसद बुनियादी मुद्दों से ध्यान भटकाने के सिवा कुछ नहीं है।

जसविंदर सिंह ने कहा है कि जिस किताब का बहाना बनाया जा रहा है, वह कालेज लायब्रेरी के लिए आठ साल पहले खरीदी गई थी जबकि वर्तमान प्राचार्य की नियुक्ति तीन साल पहले 2019 को हुई थी। हालांकि पुस्तक का होना कोई अपराध नहीं है। पुस्तकालय में हर तरह की पुस्तकेंं होना चाहिए ताकि उन्हें पढ़ कर छात्र अपनी राय बना सकें। 

माकपा नेता ने कहा है कि हर फासीवादी संगठन की तरह संघ भी आलोचना से इस लिए डरता है क्योंकि वह तर्कों के आधार पर अपनी बात को सही साबित नहीं कर सकता है। चर्चा होने पर उसे अपना असली चेहरा सामने आ जाने का डर है।

जसविंदर सिंह ने कहा है कि उपद्रव करने वाले छात्र उसी संगठन से जुड़े हैं, जिसने उज्जैन में प्रो सभरवाल की हत्या की थी। इसी संगठन के नेताओं से नीमच मे शिक्षक को पांव छू कर माफी मांगने को मजबूर किया था। गृहमंत्री मंत्री ने शिकायतकर्ता छात्रों की पृष्ठभूमि देखने की बजाय उक्त शिकायत पर कार्यवाही साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण करने की कोशिश की है।

माकपा ने पीड़ित प्राचार्य को सुरक्षा देने, एफआईआर वापस लेने और तथाकथित छात्रों की पृष्ठभूमि की जांच करने की मांग की है।

जसविंदर सिंह

9425009909

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