कोलकाता |
तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद शिशिर अधिकारी ने कहा है कि यदि उन्हें आमंत्रित किया जाता है, तो वह 20 मार्च को कांठी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली में शामिल होंगे। शिशिर, बीजेपी नेता सुभेंदु अधिकारी के पिता हैं। हाल ही में तृणमूल कांग्रेस छोड़ कर भगवा पार्टी में शामिल हुए शुभेंदु नंदीग्राम विधानसभा सीट पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं, राजनीतिक गलियारों में कयास लगाए जाने शुरू हो गए हैं कि तृणमूल कांग्रेस सांसद (शिशिर) इस महीने के अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के दौरान बीजेपी में शामिल हो सकते हैं।
शिशिर अधिकारी ने कहा, “अगर मुझे न्योता दिया गया और मेरे बेटों ने इसकी अनुमति दी, तो मैं (मोदी की) जनसभा में शामिल होऊंगा।” नेता के दो बेटे सुभेंदु और सौमेंदु अधिकारी बीजेपी में शामिल हो गए हैं। उनके एक और बेटे दिब्येंदु टीएमसी से सांसद हैं। बीजेपी सांसद लॉकेट चटर्जी शनिवार को शिशिर अधिकारी के आवास पर गई थी और उन्होंने साथ में दोपहर का भोजन किया था। हालांकि, दोनों ने इसे शिष्टाचार भेंट बताया था। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इस दौरान शिशिर अधिकारी के राजनीतिक कदम पर कोई चर्चा नहीं हुई।
बीजेपी सांसद चटर्जी ने कहा, ”यह एक शिष्टाचार भेंट थी। शिशिर दा एक वरिष्ठ नेता हैं और अधिकारी परिवार मेदिनीपुर (जिसका नंदीग्राम हिस्सा है) का पर्याय है। उन्होंने लोकसभा में दिए मेरे बयान की एक बार तारीफ की थी। उन्होंने मुझसे फिर आने का आग्रह किया है।” हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि वह (शिशिर) बीजेपी में शामिल होने का निर्णय करेंगे तो भगवा पार्टी तृणमूल कांग्रेस सांसद का स्वागत करेगी।
उधर, तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सौगत रॉय ने संपर्क किए जाने पर कहा था शिशिर दा हाल के समय में काफी हद तक निष्क्रिय रहे हैं…हम उनसे अपनी उम्र का ध्यान रखते हुए दल-बदल के खेल में शामिल नहीं होने का अनुरोध करेंगे। बीजेपी प्रवक्ता शमिक भट्टाचार्य ने दावा किया कि पूर्वी मेदिनीपुर चाहता है कि अधिकारी परिवार के वरिष्ठ सदस्य भगवा खेमे में शामिल हों।
उल्लेखनीय है कि शुभेंदु अधिकारी के बीजेपी में शामिल होने के करीब एक महीने बाद उनके पिता और लोकसभा सदस्य शिशिर अधिकारी को तृणमूल कांग्रेस ने पूर्व मिदनापुर जिले के अध्यक्ष पद से भी हटा दिया था। तृणमूल के वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी परिवार के विरोधी माने जाने वाले सोमेन महापात्रा को अधिकारी की जगह पार्टी की पूर्व मिदनापुर जिला इकाई का अध्यक्ष बनाया गया था। इससे एक दिन पहले अधिकारी को दीघा शंकरपुर विकास प्राधिकरण (डीएसडीए) के अध्यक्ष पद से हटा दिया गया था। अधिकारी के स्थान पर विधायक अखिल गिरि को डीएसडीए का अध्यक्ष नियुक्त किया गया, जो तृणमूल कांग्रेस में उनके विरोधी माने जाते हैं।

