चांदी की कीमतें भारत से लेकर अमेरिका तक नए रिकॉर्ड बना रही हैं, जिससे निवेशक हैरान हैं. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर चांदी ₹1,90,798 प्रति किलो के अपने नए लाइफ टाइम हाई पर पहुंच गई है, और जल्द ही ₹2 लाख प्रति किलो का आंकड़ा छूने की उम्मीद है.चांदी ने इस साल बाजार में जबरदस्त रिकॉर्ड बनाए हैं। एमसीएक्स पर मार्च डिलीवरी वाली चांदी की कीमत बुधवार 1,91,800 रुपए प्रति किलो पहुंचकर नया रिकॉर्ड बना गई। सोने में आज गिरावट आई है इस रैली में चांदी ने सोने को भी पीछे छोड़ दिया है, जो इस महीने सुस्त रहा है. दिसंबर के शुरुआती नौ दिनों में चांदी में करीब 7.50% की ताबड़तोड़ तेजी दर्ज की गई है, जबकि सोने की कीमतों में मुश्किल से 0.50% की बढ़ोतरी हुई है. विदेशी बाजारों जैसे न्यूयॉर्क, यूरोप और ब्रिटेन में भी चांदी की चमक बरकरार है. विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में संभावित कटौती और चांदी की घटती आपूर्ति इस उछाल के प्रमुख कारण हैं. निवेशकों को हालांकि उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहने और जल्दबाजी से बचने की सलाह दी गई है.
पिछली दीपावली और धनतेरस से लेकर अब तक सोने और चांदी के दाम में बढ़ोतरी देखने को मिली है. वायदा बाजार में तो भाव बढ़े ही हैं इसके साथ ही स्पॉट मार्केट में भी सिल्वर के रेट्स में तेजी आई है. पिछले वर्ष दीपावली के दौरान सोने का भाव लगभग 80,000 रुपये प्रति 10 ग्राम था, जो इस वर्ष बढ़कर 1,30,000 रुपये प्रति 10 ग्राम को पार कर गया है. यानी करीब 60 फीसदी की तेजी देखने को मिली है. इसी प्रकार चांदी की कीमतें 2024 में 98,000 रुपये प्रति किलोग्राम थीं, जो अब 1,90,000 रुपये प्रति किलोग्राम के पार पहुंच गई हैं, यानी लगभग 55 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिल चुकी है.
चांदी ने इस साल बाजार में जबरदस्त रिकॉर्ड बनाए हैं। एमसीएक्स पर मार्च डिलीवरी वाली चांदी की कीमत बुधवार 1,91,800 रुपए प्रति किलो पहुंचकर नया रिकॉर्ड बना गई। सोने में आज गिरावट आई है लेकिन रिटर्न के मामले में इस साल चांदी का प्रदर्शन सोने से कहीं बेहतर रहा है।
11 महीनों में चांदी की कीमत दोगुनी से ज्यादा हुई
जनवरी से नवंबर 2025 के बीच चांदी ने लगभग 100% रिटर्न दिया है, जबकि एक साल में सोना केवल 60% रिटर्न दे पाया। पिछले एक साल में चांदी करीब 90% और सोना 60% चढ़ा है।
यह भी पढ़ें: Upcoming IPO in 2026 in India: 2026 में आएगी IPO की सुनामी! कंपनियों ने तैयार किए 2.55 लाख करोड़ के इश्यू
जनवरी में कितनी थी कीमत?
2 जनवरी 2025 को एमसीएक्स पर चांदी लगभग 90,000 रुपए प्रति किलो थी। अब यह बढ़कर 1.91 लाख रुपए प्रति किलो के पार पहुंच गई है यानी 111% की तेजी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी 28 डॉलर से बढ़कर 57 डॉलर के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गई है। यह महज एक महीने में 20% से ज्यादा और पूरे साल में 100% से अधिक की बढ़त है।
सोने को पछाड़ बनाए कई रिकॉर्ड
साल की शुरुआत में सोना आगे था लेकिन बीच साल में रफ्तार बदल गई। सोने की तेजी थमी और चांदी ने जबरदस्त उछाल पकड़ लिया। अब चांदी ने रिटर्न और कीमत—दोनों में कई नए रिकॉर्ड बना दिए हैं।
चांदी की कीमत बढ़ने के पीछे दो बड़े कारण हैं:
- मांग में भारी उछाल – खासकर इंडस्ट्रियल और टेक्नोलॉजी सेक्टर में।
- चीन का रिकॉर्ड निर्यात – अक्टूबर में चीन का चांदी निर्यात 660 टन से ऊपर पहुंच गया, जबकि उसका भंडार 10 साल के निचले स्तर पर आ गया। सप्लाई कम होने से कीमतें और बढ़ीं।
मांग में भारी उछाल – खासकर इंडस्ट्रियल और टेक्नोलॉजी सेक्टर में।
चीन का रिकॉर्ड निर्यात – अक्टूबर में चीन का चांदी निर्यात 660 टन से ऊपर पहुंच गया, जबकि उसका भंडार 10 साल के निचले स्तर पर आ गया। सप्लाई कम होने से कीमतें और बढ़ीं।
फेड की पॉलिसी का भी बड़ा प्रभाव
बाजार को उम्मीद है कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में और कटौती कर सकता है। अगर ऐसा होता है तो सोना और चांदी दोनों में नई तेजी देखने को मिल सकती है। अनुमान है कि 2026 के अंत तक फेड तीन बार ब्याज दरें घटा सकता है, जिससे कीमतों में और उछाल आने की संभावना है।

