सोने और चांदी के भाव पिछले कुछ दिनों से लगातार आसमान छू रहे हैं। इंदौर के सराफा बाजार में मंगलवार को चांदी 1.77 लाख रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। चार साल में इसके दाम में करीब तीन गुना बढ़ोतरी हो चुकी है। इससे चांदी के बड़े कारोबारियों व स्टॉकिस्टों की चांदी हो गई, लेकिन आम लोगों के लिए दिवाली व पुष्य नक्षत्र के मौके पर शगुन के सिक्कों की खरीदी भी मुश्किल हो गई है।
स्वर्ण आभूषणों के लगातार चढ़ते भावों में वृद्धि के कारण मध्यम वर्ग का ध्यान चांदी के आभूषणों पर था, लेकिन अब सोना और चांदी दोनों के दामों में आग झरती तेजी के कारण आम लोगों को आर्टिफिशियल ज्वेलरी से ही संतोष करना पड़ेगा। इंदौर के सराफा बाजार में चांदी का भाव 2020-21 में 60 हजार रुपये किलो था, जो मंगलवार 13 अक्टूबर 2025 को 1.77 लाख रुपये किलो के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। देश के अन्य शहरों की बात करें तो चांदी के 1.85 लाख रुपये किलो तक पहुंच गई। हालांकि, शाम होते होते भाव कुछ नरम हुए। दीपावली और आगामी दिनों में विवाह आरंभ हो जाएंगे। इससे भावों में तेजी का रुख कायम रहने की संभावना है। ऐसे में विवाह के इच्छुक सामान्य व मध्यम वर्ग के परिवारों को शादी का बजट बिगड़ सकता है।
पहली बार देख रहे इतनी तेजी
मध्य प्रदेश सराफा व्यापारी एसोसिएशन के उपाध्यक्ष निर्मल वर्मा का कहना है कि विदेशों से चांदी की पूर्ति होती थी, लेकिन अब वहां का माल आना बंद हो गया है और बाजार में चांदी की मांग बढ़ जाने से मांग और पूर्ति का गणित गड़बड़ा गया है। वर्मा का कहना है कि मेरा परिवार पिछले 50 वर्ष से घुंघरू के नाम से सिर्फ चांदी की पायजेब का कार्य कर रहा है, पर चांदी में इतनी जबरदस्त तेजी पहली बार देखी है। सोने के भावों में तेजी के कारण लोग चांदी की और आकर्षित होने लगे थे, पर इसका भाव भी अब आसमान छूने लगा है। चांदी के भावों को देखते हुए लगता है कि यदि चांदी के दामों में तेजी का वातावरण जारी रहा तो यह जल्दी ही दो लाख रुपये किलो तक पहुंच जाए तो कोई आश्चर्य नहीं होगा।
आश्चर्यजनक उछाल आया
ओरिजनल डायमंड के जेवरों का पिछले तीन दशक से कार्य करने वाले कारोबारी विजय वर्मा का कहना है कि चांदी में एकदम तेजी समझ से परे है। मांग पहले भी थी आज भी है, पर इतना उछाल आश्चर्यजनक है। निमाड़ के खरगोन के ज्वेलरी व्यवसायी मिलन कुमार महाजन का कहना है कि स्वर्ण के जेवर को दूर अब चांदी के भावों ने पूरा व्यवसाय ही खत्म कर दिया है। लगता है चांदी, सोने के बजाय अब आर्टिफिशियल गहनों को बेचना आरंभ करना होगा। बाजार में चांदी में भावों में तेजी ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
चीन सबसे बड़ा खरीदार
प्रमुख व्यापार विश्लेषक आलोक ठक्कर का कहना है कि अमेरिका में टैरिफ को लेकर चल रही कवायद और चीन में व्हाइट मेटल का सर्वाधिक उपयोग होने से चीन अभी सबसे बड़ा खरीदार है, इसलिए कीमती धातुओं में भावों में एकाएक तेजी का माहौल है।
90 प्रतिशत होता है आयात
विश्व में पोलैंड, रूस, चीन, पेरू, चिली और मेक्सिको में चांदी की सबसे बड़ी खदानों के साथ उत्पादक देश हैं। भारत में चांदी का खनन राजस्थान, आंध्रप्रदेश, मध्य प्रदेश, झारखंड, गुजरात और कर्नाटक में होता है, पर देश में जितनी चांदी की मांग है उतनी पूर्ति नहीं हो पाती, इसलिए हमें विदेशों पर निर्भर होना पड़ता है। भारत जरूरत का करीब 90 प्रतिशत आयात करता है।

