Site icon अग्नि आलोक

*लता अलंकरण पुरस्कार मिलते ही भावुक हुए गायक सोनू निगम*

Share

प्रदेश का प्रतिष्ठित लता अलंकरण पुरस्कार रविवार को ख्यात गायक सोनू निगम को मिला। उन्हें यह पुरस्कार मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दिया। इस मौके पर गायक सोनू निगम ने कहा कि लता मंगेश्करजी मेरे लिए मां के समान थीं। मेरी संगीत की यात्रा बहुत अच्छी रही। मैं मेरे पापा के साथ 45 साल पहले सिंगर बनने मुंबई आया था। मैंने अपना मुकाम हासिल कर लिया हैख्यात गायक सोनू निगम को इस बार का लता अलंकरण पुरस्कार दिया गया। आयोजन में पहुंचे मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि हमने सरस्वती मां को देखा नहीं, लेकिन लताजी को सुना तो लगता है कि उनके गले में सरस्वती मां का अंश है। यह कला और संगीत का पवित्र मंच है। 

उन्होंने कहा कि मेरे लिए यह सौभाग्य की बात रही है कि लताजी मेरे घर आती थीं। मेरे बच्चे के साथ गाती थीं। हम उन्हें हंसाते थे। वो मेरी मां के समान थीं। मुझे यह अवार्ड लेते हुए इसलिए भी खुशी हो रही है कि ठीक 30 साल पहले लता अलंकरण समारोह में एक प्रतिभागी के तौर पर मैं इंदौर आया था, लेकिन आज मैं लता अलंकरण पुरस्कार लेने आया हूं।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने लता अलंकरण समारोह में कहा कि हमने सरस्वती मां को देखा नहीं, लेकिन लता जी को सुना तो लगता है कि उनके गले में सरस्वती मां का अंश है। यह कला और संगीत का पवित्र मंच है। इसमें शामिल होने के लिए मैं सड़क मार्ग से उज्जैन से इंदौर आया।  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारत रत्न लता मंगेशकर ने अपने स्वर से भारतीय संगीत को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। उनके नाम पर दिया जाने वाला यह सम्मान अद्वितीय है। यह उन कलाकारों के योगदान को नमन है, जिन्होंने गीत-संगीत के क्षेत्र में अमिट छाप छोड़ी है। उन्होंने कहा कि आज हम विश्व प्रसिद्ध गायक सोनू निगम को सम्मानित कर गौरवान्वित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सोनू निगम जी के आने से ऐसा लग रहा है जैसे अमावस की रात में पूनम का चांद आया है। उन्होंने कहा कि आज हम गर्वित है कि संगीत की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इंदौर की संगीत परंपरा अद्वितीय है। पार्श्व गायक सोनू निगम ने भावुक स्वर में कहा कि लता जी हमारे लिए केवल प्रेरणा नहीं, बल्कि संगीत की जीती-जागती परंपरा रही हैं। इस सम्मान को पाकर मैं स्वयं को धन्य महसूस कर रहा हूं। यह क्षण मेरे जीवन के सबसे खास पलों में से एक है।

समारोह के प्रारंभ में संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े ने स्वागत उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा कि आज का दिन हमारे लिए अत्यंत गौरव का है, क्योंकि संगीत जगत की महान हस्ती भारत रत्न स्वर कोकिला लता मंगेशकर जी का जन्म दिवस है और उसी दिन हम यह कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। राष्ट्रीय लता मंगेशकर सम्मान संगीत जगत में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। लता जी के नाम पर सम्मान प्रदान करना मध्यप्रदेश के लिए गर्व की बात है। लता जी ने भारतीय संस्कृति और संगीत को विश्व स्तर पर स्थापित किया है। कार्यक्रम के प्रारंभ में संचालक संस्कृति श्री एस.पी. नामदेव ने प्रशस्ति पत्र का वाचन किया। कार्यक्रम में सोनू निगम ने गीत भी सुनाए। कार्यक्रम देर रात तक चला। 

Exit mobile version