अग्नि आलोक

*पूरे देश में SIR लागू होगा, दिवाली पर 1,700 से ज्यादा अतिरिक्त उड़ानें*

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चुनाव आयोग ने बिहार चुनाव 22 नवंबर 2025 से पहले कराने और पूरे देश में SIR लागू करने की घोषणा की. दार्जिलिंग में भारी बारिश और भूस्खलन से 20 मौतें हुईं. केंद्र सरकार ने कफ सिरप की गुणवत्ता पर सख्ती के निर्देश दिए गए. ट्रंप ने हमास को अंतिम चेतावनी दी. पढ़िए देश-दुनिया की ऐसी ही बड़ी खबरें..

कलर फोटो से वेब कास्टिंग तक… बिहार चुनाव में इस बार दिखेगा नया रंग, ECI ने उठाया बड़ा कदम

चुनाव आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की. साथ ही प्रवर्तन एजेंसियों के साथ बैठक की. आयोग ने कहा कि पूरे देश में SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) लागू होगा. जिसका नाम छूट गया हो, वह आपत्ति दर्ज कराएं. 22 नवंबर 2025 से पहले बिहार चुनाव संपन्न करा लिए जाएंगे. आयोग ने ECINet प्लेटफॉर्म तैयार किया है, जहां कई सुविधाएं एक जगह उपलब्ध होंगी, जिससे यूजर्स को अलग-अलग ऐप या वेबसाइट पर जाने की जरूरत नहीं होगी. 

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले आज यानी रविवार को चुनाव आयोग ने पटना में प्रेस वार्ता की. चुनाव आयोग के बिहार दौरे का आज दूसरा दिन था. ECI ने विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की. साथ ही प्रवर्तन एजेंसियों के प्रमुखों और नोडल अधिकारियों के साथ बैठक भी की. प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चुनाव आयोग ने कहा कि 22 नवंबर 2025 से पहले बिहार चुनाव संपन्न हो जाएंगे.

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि राजनीतिक दलों ने छठ पूजा के तुरंत बाद चुनाव कराने का सुझाव दिया है. उन्होंने कहा है कि तमाम राजनीतिक दलों ने एक से दो चरणों में चुनाव की मांग की. इस दौरान ECI ने SIR की तारीफ की. उन्होंने कहा कि SIR 24 जून को शुरू किया गया और समय सीमा तक पूरा हो गया. बिहार में एसआईआर पूरे देश के लिए एक प्रेरणा है.

चुनाव में दिखेंगे कई बदलाव
चुनाव आयोग ने कहा कि SIR पूरे देश में लागू होगा. जिसका नाम छूट गया है, वह आपत्ति दर्ज कराएं. चुनाव आयोग ने कहा कि 90, 217 बीएलओ ने शानदार काम किया. बिहार का चुनाव देश को नई राह दिखाएगा. इसके अलावा उन्होंने इस बार के चुनाव में होने वाले बदलाव के बारे में भी बात की. उन्होंने कहा कि जो नई पहल की शुरुआत हुई है, वो इस बार बिहार चुनाव में दिखेगा.

क्या है ECI की नई पहल?
एक बूथ पर 1200 से ज्यादा वोटर नहीं होंगे.
अब 100 फीसदी वेब कास्टिंग की जाएगी.
सभी बूथों पर चुनाव प्रक्रिया लाइव दिखाई जाएगी.
इस बार VVPAT में कलर फोटो दिखेगी.
पोलिंग बूथ के बाहर फोन जमा कराने की व्यवस्था होगी.
वोटर लिस्ट में हर जानकारी स्पष्ट होगी.
22 नवंबर को खत्म हो रहा कार्यकाल
दरअसल, बिहार विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर को समाप्त हो रहा है. इससे पहले बिहार में चुनाव खत्म हो जाएगा. जैसा कि ECI ने कहा है. फिलहाल, चुनाव के तारीखों का आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है. मगर अगले कुछ दिनों तारीखों की घोषणा हो जाएगी.

ECI ने जारी की थी नई गाइडलाइन
पिछले महीने चुनाव आयोग ने ईवीएम (EVM) बैलट पेपर के लिए नई गाइडलाइन जारी की थी. चुनाव आयोग ने तभी कहा था कि नए दिशानिर्देश की शुरुआत बिहार चुनाव से होगी. ईवीएम में पहली बार उम्मीदवारों की रंगीन फोटो दिखाई देगी.

सीरियल नंबर भी अब ज्यादा स्पष्ट होगा. ECI ने कहा था कि यह पहल चुनाव प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने और मतदाताओं की सुविधा बढ़ाने के लिए किया गया है. ECI ने चुनाव संचालन नियम, 1961 के नियम 49बी के तहत मौजूदा दिशानिर्देशों में संशोधन किया था.

  1. दार्जिलिंग में भारी-बारिश, लैंडस्लाइड: 20 लोगों की मौत, ममता ने किया मुआवजे का ऐलान

पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में 12 घंटे लगातार बारिश हुई. बारिश के कारण भारी भूस्खलन हुआ. गांव कट गए, सड़कें ध्वस्त हो गईं और सैकड़ों पर्यटक फंसे रह गए. भूस्खलन की चपेट में आने से 20 लोगों की मौत हो गई. राहत और बचाव कार्य जारी है. स्थानीय लोग, सेना और एनजीओ मिलकर मदद कर रहे हैं. राहत शिविरों में सैकड़ों लोग शरण लिए हुए हैं. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पीड़ितों के लिए मुआवजे का ऐलान किया है.

पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले में लगातार हो रही भारी बारिश ने तबाही मचा दी है. बारिश के कारण हुए भारी भूस्खलन में कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई. जिनमें बच्चे भी शामिल हैं. वहीं कई लोग जख्मी हो गए. भूस्खलन के चलते कई घर मलबे में तब्दील हो गए हैं. वहीं प्रमुख सड़कों को नुकसान पहुंचा है. अधिकारियों ने बताया कि दूरदराज के कई गांवों का संपर्क टूट गया तथा सैकड़ों पर्यटक फंस गए.

इस बीच सूबे की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पीड़ितों के लिए मुआवजे का ऐलान किया है. हालांकि कितना मुआवजा दिया जाएगा इसका खुलासा नहीं हुआ है. वहीं सीएम ममता कल यानी सोमवार (6 अक्टूबर ) उत्तर बंगाल का दौरा करेंगी और क्षेत्र के हालात का जायजा लेंगी. जहां बड़ी संख्या में पर्यटक भी प्रभावित हुए हैं.

प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगी CM ममता
सीएम ममता बनर्जी ने स्थिति को गंभीर बताते हुए कहा ‘यह आपदा दुर्भाग्यपूर्ण है – प्राकृतिक आपदाएं हमारे नियंत्रण से बाहर हैं. हम बहुत दुखी हैं. मैंने मुख्य सचिव के साथ पांच प्रभावित जिलों के अधिकारियों के साथ डिजिटल माध्यम से बैठकें कीं. मैं सुबह छह बजे से स्थिति पर नजर रख रही हूं’. सीएम के मुताबिक केवल 12 घंटों में 300 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश हुई, जिससे कम से कम सात जगहों पर भयंकर बाढ़ और भूस्खलन हुआ. उन्होंने कहा, ’12 घंटे से लगातार भारी बारिश हो रही है. सात जगहों पर भूस्खलन हुआ है. मैं कड़ी नजर रख रही हूं और उम्मीद है कि सोमवार दोपहर तीन बजे तक वहां पहुंच जाऊंगी’.

मारे गए लोगों के परिवारों को मुआवजे का ऐलान
मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में फंसे हुए हजारों पर्यटकों को आश्वासन दिया कि राज्य सरकार उन्हें सुरक्षित वापस लाने की व्यवस्था करेगी और पर्यटकों से अपील की कि वे घबराएं नहीं और वहां से निकलने की जल्दबाजी न करें. उन्होंने कहा, ‘कई पर्यटक फंसे हुए हैं. मैं उनसे अनुरोध करती हूं कि वे हड़बड़ी न करें. कृपया जहां हैं वहीं रहें. होटल वालों को उनसे ज्यादा पैसे नहीं लेने चाहिए. उनकी सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है और प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा’. सीएम ने घोषणा की कि आपदा में मारे गए लोगों के परिवारों को सरकारी मुआवजा और उनके एक सदस्य को रोजगार मिलेगा. हालांकि उन्होंने राशि का जिक्र नहीं किया.

पीएम मोदी ने हर संभव मदद का दिया भरोसा
इधर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मौतों पर शोक व्यक्त किया है. उन्होंने कहा है कि भारी बारिश और भूस्खलन के मद्देनजर दार्जिलिंग और आसपास के क्षेत्रों की स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है. पीएम ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘दार्जिलिंग में पुल दुर्घटना में हुई जानमाल की हानि से बहुत दुःख हुआ है. जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है, उनके प्रति मेरी संवेदना है. घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं. भारी बारिश और भूस्खलन के मद्देनजर दार्जिलिंग और आसपास के इलाकों की स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है. हम प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं’.

मौत का आंकड़ा बढ़ने की आशंका
NDRF और जिला प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार, कई स्थानों – सरसली, जसबीरगांव, मिरिक बस्ती, धार गांव (मेची), नागराकाटा और मिरिक झील क्षेत्र से लोगों के मारे जाने की खबर है. उत्तर बंगाल विकास मंत्री उदयन गुहा ने जान-माल के नुकसान को दुखद बताते हुए कहा कि हालात बेहद चिंताजनक हैं. उन्होंने बताया कि अभी तक मृतकों की संख्या 20 है. यह संख्या बढ़ने की आशंका है. मंत्री ने ये भी बताया कि वो भी इलाके का दौरा करने जा रहे हैं.

मिरिक में कम से कम 11 लोगों की मौत
NDRF के बयान के अनुसार, भूस्खलन से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र मिरिक में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई है. वहीं सात घायलों को क्षेत्र से बचा लिया गया है. दार्जिलिंग में सात लोगों की मौत हो गई और पुलिस, स्थानीय प्रशासन और आपदा टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं. वहीं नागराकाटा के धार गांव में मलबे से कम से कम 40 लोगों को बचाया गया जहां भारी भूस्खलन के कारण कई घर ध्वस्त हो गए. दार्जिलिंग उप-मंडल अधिकारी (एसडीओ) रिचर्ड लेप्चा ने बताया कि बीते शनिवार रात से हो रही भारी बारिश के कारण दार्जिलिंग उपखंड में हुए भीषण भूस्खलन में सात लोगों की मौत हो गई है. बताया जा रहा है कि दुर्गा पूजा और पूजा के बाद के उत्सवों का आनंद लेने के लिए दार्जिलिंग की पहाड़ियों में आए सैकड़ों पर्यटक भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन की वजह से फंस गए हैं.

IMD ने जारी किया रेड अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने दार्जिलिंग और कलिम्पोंग सहित उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में 6 अक्टूबर तक अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है. साथ ही, मिट्टी की नाजुक स्थिति के कारण और अधिक भूस्खलन और सड़कों पर अवरोध पैदा होने की चेतावनी दी है. NDRF के अनुसार, दार्जिलिंग जिले और उत्तरी सिक्किम में सड़क संपर्क गंभीर रूप से बाधित है और सिलीगुड़ी को मिरिक-दार्जिलिंग मार्ग से जोड़ने वाला एक लोहे का पुल क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे इस क्षेत्र तक पहुंच बाधित हो गई है.

  1. कफ सिरप मामले पर केंद्र सरकार सख्त, नियमों का पालन न करने पर लाइसेंस होंगे रद्द

कफ सिरप को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिल श्रीवास्तव ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों संग बैठक की. उन्होंने निर्देश दिया कि सभी दवा निर्माता संशोधित Schedule M के तहत गुणवत्ता मानकों का सख्ती से पालन करें, वरना उनके लाइसेंस रद्द किए जाएंगे. यह कदम मध्य प्रदेश और राजस्थान में कफ सिरप से हुई बच्चों की मौतों के बाद उठाया गया है. 

बच्चों में कफ सिरप के इस्तेमाल को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिल श्रीवास्तव ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की. इस दौरान सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी दवा निर्माता कंपनियां संशोधित Schedule M के तहत निर्धारित गुणवत्ता मानकों का सख्ती से पालन करें. अगर वह ऐसा नहीं करते हैं तो उनके लाइसेंस रद्द किए जाएंगे.

सचिव श्रीवास्तव ने कहा कि बच्चों में खांसी अधिकतर मामूली होती है और अपने आप ठीक हो जाती है, इसलिए कफ सिरप का इस्तेमाल बेहद सोच-समझकर किया जाए. उन्होंने कहा कि अंधाधुंध दवा देना बच्चों की सेहत पर गंभीर असर डाल सकता है. सचिव श्रीवास्तव ने कहा कि राज्यों से अपील की है कि वे जनजागरूकता अभियान चलाकर आम जनता को बच्चों में खांसी के सामान्य कारणों और उपचार के प्रति जागरूक करें, ताकि बिना जरूरत दवाएं देने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाया जा सके.

संदिग्ध मामलों में समय पर होगी कार्रवाई

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिल श्रीवास्तव ने कहा कि बैठक में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देशित किया गया कि वे दवाओं की गुणवत्ता की निगरानी बढ़ाएं. अस्पतालों से समय पर रिपोर्ट मंगवाएं और IDSP-IHIP प्लेटफॉर्म पर शिकायतों को दर्ज कराएं. इसके साथ ही पड़ोसी राज्यों के साथ समन्वय मजबूत करने की बात भी कही गई, ताकि संदिग्ध मामलों में समय पर कार्रवाई की जा सके.

  1. दिवाली पर हवाई सफर में राहत मिलेगी, सस्ती उड़ानों के साथ बढ़ेंगी फ्लाइट्स की संख्या

दिवाली पर यात्रियों को महंगे टिकटों से राहत देने के लिए DGCA ने एयरलाइनों को त्योहारों के दौरान अतिरिक्त उड़ानें शुरू करने के निर्देश दिए हैं. IndiGo, Air India, और SpiceJet मिलकर करीब 1,762 अतिरिक्त उड़ानें 100 से ज्यादा रूट्स पर चलाएगी. DGCA हवाई किराए पर नजर रखेगा और जरूरत पड़ने पर कदम उठाएगा. इस फैसले का मकसद बढ़ती यात्रा मांग को पूरा करना और किराए को स्थिर रखना है. 

दिवाली पर यात्रा करने वाले लोगों को सस्ती उड़ानों की सौगात मिल सकती है. नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने एयरलाइनों को निर्देश दिया है कि वे त्योहारों के मौसम में हवाई किराए में बढ़ोतरी रोकने के लिए प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त उड़ानें जोड़ें. रविवार शाम जारी एक बयान में नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कहा, त्योहारों के दौरान हवाई किराए पर नजर रखना और कीमतें बढ़ने पर उचित कदम उठाना DGCA की जिम्मेदारी है.

एयरलाइनों के साथ चर्चा के बाद DGCA ने बताया कि कंपनियों ने अतिरिक्त क्षमता जोड़ने का वादा किया है, ताकि त्योहारों के समय बढ़ी हुई यात्रा मांग को पूरा किया जा सके. जैसे 42 सेक्टरों में IndiGo लगभग 730 अतिरिक्त उड़ानें, Air India और Air India Express 20 सेक्टरों में करीब 486 उड़ानें और SpiceJet 38 सेक्टरों में लगभग 546 उड़ानें कर सकता है. मंत्रालय ने कहा, DGCA ने सक्रिय पहल करते हुए एयरलाइनों से कहा है कि त्योहारों के दौरान अतिरिक्त उड़ानें शुरू करें, ताकि यात्रियों को महंगे टिकट न खरीदने पड़ें.

सख्त निगरानी रखेगा DGCA
अक्टूबर से दिसंबर तक का समय हर साल त्योहारों जैसे दिवाली और क्रिसमस के कारण यात्रा के लिए सबसे व्यस्त रहता है. इसी दौरान लोकप्रिय रूट्स पर टिकटों के दाम बढ़ जाते हैं. मंत्रालय ने यह भी कहा कि DGCA हवाई किराए और उड़ान क्षमता पर सख्त निगरानी रखेगा, ताकि यात्रियों के हितों की सुरक्षा हो सके. एविएशन एनालिटिक्स फर्म Cirium के अनुसार, अक्टूबर महीने में भारतीय एयरलाइंस साप्ताहिक 22,945 घरेलू उड़ानें संचालित करेंगी, जो पिछले साल की तुलना में 2.1% कम है.

शुरू होगी भारत-चीन फ्लाइट
भारत ने हाल ही में चीन के साथ सीधी हवाई सेवाएं फिर से शुरू करने की घोषणा की, जो अक्टूबर के अंत से शुरू होंगी. यह फैसला दोनों देशों के बीच संबंधों को सामान्य करने की दिशा में एक और अहम कदम माना जा रहा है. हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तिआनजिन (चीन) में आयोजित SCO शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया था और वहां राष्ट्रपति शी जिनपिंग से द्विपक्षीय मुलाकात भी की थी. यह कदम भारत की ओर से चीन के साथ नियमित संपर्क बहाल करने का दूसरा बड़ा प्रयास है. इससे पहले भारत सरकार ने चीनी नागरिकों के लिए टूरिस्ट वीजा की सुविधा दोबारा शुरू की थी.

  1. ट्रंप की हमास को आखिरी चेतावनी, गाजा पर कंट्रोल नहीं छोड़ा तो होगा पूरा विनाश

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमास को चेतावनी दी है कि अगर उसने गाजा की सत्ता नहीं छोड़ी और शांति योजना नहीं मानी, तो उसे पूर्ण विनाश का सामना करना पड़ेगा. ट्रंप ने हमास को आखिरी मौका देते हुए इजराइली बंधकों की रिहाई और युद्ध समाप्त करने को कहा है. उन्होंने 20 बिंदुओं वाली शांति योजना पेश की है, जिसमें लड़ाई रोकने और गाजा की भविष्य की व्यवस्था का प्रस्ताव शामिल है. नेतन्याहू इस योजना का समर्थन कर चुके हैं. 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमास को आखिरी चेतावनी दी है. ट्रंप ने कहा कि अगर हमास गाजा की सत्ता और कंट्रोल नहीं छोड़ता है और उनकी शांति योजना स्वीकार नहीं करता, तो उसे पूर्ण विनाश का सामना करना पड़ेगा. ट्रंप ने ये चेतावनी डेडलाइन से करीब 12 घंटे पहले दी है. ट्रंप ने हमास को शांति प्रस्ताव स्वीकार करने के लिए रविवार शाम 6 बजे (भारतीय समयानुसार, सोमवार सुबह 3:30 बजे) तक का समय दिया है.

ट्रंप ने कहा कि हमास को आखिरी मौका दिया जा रहा है कि वे शांति योजना स्वीकार करे, इजराइली के बंधकों को रिहा करे और लड़ाई बंद कर दे. इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पहले ही इस युद्धविराम योजना के समर्थन में हैं. ट्रंप ने 20 पॉइंट वाली शांति योजना तैयार की है. इसमें लड़ाई तुरंत बंद करने के साथ-साथ गाजा की भविष्य की व्यवस्था का खाका है.

योजना की अहम बातें क्या हैं?

इस योजना के तहत एक अस्थायी प्रशासनिक बोर्ड बनाया जाएगा, जिसका नेतृत्व ट्रंप खुद करेंगे. इसमें ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर समेत अन्य नेता भी शामिल होंगे. योजना के अनुसार, गाजा के लोगों को अपने घर छोड़ने पर मजबूर नहीं किया जाएगा. अगर इजराइल और हमास दोनों शर्तें मान लेते हैं, तो लड़ाई तुरंत रुक जाएगी.

दरअसल, हमास ने ट्रंप की शांति योजना के कुछ हिस्सों को स्वीकार किया है, जैसे युद्ध खत्म करना, इजराइल की सेना की वापसी और बंदियों को छोड़ना. लेकिन वे कुछ मुद्दों पर अभी भी बातचीत चाहते हैं. इनमें हथियार छोड़ने का मामला अहम है. इन मामलों पर मिस्र में हमास, इजराइल और अमेरिकी डेलिगेशन के बीच बातचीत जारी है.

गाजा युद्ध खत्म नहीं हुआ: मार्को रुबियो

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि गाजा में युद्ध अभी खत्म नहीं हुआ है. उन्होंने बताया कि हमास ने ट्रंप की शांति योजना और बंधकों की रिहाई के प्रस्ताव को स्वीकार किया है, लेकिन अभी कई बातें तय होनी बाकी हैं. इस पूरे मामले में कोई भी पूरी गारंटी नहीं दे सकता.

रुबियो ने बताया कि बंधकों को रिहा करना पहला कदम है, और उसके बाद गाजा के भविष्य की योजना पर बातचीत होगी. उन्होंने कहा कि अभी कई चुनौतियां और अनिश्चितताएं बनी हुई हैं. ट्रंप की शांति योजना गाजा युद्ध को खत्म करने की कोशिश है, लेकिन स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है. दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी है और आने वाले समय में क्या होगा, यह देखना होगा.

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