- पर्यटकों को नया सुकून, संवर गया सिरपुर तालाब
- 10 करोड़ की लागत से पहले और दूसरे चरण का काम जारी, कई कार्य 80 प्रतिशत तक पूरे हुए, खाली पड़ी जमीन का नजारा ही बदला
इन्दौर। शहर)के सबसे पुराने सिरपुर तालाब के आसपास के हिस्सों में कभी गंदगी और कचरे के ढेर नजर आते थे, अब वहां दशा बदल रही है। निगम ने सिरपुर तालाब के आसपास के हिस्सों में सौंदर्यीकरण के कार्यों के लिए तीन चरणों में काम शुरू करने की प्लानिंग की थी। दो चरणों का काम शुरू भी करा दिया था। इसके तहत वहां खाली पड़ी जमीन के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर पौधारोपण से लेकर बेहतरीन वॉकिंग ट्रैक, कई खूबियों वाला उद्यान बनाने और बच्चों के मनोरंजन के लिए खेल उपकरण लगाने का काम चल रहा है।
सिरपुर तालाबके आसपास पिछले दिनों बड़े पैमाने पर सफाई अभियान भी चलाया गया था और तालाब के हिस्सों से गाद निकालने का काम पोकलेन और निगम टीमों के माध्यम से किया गया। उसके किनारों पर अलग-अलग प्रजाति के छोटे-छोटे पौधे भी लगाए गए हैं, ताकि तालाब की सुंदरता नजर आए। पिछले दिनों नगर निगम ने सिरपुर तालाब को लेकर तीन चरणों में काम कराने की योजना को मंजूरी दी थी। प्रोजेक्ट का काम देख रहे निगम अधिकारी महेश शर्मा के मुताबिक वहां प्रथम और द्वितीय चरण का काम शुरू कराया गया था, जिनमें से पहले चरण का 80 प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया है। आने वाले दिनों में शेष बचे काम पूरे कर लिए जाएंगे। अफसरों की लगातार मॉनीटरिंग के चलते वहां कई कार्य तेजी से कराए गए हैं।
कब्जा न हो इसलिए बनाई बाउंड्रीवॉल
सिरपुर तालाब की कुछ जमीन पर पिछले दिनों हुए कब्जों को निगम की टीमों ने मशक्कत के बाद हटाया था। अब वहां खाली हुई जमीनों के आसपास बाउंड्रीवॉल बनाने के काम आने वाले दिनों में शुरू किए जाएंगे, ताकि तालाब के कैचमेंट एरिया वाली जमीन पर किसी प्रकार का फिर कब्जा न हो सके। नई बाउंड्रीवॉल के आसपास भी सघन पौधारोपण किया जाएगा।
परिंदों की जानकारी मिलेगी
तालाब से संबंधित कार्यों और वहां आने वाले देसी-विदेशी परिंदों से संबंधित जानकारियां कार्यालय में रखी जाएंगी। इसके साथ-साथ वहां बनाए गए कुछ कक्षों में विदेशी परिंदों की तस्वीरें भी लगाई जाएंगी, ताकि आने वाले लोगों को इसकी जानकारी मिल सके कि वहां दूर देशों से किस-किस अवधि में कौन-कौन से परिंदे आकर रुकते हैं।
लाखों के खेल उपकरण भी लगेंगे
परिसर में अलग-अलग प्रजातियों के पौधे रोपे गए हैं। एक स्थान पर बच्चों के लिए लाखों रुपए के खेल उपकरण फिसलपट्टी, चकरी, झूला और व्यायाम से संबंधित उपकरण भी लगाए जाएंगे।

