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दिल पर पत्थर, चेहरे पर मुस्कान… और नाम वापस, बोले- पार्टी की खातिर झुके

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इंदौर

प्रशासनिक संकुल में एक नजारा था 18 जून को, जब कोई साफा बांधे तो कोई हार पहने ढोल-ढमाकों के साथ पहुंचा था, वहीं एक नजारा था 22 जून को नाम वापसी के दिन, जब दावेदार आए तो सही लेकिन मजबूरी में। कहीं पार्टी की मजबूरी तो कोई दादा या भाभी के कहने पर पहुंचा नाम वापस लेने।

कांग्रेस हो या भाजपा, दोनों पार्टियों के प्रत्याशियों की ऐसी ही स्थिति थी। नाम वापसी के बाद कोई खुलकर बोला तो किसी के आंसू निकल गए। किसी ने यह कहकर खुद को दिलासा दे दिया कि पार्टी का फैसला ही अंतिम फैसला है। नाम वापस तो लिए लेकिन दिल पर पत्थर रखकर यह फैसला प्रत्याशी ले सके।

नामांकन वापसी का दिन : भाजपा-कांग्रेस ने ऐनवक्त पर मनाया

बरसते पानी में नाम वापस करने पहुंचे मिश्रा, पर नहीं हुआ

वार्ड 85 : प्रत्याशी रविकांत मिश्रा का टिकट ऐन वक्त पर बदलकर सचिन चौहान को दिया गया। दोपहर में मिश्रा प्रचार में जुटे थे। उन्हें सूचना देकर बुलाया गया। प्रचार छोड़ा बरसते पानी में मिश्रा करीब 3 बजे कलेक्टर ऑफिस पहुंचे। समय निकल जाने पर नामांकन वापस लेने से अफसरों ने इनकार कर दिया।

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