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देपालपुर के समाज सेवी ,मीडिया के साथ संक्रमित मरीजों को आध्यात्मीक स्वास्थ्य थैरेपी

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देपालपुर |नगर के समाजसेवी हंसराज धाकड़ ,पत्रकार कैलाश गौड़  विजय जोशी , नगर में बने कोविड केयर सेंटर में एडमिट पीड़ितों को विभिन्न स्वास्थ्य वृद्धक आध्यात्मीक थैरेपी के साथ गायत्री मंत्र और मुद्रा विज्ञान की थेरेपी से रोगियों को स्वास्थ्य सूत्र देकर उनका मनोबल बढ़ा रहे है ,वही उन्हें रोग से लड़ने में सहायक एम्स के गायत्री मंत्र के चमत्कारी शोध बता कर मंत्रोच्चार पद्धति भी दे रहे है ।एम्स के शोध में गायत्री मंत्र को कोविड से लड़ने का एक ब्रह्मउपचार शस्त्र बताया गया है , समाज सेवी ने कोविड केयर सेंटर में भर्ती मरीजों के बीच जाकर रोगियों को तनाव से बचने के लिए प्राण मुद्रा में ध्यान करवाया ,ताकि पीड़ित मानसिक रूप से ओर शारीरिक रूप से जल्दी स्वास्थ्य लाभ प्राप्त हो और वे जल्दी स्वस्थ होकर अपने घर अपने परिजनों के बीच पहुंच सके उन्होंने बताया प्राण मुद्रा के द्वारा शरीर मे कई रोगों पर स्वास्थ्य लाभ और अनुकूल प्रभाव होता है इस विषय पर भी चर्चा की । प्राण मुद्रा ओर श्वसन क्रिया शरीर में व्याप्त विभिन्न रोगों का शमूल नाश करके रोगी को प्राण ऊर्जा का संचार  कर आत्मबल बढ़ाती है शरीर को रोग मुक्त करती है..! अब तो रोगमुक्त होने के लिए अमेरिका के कई वैज्ञानिक भी अपने रिसर्च में  स्वीकार कर चुके की गायत्री मंत्र दुनिया का सबसे प्रभावशाली मंत्र है ,वही उन्होंने कोविड केयर सेंटर से डिस्चार्ज होकर ग्रामीण क्षेत्र में घर जाने वाले मरीजों से आग्रह किया , की वे यंहा से स्वस्थ होकर अपने घर जाते समय अपने टूथ ब्रश को घर ना ले जाकर डस्टबिन में नष्ट कर समाप्त करे ,घर पहुंचकर नित्य कुछ दिनों तक प्राकृतिक वॄक्ष निम ,गिलोय ,रतनजोत ,बबुल वृक्ष की दातुन का प्रयोग करे , इनके प्रयोग से प्राकृतिक रूप से गले के इंफेक्शन ,गले के संक्रमण से कोई भी व्यक्ति रोग मुक्त होता है इन वॄक्षो मे प्राकृतिक रूप से रोग को नष्ट कर देने के कई विशेष गुण पाए जाते है…

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