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सीमा पर संग्राम: आज फिर दिल्ली की तरफ बढ़ेंगे आंदोलनकारी किसान,किसी भी हाल में किसानों को दिल्ली में घुसने न देने का आदेश

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हरियाणा-पंजाब की कई सीमाओं पर पुलिस से टकराव के बावजूद आंदोलनकारी किसान दिल्ली की ओर बढ़ रहे हैं। कल दिन भर टकराव, झड़प, हिंसा और सरकार से गतिरोध के बीच किसान दिल्ली की ओर बढ़ने की कोशिश करते रहे। बीती रात भर शंभू बॉर्डर पर हलचल होती रही और किसानों को रोकने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े। आज फिर किसान दिल्ली की ओर बढ़ेंगे। आज हालात कल से ज्यादा गंभीर होन की आशंका है।

एमएसपी गारंटी कानून और कर्जमाफी समेत 12 मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे पंजाब के किसानों ने सरकार से वार्ता विफल होने के बाद मंगलवार सुबह दिल्ली के लिए कूच कर दिया। पंजाब के विभिन्न इलाकों से ट्रैक्टर ट्रॉलियों पर टेंट व राशन लेकर निकले किसानों को हरियाणा के बॉर्डर पर रोक दिया गया है। 

सील किए गए पटियाला के शंभू और जींद के दातासिंह वाला बॉर्डर पर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों की बीच कई बार टकराव हुआ। पथराव और बैरिकेड तोड़ने की कोशिश कर रहे किसानों को खदेड़ने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले, वाटर कैनन और रबड़ की गोलियां चलाईं। जींद में किसानों पर लाठियां भी बरसाई गईं। दोनों बॉर्डर पर हुए टकराव में 100 किसान व अंबाला के नारायणगढ़ के डीएसपी समेत 19 जवान घायल हुए हैं। 

वहीं, पंजाब से सटी हरियाणा की सभी 14 सीमाओं पर करीब 20 हजार किसान जमा हैं। उनको रोकने के लिए हरियाणा में अर्धसैनिक बलों की 64 कंपनियां और पुलिस की 50 कंपनियां तैनात की गई हैं। अभी तक हरियाणा के किसी भी बॉर्डर से पंजाब के किसान आगे नहीं बढ़ पाए हैं। रात 8 बजे किसानों ने एलान किया कि अब वे बुधवार को दिल्ली के लिए कूच करेंगे। रात को किसानों ने वहीं डेरा डाल दिया। 

किसानों के पथराव करने पर चलाए आंसू गैस के गोले : हरियाणा पुलिस
हरियाणा पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि शंभू बॉर्डर पर प्रदर्शनकारियों ने पहले हरियाणा पुलिस पर पथराव किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया। किसी को भी उपद्रव फैलाने की अनुमति नहीं है। ऐसा करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। अभी तक स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।

आंसू गैस के गोलों पर डाल रहे गीली बोरियां
शंभू बॉर्डर पर आंसू गैस का असर खत्म करने के लिए किसानों ने गोलों पर पानी से भीगी बोरियां डालीं। आंखों व चेहरे पर जलन न हो इसके लिए पानी में भीगे कपड़े चेहरे पर डाल आगे बढ़े।

हरियाणा के किसान नेताओं को किया नजरबंद
पुलिस ने हरियाणा के किसान नेताओं के घर पर दबिश दी और करीब एक दर्जन किसान नेताओं को उनके घरों में ही नजरबंद कर दिया गया। बापौली थाना पुलिस मंगलवार सुबह गांव गढ़ी भलौर में किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष सूरजभान रावल के घर पहुंची। पुलिस ने उनको घर पर ही नजरबंद कर दिया है। इसके अलावा कई किसान नेता पुलिस की पकड़ से बचने अपने मोबाइल फोन बंद करके भूमिगत हो गए हैं।

दिल्ली के सभी रास्ते बंद
प्रदर्शनकारी किसानों के रुख को देखते हुए दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ के बॉर्डर मंगलवार सुबह से ही सील हैं। हरियाणा के पंजाब से जुड़े शंभू, ट्यूकर, चीका, दातासिंह वाला, खनौरी, डबवाली, कालांवाली, रोड़ी, रतिया, जाखल और टोहाना बॉर्डर पर आवाजाही पूरी बंद कर दी गई थी। दिल्ली से जुड़े सोनीपत के कुंडली और बहादुरगढ़ के टीकरी बॉर्डर को दिल्ली पुलिस ने पूरी तरह से सील कर दिया है। दिल्ली पुलिस ने कई लेयर में बैरिकेड लगाकर दिल्ली की तरफ आने-जाने वाले दोनों रास्तों को बंद कर दिया है। टीकरी बॉर्डर से दिल्ली की तरफ जाने वाले अन्य रास्तों को भी बंद कर दिया गया है। सोनीपत में कुंडली बॉर्डर पर वाहनों की आवाजाही पूर्ण रूप से बंद करने के बाद केएमपी-केजीपी एक्सप्रेस वे के जीरो प्वाइंट से वाहनों को निकाला जा रहा है। 

पुलिसकर्मियों के अलावा रिजर्व फोर्स भी तैयार की गई है। फिलहाल, थानों में ही रहने के आदेश दिए गए हैं। बॉर्डरों की सुरक्षा की कमान विशेष पुलिस आयुक्त ने संभाल रखी है। पुलिस को सख्त आदेश है कि नई दिल्ली जिले में किसी भी किसान को घुसने नहीं दिया जाए। 

बॉर्डरों के अलावा नई दिल्ली जाने वाले मार्गों पर 24 घंटे चेकिंग की जा रही है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस बार किसानों से सख्ती से निपटने के आदेश मिले हैं। किसी भी हाल में किसानों को दिल्ली में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। जरूरत पड़ने पर लाठीचार्ज, हिरासत, आंसू गैस के गोले छोड़ने व रबड़ की गोलियां चलाने के आदेश दिए गए हैं। जंतर-मंतर के अलावा संसद भवन, गृहमंत्री अमित शाह व प्रधानमंत्री आवास की सुरक्षा को भी कड़ा कर दिया गया।

पड़ोसी राज्यों से संपर्क साधा
गुरुग्राम, फरीदाबाद, मेवात, राजस्थान, नोएडा, फरीदाबाद व हरियाणा के पुलिस अधिकारियों से बात कर सहयोग लिया जा रहा है। हर वाहन को चेक करने के बाद ही दिल्ली में प्रवेश दिया जा रहा है। वहीं, पुलिस ने कुछ थानों में 15 से ज्यादा डिटेशन सेंटर बनाए हैं। जिस जगह पर किसान हिरासत में लिए जाएंगे, उस जगह के विपरीत उन्हें डिटेशन सेंंटर में बंद किया जाएगा।

सिंघु बॉर्डर पर पांच लेयर की सुरक्षा, सभी संस्थान बंद
सिंघु बॉर्डर को पूरी तरह से छावनी में तब्दील कर दिया गया है। यहां किसानों को रोकने के लिए पांच लेयर की सुरक्षा की गई है। किसानों को सबसे पहले दोहरी लेयर के जर्सी बेरिकेड से गुजरना होगा। इसके पीछे बड़े-बड़े पत्थर रखे गए हैं। इसके बाद फिर से जरसी बेरिकेड हैं जिन पर कटीले तार लगाए गए हैं। इसके अलावा रेत व मिट्टी से भरे कंटेनर को रखकर रास्ते को बंद कर दिया गया है। इन सुरक्षा के अलावा भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है। वहीं, सिंघु बॉर्डर पर काम करने वाले लोगों ने बताया कि यह औद्योगिक क्षेत्र है। यहां बड़ी संख्या में छोटे-बड़े संस्थान हैं जिनमें हजारों की संख्या में लोग काम करते हैं। किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए सभी संस्थानों को बंद करवा दिया गया है। यहां काम करने वालों को एक बार फिर से डर सता रहा है कि यदि पिछली बार की तरह किसानों का प्रदर्शन एक साल से अधिक समय तक चला तो उनकी रोजी-रोटी खत्म हो जाएगी।

तीन एंबुलेंस को दिया रास्ता
दोपहर तीन बजे बॉर्डर पर स्थित फ्लाईओवर से तीन एंबुलेंस निकलीं। दो में मरीज, जबकि एक एंबुलेंस में शव था। पुलिस का कहना है कि जहां तक संभव हो पा रहा है लोगों को सुविधा देने की कोशिश की जा रही है, लेकिन बुधवार से सख्ती होगी।

किसानों का जताया विरोध
हरियाणा के गांव से बॉर्डर पर पहुंचे विरेंद्र सिंह ने कहा कि वह भी किसान हैं, लेकिन प्रदर्शन कर रहे किसानों के खिलाफ हैं। किसान महज राजनीति कर रहे हैं। यही कारण है कि चुनाव से पहले उन्होंने ऐसा प्रदर्शन शुरू किया है। यदि वह किसानों की हित को ध्यान में रखकर प्रदर्शन करते तो समर्थन भी मिलता, लेकिन हरियाणा का किसान उनके साथ नहीं है।

पैदल तय किया लंबा सफर
सिंघु बॉर्डर सील होने के कारण लोगों को पैदल ही लंबा सफर तय करना पड़ा। लोगों को सिर पर ही सामान रखकर जाना पड़ा। सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं को हुई। कुलप्रीत ने बताया कि वह बॉर्डर के पास शोरूम में काम करती है, लेकिन बंद के कारण पुलिस ने जाने नहीं दिया। काफी देर तक घूमने के बाद दो किमी का सफर तय कर मौके पर पहुंची।

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