भोपाल: भोपाल साइबर क्राइम ब्रांच ने एक बड़े साइबर फ्रॉड का खुलासा किया। उन्होंने राजस्थान के भीलवाड़ा से दो और लोगों को गिरफ्तार किया। इन लोगों पर ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर 68 लाख रुपये की ठगी करने का आरोप है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम विशाल भट्ट (25 वर्ष) और यशपाल भट्ट (21 वर्ष) हैं। ये दोनों भाई हैं।भोपाल साइबर क्राइम ब्रांच ने राजस्थान से दो साइबर अपराधियों को पकड़ा है। इन अपराधियों पर 68.4 लाख रुपये के डिजिटल अरेस्ट घोटाले का आरोप है। विशाल भट्ट और यशपाल भट्ट नाम के इन भाइयों ने फर्जी बैंक खाते बेचे थे। पुलिस ने अब तक इस मामले में 10 लोगों को गिरफ्तार किया है।
ये दोनों लोग विदेशों में बैठे साइबर अपराधियों को बैंक खाते बेचते थे। इस मामले में अब तक कुल 10 लोग पकड़े जा चुके हैं। पुलिस के अनुसार, शिकायत भोपाल के एक व्यक्ति ने दर्ज कराई थी। उसे FedEx कर्मचारी बनकर एक व्यक्ति ने धोखा दिया। उसने कहा कि मुंबई से ताइवान के लिए उनके नाम पर ड्रग्स का पार्सल भेजा गया है। इसके बाद एक और व्यक्ति ने स्काइप पर मुंबई क्राइम ब्रांच का डीसीपी बनकर कॉल किया। धोखेबाजों ने उसे वीडियो कॉल के जरिए ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रहने के लिए मजबूर किया और 68 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए।
पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान, फर्जी बैंक खाता राजस्थान के सवाई माधोपुर के राजेंद्र कुमार मीणा का निकला। इसके बाद पुलिस भट्ट बंधुओं तक पहुंची और इस मामले में उनकी भूमिका का पता चला। गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने माना कि उन्होंने पिछले चार सालों में लगभग 150 बैंक खाते बेचे हैं। ये खाते फर्जी दस्तावेजों और गलत पते का इस्तेमाल करके खोले गए थे। इन खातों को अक्सर बिचौलियों के माध्यम से बेचा जाता था। धोखेबाज आरोपियों को कमीशन के तौर पर क्रिप्टोकरेंसी, खासकर USDT में भुगतान करते थे। उन्हें बेचे गए खातों के माध्यम से किए गए कुल लेनदेन का 10-15% मिलता था।

