दक्षिण भारतीय फिल्मों के सुपर स्टार रजनीकांत की तबीयत गुरुवार को खराब हो गई। उन्हें चेन्नई के कावेरी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालांकि उन्हें रूटीन चेकअप के लिए अस्पताल ले जाया गया है। जहां वे कल तक रहेंगे। इसके बाद वे घर लौट आएंगे। टॉलीवुड ट्रेड एनालिस्ट रमेश बाला के मुताबिक, रजनीकांत की पत्नी लता ने कहा है कि यह थलाइवा का रूटीन मेडिकल चेकअप है। रजनीकांत के फैंस ने उनके जल्द स्वस्थ होने की दुआएं करना शुरू कर दिया है।
18 जून को गए थे अमेरिका
रजनीकांत हर साल रेगुलर हेल्थ चेकअप के लिए भी एक बार अमेरिका जरूर जाते हैं। इस बार वे 18 जून को अमेरिका गए थे और वहां तीन हफ्ते रुके थे। उन्हें पहले ही चेकअप के लिए अमेरिका जाना था लेकिन कोविड लॉकडाउन और फिल्मों की शूटिंग के कारण ऐसा संभव नहीं हो पा रहा था। 9 जुलाई को रजनीकांत वापस इंडिया लौटे थे। गौरतलब है कि रजनीकांत का 2016 में अमेरिका में किडनी ट्रांसप्लांट हुआ था।
सेहत के चलते पॉलिटिक्स से भी हुए दूर
पिछले साल दिसंबर में रजनीकांत की सेहत खराब हो गई थी जिसके उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। 70 साल के रजनी को ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव और थकान की शिकायत थी। खराब सेहत के चलते ही उन्होंने पिछले साल पॉलिटिक्स में एंट्री का फैसला टाल दिया था। वह पोंगल पर अपनी पार्टी लॉन्च करने वाले थे लेकिन ऐसा नहीं हो पाया।
रजनी ने कहा था कि वे खराब सेहत के बावजूद राजनीति में आने का ऐलान कर वीरता नहीं दिखाना चाहते। अपने समर्थकों को भी परेशान नहीं करना चाहते। साथ ही कहा- इस फैसले से फैन्स को निराशा होगी, लेकिन मुझे माफ कर दीजिए।
पिछले साल भी भर्ती हुए थे अस्पताल में
इससे पहले पिछले साल दिसंबर में भी रजनीकांत को अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था। उस समय वह हैदराबाद में एक फिल्म की शूटिंग कर रहे थे। लेकिन अचानक हेल्थ खराब होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
3 दिन पहले मिला 51वां दादा साहेब अवॉर्ड
सुपरस्टार रजनीकांत को 3 दिन पहले ही दिल्ली में दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। इस दौरान उन्होंने अपने दोस्त और बस ड्राइवर राजबहादुर को धन्यवाद कहा था जिनकी वजह से वो फिल्मों में आए थे। ये अवॉर्ड्स एक साल की देरी से घोषित हुए हैं, क्योंकि पिछले साल कोरोना महामारी के चलते ऐसा नहीं हो सका था।
अवॉर्ड से एक दिन पहले खुद रजनीकांत ने भी सबसे बड़े दिन को लेकर सोशल मीडिया पर अपनी खुशी जाहिर की थी। इसके साथ ही उन्होंने बेटी सौंदर्या विशगन की उपलब्धि को भी शेयर किया था। हालांकि उन्हें इस बात का दुख भी था कि उनके गुरु केबी (के बालाचंदर) उन्हें पुरस्कार प्राप्त करता देखने के लिए जीवित नहीं।

