भोपाल
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के चिरायु मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल ने 24 घंटे के अंदर आयुष्मान कार्ड होल्डर मरीज के परिजन से एडवांस जमा कराए 2 लाख रुपए वापस लौटा दिए है। साथ ही मुख्यमंत्री कोविड उपचार योजना के तहत आयुष्मान कार्ड से इलाज करने का आश्वासन दिया है। इसकी जानकारी मंगलवार को मरीज के रिश्तेदार योगेंद्र रघुवंशी ने वीडियो जारी करके जानकारी दी। साथ ही उन्होंने पूरे मामले में मदद के लिए राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी का धन्यवाद दिया।
योगेन्द्र ने सोमवार को वीडियो जारी कर चिरायु में आयुष्मान कार्ड से इलाज करने से मना करने की जानकारी दी थी। साथ ही दो लाख रुपए एडवांस जमा कराए जाने की बात कही। योगेन्द्र ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से उसकी दादी का इलाज आयुष्मान कार्ड से कराने के लिए मदद मांगी थी। साथ ही कहा था कि अब उनके पास अस्पताल में जमा करने के लिए पैसा नहीं है। इस मामले पर राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया ने योगेंद्र से बात कर मदद का आश्वासन दिया था।
इसके बाद आयुष्मान भारत निरायम मध्य प्रदेश के सीईओ एस विश्वनाथन ने चिरायु अस्पताल को शोकॉज नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब देने को कहा था। नोटिस जारी होते ही 24 घंटे के अंदर ही चिरायु ने मरीज के परिजन को एडंवास 2 लाख रुपए की राशि लाैटा दी।
लगातार दूसरे दिन अस्पताल की शिकायत
युष्मान कार्ड से इलाज कराने से मना करने का चिरायु मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल का यह लगातार दूसरा मामला है। इसके एक दिन पहले रविवार को भी डीआईजी बंगला निवासी योगेश बलवानी ने अपनी मां का इलाज आयुष्मान कार्ड से करने से मना करने का वीडियो वायरल किया था।
इस वीडियो में अस्पताल का मैनेजर गौरव बजाज योगेश से कहता है कि अस्पताल में कोविड मरीजों के इलाज के लिए आयुष्मान कार्ड स्वीकार नहीं किए जाएंगा। यह वीडियो शुक्रवार को बनाया गया था। जिसके एक दिन बाद शनिवार को योगेश की मां की मौत हो गई। इस मामले में भी भोपाल कलेक्टर अविनाश लवानिया ने अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा है। हालांकि इस मामले के बाद अस्पताल के मालिक डॉ. अजय गोयनका ने अपना बयान जारी कर अस्पताल के मैनेजर गौरव बजाज को सामाजिक कार्यकर्ता बताते हुए वीडियो का खंडन किया था।

