जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन ने इंदौर में “सेवा वाली दिवाली” का आयोजन किया,इस साल दिवाली का पर्व सिर्फ दीयों की रोशनी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इंदौर में यह सेवा, संवेदना और समर्पण का प्रतीक बन गया। जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (JITO) ने “सेवा वाली दिवाली” के रूप में एक अनूठी पहल की, जिसमें 2000 से अधिक अनाथ और विशेष रूप से सक्षम बच्चों के चेहरों पर मुस्कान बिखेरी गई। यह भव्य कार्यक्रम ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित किया गया, जहां उत्सव और सेवा का एक अद्भुत संगम देखने को मिला। जिसमें 2000 से अधिक अनाथ और विशेष रूप से सक्षम बच्चों ने भाग लिया। गायिका पलक मुछाल और क्रिकेटर सूर्यकुमार यादव विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए।
इस कार्यक्रम के अंतर्गत न केवल बच्चों को उपहार दिए गए, बल्कि उन्हें सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आनंद लेने का मौका मिला। बच्चों के चेहरे पर खुशी और उत्साह साफ दिखाई दे रहा था, जो इस बात का प्रतीक था कि सेवा का यह पर्व वास्तव में सफल रहा। JITO ने इस आयोजन के माध्यम से समाज के वंचित वर्ग तक दिवाली की खुशियों को पहुंचाने का प्रयास किया।
इस साल दिवाली का पर्व सिर्फ दीयों की रोशनी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इंदौर में यह सेवा, संवेदना और समर्पण का प्रतीक बन गया। जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (JITO) ने “सेवा वाली दिवाली” के रूप में एक अनूठी पहल की, जिसमें 2000 से अधिक अनाथ और विशेष रूप से सक्षम बच्चों के चेहरों पर मुस्कान बिखेरी गई। ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित यह कार्यक्रम उत्सव और सेवा का एक अद्भुत संगम बन गया।

सूर्यकुमार यादव ने बच्चों को दिया सफलता का मंत्र
भारतीय टी-20 क्रिकेट टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव की मौजूदगी ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। उन्होंने बच्चों के साथ बातचीत करते हुए अपने जीवन के अनुभव साझा किए और कहा, “मेरे पिता मुझे इंजीनियर बनाना चाहते थे, लेकिन मेरा जुनून क्रिकेट था। उन्होंने मेरी प्रतिभा को पहचाना और पूरा समर्थन दिया। मैं आप सभी से यही कहूंगा कि खूब पढ़ें और खूब खेलें, क्योंकि आपके माता-पिता ही आपकी प्रतिभा को सबसे पहले पहचानते हैं।”
पलक मुछाल के गीतों पर झूमे बच्चे
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण प्रसिद्ध गायिका पलक मुछाल की भावपूर्ण प्रस्तुति रही। उनके मधुर गीतों ने पूरे माहौल को संगीतमय बना दिया और वहां मौजूद बच्चे खुद को झूमने से नहीं रोक पाए। बच्चों की खिलखिलाहट और खुशी ने उपस्थित सभी मेहमानों का दिल जीत लिया।
युवाओं ने पेश की सेवा की मिसाल
इस भव्य आयोजन में 350 से अधिक युवा स्वयंसेवकों ने निस्वार्थ भाव से भाग लिया। उन्होंने बच्चों के साथ मिलकर दीपक जलाए, उनके साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लिया और उन्हें उपहार व भोजन वितरित किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य दिवाली की खुशियों को समाज के वंचित वर्ग तक पहुंचाना था, जिसे युवाओं के जोश और समर्पण ने साकार कर दिखाया।
JITO ने उठाया 200 बच्चों की शिक्षा का जिम्मा
जीतो के प्रतिनिधि प्रतीक सूर्या ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसके बाद बच्चों और स्वयंसेवकों ने नृत्य, संगीत और नाटक जैसी मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। इस अवसर पर JITO ने एक बड़ी घोषणा करते हुए 200 से अधिक बच्चों की एक वर्ष की शिक्षा का पूरा खर्च उठाने का संकल्प लिया। साथ ही, संगठन के कई सदस्यों ने अपने जन्मदिन पर एक बच्चे की शिक्षा का जिम्मा लेने का भी प्रण किया। JITO ने यह भी घोषणा की कि वे भविष्य में सामाजिक कल्याण, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अपनी गतिविधियों को और बढ़ाएंगे। बच्चों के बेहतर विकास के लिए स्कूलों में स्मार्ट टीवी और स्मार्ट बोर्ड लगाने, शौचालय बनवाने और नियमित स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित करने जैसी योजनाएं भी शुरू की जाएंगी।
सूर्यकुमार यादव का प्रेरक संदेश
इस कार्यक्रम में भारतीय टी-20 क्रिकेट टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने बच्चों के साथ बातचीत करते हुए अपने जीवन के अनुभव साझा किए। यादव ने कहा, “मेरे पिता मुझे इंजीनियर बनाना चाहते थे, लेकिन मेरा जुनून क्रिकेट था। उन्होंने मेरी प्रतिभा को पहचाना और पूरा समर्थन दिया। मैं आप सभी से यही कहूंगा कि खूब पढ़ें और खूब खेलें, क्योंकि आपके माता-पिता ही आपकी प्रतिभा को सबसे पहले पहचानते हैं।” उनके इस प्रेरक संदेश ने बच्चों को नए उत्साह से भर दिया।
पलक मुछाल का शानदार प्रदर्शन
इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण प्रसिद्ध गायिका पलक मुछाल की भावपूर्ण प्रस्तुति रही। उनके मधुर गीतों ने पूरे माहौल को संगीतमय बना दिया और बच्चे खुद को झूमने से नहीं रोक पाए। पलक के गीतों ने न केवल बच्चों के दिलों को छू लिया, बल्कि उपस्थित सभी मेहमानों को भी मंत्रमुग्ध कर दिया। इस कार्यक्रम में बच्चों की खिलखिलाहट और खुशी ने सभी का दिल जीत लिया।
युवाओं की सेवा की मिसाल
इस भव्य आयोजन में 350 से अधिक युवा स्वयंसेवकों ने निस्वार्थ भाव से भाग लिया। उन्होंने बच्चों के साथ मिलकर दीपक जलाए, सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लिया और उन्हें उपहार और भोजन वितरित किया। इस प्रकार के सामूहिक प्रयास ने यह दिखाया कि जब समाज के युवा एकजुट होते हैं, तो वे किसी भी चुनौती का सामना कर सकते हैं। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य दिवाली की खुशियों को समाज के वंचित वर्ग तक पहुंचाना था, जिसे युवाओं के जोश और समर्पण ने साकार कर दिखाया।
JITO का शिक्षा के प्रति संकल्प
इस अवसर पर JITO ने एक बड़ी घोषणा करते हुए 200 से अधिक बच्चों की एक वर्ष की शिक्षा का पूरा खर्च उठाने का संकल्प लिया। JITO के प्रतिनिधि प्रतीक सूर्या ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसके बाद बच्चों और स्वयंसेवकों ने नृत्य, संगीत और नाटक जैसी मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। इसके अतिरिक्त, संगठन के कई सदस्यों ने अपने जन्मदिन पर एक बच्चे की शिक्षा का जिम्मा लेने का भी प्रण किया।
इसके अलावा, JITO ने यह भी घोषणा की कि वे भविष्य में सामाजिक कल्याण, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अपनी गतिविधियों को और बढ़ाएंगे। बच्चों के बेहतर विकास के लिए स्कूलों में स्मार्ट टीवी और स्मार्ट बोर्ड लगाने, शौचालय बनवाने और नियमित स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित करने जैसी योजनाएं भी शुरू की जाएंगी। यह पहल निश्चित रूप से बच्चों के उज्ज्वल भविष्य को सुनिश्चित करने में मदद करेगी।
समापन विचार
इस तरह, इंदौर में “सेवा वाली दिवाली” ने केवल एक त्योहार का आनंद नहीं दिया, बल्कि यह समाज में सेवा, संवेदना और शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन गया। JITO और उसके सहयोगियों ने मिलकर इस पहल के माध्यम से यह साबित कर दिया कि सच्ची खुशी दूसरों की मदद करने में है। इस दिवाली ने न केवल दीयों की रोशनी बिखेरी, बल्कि कई बच्चों के जीवन में नई रोशनी भी भरी।