‘साहेब’ जासूसी प्रकरण की सीबीआई जाँच हो: प्रदीप शर्मा
महिला आर्किटेक्ट की जासूसी के मामले में घिरे गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके सिपहसलार अमित शाह की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। निलंबित आईएएस अधिकारी प्रदीप शर्मा ने शनिवार को महिला जासूसीकांड में नरेंद्र मोदी का नाम लेकर सनसनी फैला दी है। शर्मा का आरोप है कि जिस ‘साहेब’ के कहने पर महिला की जासूसी कराई गई, वह कोई और बल्कि खुद नरेंद्र मोदी हैं।
एक निजी चैनल और समाचार एजेंसी को दिए इंटरव्यू में प्रदीप शर्मा ने आरोप लगाया कि उन्हें आपराधिक मामलों में इसलिए फंसाया गया है, क्योंकि उन्हें मोदी और इस महिला आर्किटेक्ट की नजदीकियों के बारे में जानकारी है।
सुप्रीम कोर्ट में दायर अर्जी में प्रदीप शर्मा ने आरोप लगाया कि 2010 से 2012 के बीच उनके खिलाफ करीब आधा दर्जन मामले दर्ज किए गए, क्योंकि मोदी को शक हो गया था कि उनके पास एक सीडी है, जिसमें यह महिला आपत्तिजनक अवस्था में दिखती है। प्रदीप शर्मा का कहना है कि मोदी को यह भी शक हो गया था कि यह महिला उन्हें सूचनाएं देती है। शर्मा ने यह भी दावा किया कि उन्होंने ही 2004 में महिला आर्किटेक्ट को मोदी से मिलवाया था। बाद में दोनों में नजदीकी बढ़ी। मोदी के कहने पर ही उसकी जासूसी की गई।
इसी वजह से उन्हें झूठे मामलों में फंसाया गया। भाजपा ने इस आरोपों झूठ बताया है। शर्मा पर जमीन आवंटन में अनियमितता के मामले में पांच एफआईआर दर्ज है। उन्हें 2010 में गिरफ्तार किया गया था। वे फिलहाल निलंबित हैं।
प्रदीप शर्मा ने यह भी दावा कि जिस महिला की जासूसी कराई जा रही है, उसकी उम्र 27 वर्ष है और उन्होंने ही 2004 में महिला को पहली बार मोदी से मिलवाया था। निलंबित आईएएस का दावा है कि इस महिला और मोदी के बीच रिश्ते की शुरुआत ई-मेल्स और एसएसएस के जरिए हुई। प्रदीप शर्मा ने यह भी कहा कि मोदी ने लड़की से एक अलग ई-मेल अकाउंट बनाने को भी कहा था। उनका आरोप है कि वह लड़की मोदी की दोस्त बन गई थी।
शर्मा ने कहा- मोदी को यह भी शक है कि मेरे पास उनका एक वीडियो है। प्रदीप शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई है कि गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ जासूसी विवाद में सीबीआई जांच कराई जाए। प्रदीप शर्मा का यह भी कहना है कि उनके छोटे भाई आईपीएस अधिकारी कुलदीप शर्मा ने गोधरा दंगों के बाद मोदी की अनेक कारगुजारियों का पर्दाफाश किया था।
गुजरात की नरेंद्र मोदी सरकार के ख़िलाफ़ क़ानूनी लड़ाई लड़ रहे निलंबित आईएएस अधिकारी प्रदीप शर्मा ने आज सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर महिला आर्किटेक्ट की जासूसी प्रकरण के मामले में सीबीआई जाँच की माँग की है.
वेबसाइट कोबरा पोस्ट और गुलेल डॉट कॉम द्वारा जारी किए गए एक ऑडियो में गुजरात के पूर्व गृहमंत्री अमित शाह कथित तौर पर गुजरात के आईपीएस अधिकारी गिरीश सिंघल को एक महिला की जासूसी के लिए कह रहे हैं. इसी बातचीत में प्रदीप शर्मा का का ज़िक्र भी है.

प्रदीप शर्मा ने अदालत से वेबसाइटों द्वारा जारी किए गए जासूसी से संबंधित ऑडियो का संज्ञान लेने का आग्रह करते हुए कहा कि इसमें इस बात के सबूत हैं कि राज्य सरकार ने उन्हें फ़र्ज़ी मामलों में फंसाने की कोशिशें की थीं.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई याचिका में प्रदीप शर्मा ने कहा, “याचिका के साथ संलग्न दस्तावेज़ों और ट्रांस्क्रिप्ट का संज्ञान लेकर सीबीआई को मामला दर्ज कर नरेंद्र मोदी सरकार, अमित शाह और अन्य लोगों द्वारा टेलीग्राफ़ एक्ट 1885 और अन्य क़ानूनों के उल्लंघन की जाँच करने के लिए निर्देशित किया जाना चाहिए.”
भ्रष्टाचार के आरोप
अपनी याचिका में प्रदीप शर्मा ने कहा कि उन्हें नरेंद्र मोदी और महिला आर्किटेक्ट के बीच की नज़दीकियों के बारे में जानकारी होने कारण निशाना बनाया गया.
प्रदीप शर्मा ने यह भी कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार के ग़लत कार्यों का पर्दाफ़ाश करने वाले गुजरात के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी कुलदीप शर्मा का भाई होने के कारण भी उनका उत्पीड़न किया गया.
1984 बैच के आईएएस अधिकारी प्रदीप शर्मा के ख़िलाफ़ साल 2008 में गुजरात के कच्छ जिले में निजी कंपनियों को ज़मीन आवंटित करने के आरोपों में छह आपराधिक मामले चल रहे हैं. अपनी याचिका में उन्होंने इन मामलों की जाँच सीबीआई से करवाने की माँग की है.
प्रदीप शर्मा ने कहा, “ऑडियो टेप उनके ख़िलाफ़ गुजरात सरकार के पक्षपात और पूर्वाग्रहों को और उन्हें किसी भी तरह आपराधिक मामलों में फँसाने की इच्छा को दर्शाते हैं.” उन्होंने कहा कि ये ऑडियो टेप उनकी इन आशंकाओं की पुष्टि भी करते हैं.
शर्मा की अंतिम पोस्टिंग भावनगर के नगर आयुक्त के तौर पर थी. उन्हें कच्छ भूकंप के पुनर्वास कार्यक्रमों में भ्रष्टाचार के मामलों में 6 जनवरी 2010 को गिरफ़्तार किया गया था.
विकल्प नहीं
अपनी याचिका में प्रदीप शर्मा ने कहा है कि गुजरात सरकार उन्हें निशाना बना रही है. उन्होंने कहा, “याची 2002 के दंगों के बाद से नरेंद्र मोदी और अमित शाह के कई ग़लत कार्यों को सामने लानेवाले आईपीएस अधिकारी कुलदीप शर्मा के भाई हैं.”
याचिका में कहा गया, “दोनों भाइयों के बीच बेहद मज़बूत रिश्ते हैं और दोनों बचपन से ही एक दूसरे के क़रीब रहे हैं. कुलदीप शर्मा के प्रति पूर्वाग्रह पैदा करने के लिए ही याची को मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा है.”
महिला आर्किटेक्ट की जासूसी के मामले में महिला के पिता ने बयान जारी करते हुए कहा था कि उन्होंने नरेंद्र मोदी से अपनी बेटी की रक्षा करने का आग्रह किया था. समाचार चैनल एनडीटीवी को दिए एक साक्षात्कार प्रदीप शर्मा ने कहा है कि लड़की के पिता के पास और कोई विकल्प ही नहीं था
जासूसी कांड के किरदार और उनके कारनामे
एक लड़की की जासूसी के आरोपों से देश की राजनीति में जबरदस्त भूचाल आ गया है। आपको बताते हैं इस जासूसी कांड के उन किरदारों के बारे में जो इस पूरी कथा के मुख्य पात्र हैं।
एक लड़की की जासूसी के आरोपों से देश की राजनीति में जबरदस्त भूचाल आ गया है। आपको बताते हैं इस जासूसी कांड के उन किरदारों के बारे में जो इस पूरी कथा के मुख्य पात्र हैं। साहेब, माधुरी और जासूसी- इस कहानी के कई किरदार हैं। लेकिन खास हैं सिर्फ पांच। साहेब, माधुरी, वो, साहेब का सिपहसालार और सिपहसलार का एक सिपाही।
सियासत में भूचाल लाने वाले साहेब, माधुरी और जासूसी कांड की पटकथा किसी हिंदी फिल्म की मानिंद है। इसमें कई किरदार तो हैं ही, कई पेंच भी हैं। इनमें 5 किरदार अहम हैं।
किरदार नंबर 1 साहेब- साहेब बेहद ताकतवर शख्स हैं, एक बड़ी राजनीतिक शख्सियत हैं, बताया जा रहा है कि ये नरेंद्र मोदी हैं।
किरदार नंबर 2 माधुरी- इसी नाम से संबोधित किया जा रहा है इस किरदार को। सूत्रों के मुताबिक माधुरी एक युवा आर्किटेक्ट हैं।
किरदार नंबर 3 सिपहसालार- साहेब के ये सिपहसालार हैं गुजरात के पूर्व गृह राज्य मंत्री अमित शाह।
किरदार नंबर 4 सिपहसालार का सिपाही- ये हैं गुजरात के आईपीएस अधिकारी जी एल सिंघल और कभी साहेब के सिपहसालार के बेहद करीबी।
पांचवां किरदार ‘वो’- ये ‘वो’ हैं गुजरात के आईएएस अधिकारी प्रदीप शर्मा।
खोजी वेसबाइट कोबरा पोस्ट और गुलेल ने इस जासूसी कांड का खुलासा किया है। ये पूरी कहानी आधारित है साहेब यानि नरेंद्र मोदी के खासमखास अमित शाह और उनके करीबी पुलिस अफसर सिंघल के बीच हुई बातचीत पर। लेकिन सिंघल शातिर खिलाड़ी हैं। उन्होंने अमित शाह से हुई बातचीत को रिकॉर्ड कर लिया था। और अब जब अमित शाह और उनके रिश्तों में खटास आ गई है तो ये टेप उन्होंने सीबीआई को सौंप दिया। साथ में हलफनामा देकर कहा है कि कि टेप में जो बातें हैं वो सच हैं, सच के सिवा कुछ नहीं।
‘साहेब’…?
कहानी शुरू होती है साल 2009 से। ये वो साल है जब साहेब यानि नरेंद्र मोदी के हुक्म पर अमित शाह ने सिंघल को माधुरी की जासूसी की हिदायत दी। हिदायत इस हद तक थी कि माधुरी कहां जाती है, किससे मिलती है। सब पर गहरी नजर रखी जाए। खासतौर से मर्दों से मुलाकात का पूरा ब्यौरा हो। आईपीएस सिंघल ने अपने आका के हुक्म की तामील की और अपने कारिंदों या यूं कहें कि अपने सबसे शानदार जासूसों की फौज माधुरी के पीछे लगा दी। अब माधुरी के पल पल की खबर अमित शाह को मिल रही थी जो इसे साहेब यानि मोदी तक पहुंचा रहे थे। कब माधुरी मॉल गई, कब कहीं बाहर जाने के लिए एयरपोर्ट गयी, कब किस रेस्त्रां में किसके साथ खाना खाया, हवाई यात्रा में कोई उसके साथ तो नहीं था, हद तो ये कि माधुरी पर निगाह रखने के लिए सिंघल के जासूसों ने बाकायदा हवाई यात्राएं भी कीं।
लेकिन माधुरी है कौन। सूत्र बताते हैं कि माधुरी पेशे से आर्किटेक्ट है। वो बैंगलौर में बेस्ड थी। सूत्रों के मुताबिक युवती के माता-पिता गुजरात में रहते हैं। माधुरी ने गुजरात सरकार के लिए एक प्रोजेक्ट डिजायन किया था। इस प्रोजेक्ट के कुछ वक्त बाद ही माधुरी पर जासूसों का कड़ा पहरा बैठा दिया गया।
‘सिपहसालार’ अमित शाह
साहेब के सिपहसालार हैं अमित शाह। गुजरात के पूर्व गृह राज्य मंत्री और यूपी में बीजेपी के चुनाव प्रभारी। अमित शाह ने ही युवा महिला आर्किटेक्ट का पीछा करने के लिए अपने सिपहसालार यानि आईपीएस सिंघल को आदेश दिया था। दावा किया गया था कि यह आदेश मोदी के इशारे पर दिया गया। अमित शाह सोहराबुद्दीन एनकाउंटर के मुख्य आरोपी हैं और जेल भी जा चुके हैं। वो फिलहाल जमानत पर हैं।
‘सिपाही’ जी एल सिंघल
जी एल सिंघल गुजरात काडर के आईपीएस अफसर हैं, और जासूसी के वक्त वो गुजरात की एंटी टेररिस्ट स्क्वायड यानी एटीएस के एसपी थे। सीबीआई को दिए बयान में सिंघल ने बताया कि ये जासूसी अगस्त 2009 में शुरू हुई और कई हफ्तों तक चली। सूत्रों की मानें तो जासूसी में आईजी और डीसीपी जैसे गुजरात के आठ बड़े पुलिस अधिकारी भी शामिल थे। सिंघल को उस समय अमित शाह का बेहद करीबी माना जाता था। हालांकि बाद में दोनों के रिश्ते बिगड़ गए। अमित शाह और जी एल सिंघल दोनों राज्य में हुए दो अलग-अलग फर्जी एनकाउंटरों के मामले में आरोपी हैं। सिंघल इशरत जहां एनकाउंटर मामले में आरोपी हैं।
सिंघल ने शाह से अपनी नजदीकी के बावजूद उनसे हुई बातचीत की कुछ रिकॉर्डिंग्स अपने पास रख ली थीं। इस साल जून में सिंघल ने इस बातचीत की 267 रिकॉर्डिंग्स सीबीआई को सौंप दी। इन रिकॉर्डिंग्स में इस पूरे जासूसी कांड की जानकारी है। इन्हें इशरत जहां केस के पंचनामे में शामिल भी किया गया है।
‘वो’ यानि प्रदीप शर्मा
प्रदीप शर्मा गुजरात काडर के आईएएस अधिकारी हैं और जासूसी के वक्त भावनगर के म्युनिसिपल कमिश्नर थे। सूत्रों का कहना है कि चूंकि प्रोजेक्ट हिल प्रदीप शर्मा की देखरेख में हुआ था, और उनसे माधुरी की मुलाकात होती रहती थी। लिहाजा साहेब यानि मोदी के आदेश पर अमित शाह ने प्रदीप शर्मा की जासूसी भी शुरू करा दी। कुछ ही दिनों बाद प्रदीप शर्मा के खिलाफ गुजरात सरकार ने आपराधिक मामलों में शिकायतें दर्ज कराकर उन्हें सस्पेंड कर दिया, और फिर जेल भी भिजवा दिया। इन टेपों के आने से बहुत पहले प्रदीप शर्मा ने मई 2011 में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर कुछ ऐसा ही खुलासा किया था जैसा अब सिंघल के टेप के जरिए कोबरा पोस्ट और गुलेल ने किया है।