इंदौर
68 साल पहले तक टाटा समूह की रही एयरइंडिया फिर से टाटा की होने जा रही है। कर्ज में डूबी सरकारी विमानन कंपनी एयरइंडिया के लिए टाटा संस ने सबसे ज्यादा बोली लगाई है। इसमें रोचक बात यह है कि 1937 में टाटा ग्रुप के जेआरडी टाटा इंदौर एयरपोर्ट पर पहली बार विमान लेकर आए थे। अब फिर से टाटा ग्रुप का कनेक्शन इंदौर से जुड़ेगा।
एविएशन एक्सपर्ट नागेश नामजोशी के अनुसार यह देश की पहली डाक डिलीवरी के लिए उड़ी फ्लाइट थी। फ्लाइट मुंबई से इंदौर आकर दिल्ली गई थी। इसके 11 साल बाद 26 जुलाई 1946 को इंदौर से नियमित उड़ान शुरू हुई। शनिवार को इंदौर से एयरइंडिया की अमृृतसर फ्लाइट भी शुरू हो गई।
1937 में आई थी इंदौर एयरपोर्ट पर पहली फ्लाइट
1934 में होलकर राजाओं ने एयरपोर्ट के निर्माण की नींव रखी थी। उस समय 14 हजार 500 रुपए से एयरपोर्ट की नींव रखी गई। तीन साल में एयरपोर्ट का काम पूरा हुआ। 1937 में पहली बार इंदौर में जेआरडी टाटा फ्लाइट लेकर इंदौर आए थे।
24 मार्च 2018 से 24 घंटे खुला रहने लगा इंदौर एयरपोर्ट- इंदौर एयरपोर्ट की बात करें तो 24 जनवरी 2018 से इंदौर एयरपोर्ट 24 घंटे खुला रहने वाला एयरपोर्ट बना। मध्यभारत का यह पहला एयरपोर्ट बना। हालांकि कोरोना के बाद एक बार फिर ब्रेक लगा। अब रात 1 बजे तक एयरपोर्ट खुला रहता है।
एयरपोर्ट को 20 एकड़ जमीन जल्द मिलेगी
इंदौर एयरपोर्ट को 20 एकड़ जमीन जल्द मिलेगी। बिजासन से लगी इस जमीन पर एयरपोर्ट प्रबंधन पार्किंग और एंट्रेंस को व्यवस्थित करेगा और अन्य सुविधाएं बढ़ाएगा। प्रदेश सरकार से अनुमति मिल चुकी है।
700 करोड़ से बनेगी नई टर्मिनल बिल्डिंग
इंदौर एयरपोर्ट पर 700 करोड़ की लागत से नई टर्मिनल बिल्डिंग भी प्रस्तावित है। हालांकि इंदौर एयरपोर्ट निजीकरण की सूची में शामिल है। ऐसे में निजीकरण के बाद इसका काम शुरू होगा पर पहले रन-वे का विस्तार होगा।

