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लालू-नीतीश गठबंधन में तल्खी…बिहार में सियासी उठापटक तेज…

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खेमा मजबूत करने में जुटा लालू कैंप, विधानसभा भंग कर सकते हैं नीतीश
एक साथ होंगे लोकसभा-विधानसभा चुनाव!


पटना/नई दिल्ली(ईएमएस)। बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़ा उलटफेर हो सकता है। राजनीति में परिवारवाद पर नीतीश कुमार के बयान के बाद से ही जदयू और राजद में तल्खी बढ़ गई है। सीएम हाउस में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने पार्टी नेताओं के साथ बैठक कर रहे हैं। सीएम हाउस की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। लोकसभा चुनाव बेहद नजदीक है और बिहार में सियासी पारा हाई हो रहा है। यहां की राजनीतिक घटनाक्रम पर पूरे देश की नजर है। नीतीश कुमार के भाजपा के साथ जाने को लेकर अटकलबाजी अभी जारी है। पिछले कुछ दिनों में कई ऐसे संकेत मिलें है जिससे लग रहा है कि नीतीश फिर भाजपा के साथ आएंगे और बिहार में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ होगा।


नीतीश कुमार के राजद से नाता तोडऩे की अटकलों के बीच लालू खेमे ने 122 के जादुई आंकड़े तक पहुंचने के लिए 8 और विधायकों को साधने की कवायद शुरू कर दी है। 243 सीटों वाली विधानसभा में फिलवक्त सीटों का गणित कुछ इस तरह है। राजद+कांग्रेस+लेफ्ट की सीटों को मिला लिया जाए तो 79+19+16 यानी 114 का नंबर बनता है। मतलब साफ है बहुमत के लिए 8 विधायकों की कमी है। लालू खेमा इन्हीं 8 विधायकों को साधने में जुट गया है। वहीं, नीतीश कुमार ने अपने आवास पर जेडीयू के प्रमुख नेताओं के साथ बैठक की। लालू जादुई आंकड़ा जुटा लें, इससे पहले ही नीतीश विधानसभा भंग कर सकते हैं। सत्ता हासिल करने के लिए सीटों के समीकरण की बात करें तो जीतन राम मांझी की पार्टी हम के 4 विधायक हैं। एआईएमआईएम का 1 विधायक, एक निर्दलीय विधायक (सुमित सिंह) हैं। अगर लालू इन्हें भी साथ लेते हैं तो नंबर बनता है 120 का। अभी भी लालू को 2 विधायक और चाहिए। वहीं, सीएम हाउस के बाद राबड़ी आवास में भी हलचल तेज हो गई है। लालू से मुलाकात करने उनके करीबी भोला यादव और शक्ति सिंह यादव राबड़ी आवास पर पहुंचे।


कैबिनेट बैठक में नीतीश-तेजस्वी के बीच तल्खी दिखी
महागठबंधन में तल्खी का असर नीतीश कैबिनेट की बैठक में भी दिखा। गुरुवार को कैबिनेट बैठक महज 15 मिनट में खत्म हो गई। मंत्री और अफसर नाश्ता भी खत्म नहीं कर पाए थे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लिफ्ट से गए तो डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव सचिवालय की सीढ़ी से नीचे उतरे। यही नहीं, तेजस्वी लिफ्ट के बगल में नीतीश कुमार का इंतजार करते दिखे। उनके साथ मंत्री अशोक चौधरी भी थे। सीएम नीतीश कुुमार ने दोनों हाथ जोडक़र अभिवादन किया और बिना बोले आगे बढ़ गए। संभवत: यह पहली बार है कि इतने कम समय में कैबिनेट की बैठक खत्म हुई है। प्रेस ब्रीफिंग भी रद्द कर दी गई।


भाजपा के नेता दिल्ली पहुंचे
इस सियासी हलचल के बीच बिहार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी दिल्ली पहुंचे। उनके अलावा अश्विनी चौबे भी दिल्ली पहुंच गए हैं। वहीं, जेडीयू एमएलसी खालिद अनवर ने नीतीश की निराशा की अफवाहों का खंडन किया। साथ ही दावा किया कि नीतीश के नेतृत्व में राज्य सरकार अच्छा काम कर रही है। बिहार के मुख्यमंत्री और जेडीयू नेता नीतीश कुमार के वंशवाद की राजनीति पर दिए गए बयान और रोहिणी आचार्य के ट्वीट पर राजद नेता शक्ति यादव ने कहा कि वंशवाद की राजनीति पर नीतीश कुमार का बयान भाजपा नेताओं के लिए हो सकता है।


लालू की बेटी के पोस्ट से बढ़ा सियासी हंगामा
बता दें कि लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने आज अपने एक्स अकाउंट पर तीन पोस्ट किए थे, जिनसे बिहार की सियासत में हंगामा मच गया। मामला इतना बढ़ गया कि खुद सीएम नीतीश कुमार ने रोहिणी के पोस्ट पर जानकारी मंगवा ली। मामले ने तूल पकड़ा तो रोहिणी ने चुपचाप बिना सफाई दिए ही अपने पोस्ट डिलीट कर दिए। रोहिणी ने एक्स पर तीन पोस्ट कर कहा था कि समाजवादी पुरोधा होने का करता वही दावा है, हवाओं की तरह बदलती जिनकी विचारधारा है… अपनी अगली पोस्ट में रोहिणी लिखती हैं, खीज जताए क्या होगा, जब हुआ न कोई अपना योग्य विधि का विधान कौन टाले, जब खुद की नीयत में ही हो खोट। इसके अलावा अपनी पहली पोस्ट में रोहिणी ने लिखा, अक्सर कुछ लोग नहीं देख पाते हैं अपनी कमियां, लेकिन किसी दूसरे पे कीचड़ उछालने को करते रहते हैं बदतमीजियां.. रोहिणी की इस पोस्ट को अप्रत्यक्ष रूप से सीएम नीतीश कुमार पर निशाने के रूप में भी देखा जा रहा है।


नीतीश ने बदले थे राजद कोटे के मंत्रियों के विभाग
जेडीयू और आरजेडी के बीच बढ़ रही दूरी के बीच नीतीश ने हाल ही में राजद कोटे के तीन मंत्रियों के विभाग में भी फेरबदल कर दिया था। उधर, जनता दल यूनाइटेड ने अगले कुछ दिनों तक अपने सभी विधायकों को पटना में रहने के लिए कहा था। साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री जीतन मांझी ने भी अपने सभी विधायकों को 25 जनवरी तक पटना में ही रहने का निर्देश दिया था।

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