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किसान संघर्ष समिति की 278 वीं किसान पंचायत सम्पन्न…14 फरवरी को पुलवामा के शहीद जवानों तथा किसान आंदोलन में शहीद किसानों को मशाल जुलूस निकाल कर दी जाएगी श्रृद्धांजलि

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 किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष,पूर्व विधायक डॉ सुनीलम  की अध्यक्षता में ऑनलाइन 278 वीं किसान पंचायत सम्पन्न हुई । किसान संघर्ष समिति की प्रदेश कार्यकारिणी को संबोधित करते हुए डॉ सुनीलम ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा आंदोलनकारी किसानों को परजीवी, विध्वंसकारी, आंदोलनजीवी कहना सिर्फ किसानों का ही अपमान नहीं है बल्कि तमाम  स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेने वाले  आंदोलनकारियों का भी अपमान है। प्रधानमंत्री को अपने बयान पर देश के किसानों से माफी मांगना चाहिए। उन्होंने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा और अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के आव्हान पर 14 फरवरी को रात्रि 7 से 8 बजे पुलवामा हमले में शहीद हुए जवानों और किसान आंदोलन में शहीद हुए किसानों को मशाल जुलूस निकालकर मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों सहित देश भर में  श्रृद्धांजलि दी जाएगी । 

 उन्होंने किसानों से शहीद जवानों और किसानों को श्रृद्धांजलि अर्पित करने मशाल जुलूस में शामिल होने की अपील की है।   किसान पंचायत में तीनों किसान विरोधी कानून रद्द करने, सभी कृषि उत्पादों की लागत से डेढ़ गुना दाम पर सरकारी खरीद की गारंटी दिए जाने, बिजली संशोधन बिल रद्द करने, सभी किसानों की कर्जामुक्ति की मांग को लेकर चर्चा की गई।      मुलताई से जिलाध्यक्ष जगदीश दोड़के ने कहा कि प्रशासन द्वारा गेहूं खरीदी हेतु पंजीयन की जटिल प्रक्रिया करने से किसानों को परेशान होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि आज  पंजीयन की समस्या को लेकर किसान संघर्ष समिति द्वारा मुख्यमंत्री के नाम अनुविभागीय अधिकारी मुलताई को ज्ञापन सौंपा गया। 

    रीवा से रीवा क्षेत्र संयोजक इंद्रजीत सिंह शंखू ने कहा कि 80 दिन से पंजाब हरियाणा सहित देश भर के किसान दिल्ली की बार्डर पर तीनों किसान विरोधी कानून रद्द करने की मांग को लेकर ठंड मे खुले आसमान के नीचे बैठे है। संयुक्त किसान मोर्चा के  सभी कॉल पर रीवा में किसान संघर्ष समिति और अन्य संगठनों ने बढ़चढ़कर विरोध प्रदर्शन किये है। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार तीनों कानून रद्द नहीं करती तब तक धरना जारी रहेगा। 

    झाबुआ से किसान संघर्ष समिति के प्रदेश सचिव राजेश बैरागी ने कहा कि झाबुआ जिले में प्रधानमंत्री सम्मान निधि के वितरण में भारी अनियमितता बरती गई है।   किसानों को सम्मान निधि दिलाने के लिए किसानों से जानकारी एकत्र कर प्रशासन को सूचित किया जाएगा।      मंदसौर से जिलाध्यक्ष दिलीपसिंह पाटीदार ने कहा कि मंदसौर के किसानों में प्रधानमंत्री के बयान से रोष व्याप्त है। मंदसौर से किसानों का जत्था दिल्ली पंहुचा था। 

    सिवनी से किसंस के प्रदेश सचिव डॉ राजकुमार सनोडिया ने कहा कि मक्का का समर्थन मूल्य 1850 प्रति क्विंटल होने के बावजूद व्यापारियों द्वारा 900 रू प्रति क्विंटल खरीदा जा रहा है। जिसमें लागत भी नही निकल पा रही है।  सिवनी के जिलाध्यक्ष रामकुमार सनोडिया ने कहा कि किसान संघर्ष समिति की जिला, ब्लॉक तथा ग्रामीण  इकाई का गठन कर विस्तार किया जा रहा है।      हरदा के जिलाध्यक्ष योगेश तिवारी ने कहा कि भाजपा शासन काल में प्रशासन निरंकुश हो गया है । अवैध रेत खनन जोरों पर चल रहा है। शिकायत करने पर भी कोई कार्यवाही नही होती है।      अलीराजपुर से किसंस के जिलाध्यक्ष नवनीत मंडलोई ने कहा कि अलीराजपुर जिले के अधिकांश किसान शासकीय योजनाओं से अनभिज्ञ है । जिसका फायदा कर्मचारी उठाते है। थाना तथा तहसील के किसानों की लूट होती है।         प्रदेश महामंत्री भागवत परिहार ने  कहा कि  विगत वर्ष के पंजीयन के डाटाबेस में दर्ज आधार नंबर या मोबाइल नंबर संशोधन की सुविधा ना होने से पंजीयन में कठिनाई आ रही है। ऐसे कृषकों का नवीन पंजीयन पोर्टल पर कराया जाना चाहिए । पंजीकरण में किसानों का रकबा आधार से लिंक कराने की अनिवार्यता कर दी गई है। प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना के तहत किसानों ने अपने रकबे को आधार, तथा बैंक खाते से जोड़ने की कार्यवाही हेतु अपने दस्तावेज तहसील कार्यालय में जमा कर दिए गए थे। उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर सम्मान निधि दी जा रही है। उसी आधार पर पंजीयन किया जा सकता है लेकिन बार-बार लिंक कराने के नाम पर किसानों को परेशान किया जा रहा है। 

      मुलताई से किसंस के सदस्य भुरेन्द्र माकोड़े ने कहा कि बैतूल जिले की भैसदेही तहसील में  सैकड़ों किसानों ने 2018 में सहजन (ड्रमस्टिक) की खेती करने के लिए यूडब्ल्यूईजीओ  एग्री साल्यूशन प्रा.लिमिटेड से कॉन्ट्रैक्ट किया था। कंपनी ने प्रति एकड़ बीस हजार रूपये की राशि किसानों से जमा करायी।कंपनी किसानों  से लाखों रूपये की धोखाधड़ी कर गायब हो गई। अब कंपनी से कोई संप‍र्क भी नहीं हो पा रहा है और कॉन्ट्रैक्ट करने वाले सैकड़ों किसान कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए एसडीएम, कलेक्टर से कई बार गुहार लगा चुके लेकिन अभी तक कंपनी पर कोई कार्यवाही नही हो सकी।

         बैठक में छिंदवाड़ा, बालाघाट,मंडला, ग्वालियर, देवास, इंदौर, अशोकनगर, विदिशा, टीकमगढ़, सीधी, सिंगरौली, मुरैना,कटनी,रायसेन,धार, आदि जिले के पदाधिकारी शामिल हुए।       

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