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रेसीडेंसी पर बैठक:शिक्षाविद बोले- कोरोना से जंग में हम सहयोग को तैयार, डॉक्टर बोले – अस्पतालों में नियमित मॉनिटरिंग कर ऑक्सीजन का लीकेज रोका जाए

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इंदौर

कोरोना के बढ़ते संक्रमण के संकट के बीच बुधवार को मंत्री तुलसी सिलावट ने शहर के शिक्षाविदों की बैठक बुलाई। रेसीडेंसी कोठी पर हुई बैठक में देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी की कुलपति डॉ. रेणु जैन और अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा डॉ. सुरेश सिलावट सहित सरकारी कॉलेजों के प्राचार्य,निज़ी यूनिवर्सिटी-कॉलेज के प्रतिनिधि औऱ भाजपा नेता शामिल हुए। सिलावट ने कहा कि सब मिलकर सहयोग करेंगे तो कोरोना के बढ़ते संक्रमण पर काबू पाने में हम जरूर सफल होंगे। वहीं, डॉक्टरों ने कहा कि अस्पतालों में नियमित मॉनिटरिंग कर ऑक्सीजन का लीकेज रोका जाए।

इंदौर के संकल्प से प्रदेश को मिलेगी दिशा – मंत्री सिलावट
बैठक में मंत्री सिलावट ने कहा कि इंदौर का संकल्प प्रदेश को दिशा देता है। इसलिए कोरोना काल की इस गंभीर परिस्थिति में आप सभी का साथ एवं सहभागिता अति आवश्यक है। कोरोना का केवल एकमात्र इलाज वैक्सीनेशन है। इसलिए समाज के सभी प्रमुख व्यक्ति अपने-अपने संबंधित क्षेत्रों में लोगों को कोविड का टीका लगाने के लिए प्रेरित करें। मास्क का उपयोग एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हम सभी अपने स्तर पर करें एवं औरों को भी इसका पालन करने के लिए प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि जिस तरह से शिक्षकगण शिक्षा के माध्यम से समाज को एक नई दिशा प्रदान करते हैं। उसी तरह अब वे कोरोना की रोकथाम के लिये लोगों को समझाइश देकर इस महा अभियान को एक नई दिशा प्रदान करें।

शाम को मंत्री सिलावट मास्क के प्रति लोगों को जागरूक करने निकले।

कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने पर प्रशासन करे सख्त कार्रवाई – मंत्री ठाकुर
यहां मौजूद लोग यह प्रण लें की वे खुद भी वैक्सीनेशन करवाएंगे और अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे। सभी शिक्षक अपने छात्रों को वैक्सीनेशन के लिए ज्यादा से ज्यादा लोगों को प्रोत्साहित करने का कार्य एक प्रोजेक्ट के रूप में दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना का संकट यह संकेत देता है कि हमे अपने जीवनशैली में एक बड़े बदलाव की जरूरत है। इसलिए अब समय आ गया है कि हम वैदिक जीवन पद्धति को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। सकारात्मक वातावरण का निर्माण मानसिक तनाव को दूर करने के लिए अतिआवश्यक हो गया है। अनुशासन कोविड की रोकथाम के लिए बेहद जरूरी है, यदि कोई व्यक्ति कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन कर अनुशासनहीनता करता है तो प्रशासन द्वारा उसे कोई रियायत ना बरती जाए।

45 वर्ष के आयु वर्ग के व्यक्तियों का वैक्सीनेशन अनिवार्य – संभागायुक्त
संभागायुक्त डॉ. पवन शर्मा ने कहा कि इंदौर में वर्तमान में 74 प्रतिशत कोविड मरीज 45 वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग के हैं। उन्होंने बताया कि विश्लेषण में पाया गया है कि पिछले 15 दिनों में कोविड के कारण हुई 27 मृत्यु में से 25 मृत व्यक्तियों की आयु 45 वर्ष या उससे अधिक रही। इसलिए 45 वर्ष के आयु वर्ग का वैक्सीनेशन कराना अनिवार्य है। ज्यादा से ज्यादा नागरिकों को वैक्सीनेशन के लिए प्रेरित करना हमारा प्रमुख दायित्व बन गया है। वहीं, आईजी मिश्र ने कहा कि कोरोना की यह दूसरी लहर गत वर्ष से ज्यादा वृहद है। इसलिए आप सभी के सुझावों के अनुरूप हमें नागरिकों को सेल्फ लॉकडाउन का अनुसरण करने के लिए प्रेरित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सेल्फ लॉकडाउन का मतलब है खुद पर संयम रखना एवं अनावश्यक रूप से आवगमन ना करना। इसके माध्यम से हम ना केवल खुद को बल्कि समाज को भी संक्रमण के खतरे से बचा सकते हैं।

संसाधनों की निरंतरता एक चुनौती – कलेक्टर
कलेक्टर ने कहा कि कोरोना के विरुद्ध इस लड़ाई में जनप्रतिनिधि तथा समाज के अन्य वरिष्ठ नागरिक अपनी हर संभव सहभागिता निभा रहे हैं। लेकिन हमारे पास उपलब्ध संसाधनों की क्षमता सीमित है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र एवं गुजरात में बढ़ते कोरोना संक्रमण के मामलों के फलस्वरूप गत दिनो जिले में कोरोना के उपचार में उपयोग होने वाली दवाई रेमडेसिवीर तथा लिक्विड ऑक्सीजन की उपलब्धता में कमी देखी गई है। उन्होंने कहा कि शासन और प्रशासन निरंतर रूप से संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे, यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं पर आपके स्तर पर कोविड रोकथाम के लिए खूद पर संयम रख इस अभियान में अपना सहयोग प्रदान करना समय की आवश्यक मांग है।

शिक्षाविदों ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव

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