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फिल्म सेट पर हमला अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर ही नहीं संविधान पर भी हमला है – माकपा

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भोपाल,  मध्य प्रदेश में राज्य की भाजपा सरकार के संरक्षण में संघ परिवार की आपराधिक और आपत्तिजनक हरकतें लगातार बढ़ रही हैं। कल ही भोपाल और सागर में घटी घटनाएं निंदनीय ही नहीं चिंताजनक भी हैं।
         मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने उक्त बयान जारी करते हुए कहा है कि, भोपाल में फिल्म सेट पर हमला और हमलावरों को संरक्षण देने वाले गृहमंत्री का बयान आग में घी डालने का ही काम करेगा।
उल्लेखनीय है कि प्रकाश झा “आश्रम” नाम से दो फिल्में पहले भी बना चुके हैं। इसी नाम से “आश्रम 3” बनाने पर 3 दिन पहले बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने प्रकाश झा को धमकी दी थी और कल तोड़फोड़ के बाद, गृहमंत्री ने भी फिल्म सेट पर की गई तोड़फोड़ और प्रकाश झा के साथ की गई अभद्रता को जायज ठहराया है । इतना ही नहीं गृहमंत्री ने सेंसर बोर्ड को भी चुनौती देते हुए गृह मंत्री ने कहा है कि, फिल्म की शूटिंग करने से पहले उसकी स्क्रिप्ट प्रशासन से डिस्कस कर प्रशासन की अनुमति के बाद ही शूटिंग करनी होगी।
     जसविंदर सिंह ने कहा है कि समलैंगिकता पर सर्वोच्च न्यायालय 5 साल पहले ही मान्यता दे चुका है, इसके बाद भी एक विज्ञापन पर गृहमंत्री के आपत्ति निंदनीय ही नहीं संविधान और सर्वोच्च न्यायालय को भी चुनौती है।
          माकपा ने कहां है कि चिंता की बात यह है कि इस गुंडागर्दी और आपराधिक तोड़फोड़ के बाद भी प्रशासन की ओर से कोई गिरफ्तारी नहीं की गई है।
जसविंदर सिंह ने कहा है कि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति यह है कि संविधान की रक्षा करने के शपथ को लेकर सत्ता में आई सरकार की संविधान की धज्जियां उड़ा रही है।
        माकपा ने कल सागर में भी एक पंडाल में लगे सामान को उतारने में लगे टेंट व्यवसाई की गिरफ्तारी की भी निंदा की है और कहा है कि, जनता में बढ़ते असंतोष के दबाव से जनता का ध्यान हटाने के लिए ही भाजपा और संघ परिवार सांप्रदायिक उन्माद पैदा करना चाहता है।
माकपा ने गृहमंत्री के बयान की निंदा करते हुए प्रदेश की धर्मनिरपेक्षता ताकतों को एकजुट होकर पुलिस की सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने की कोशिश को नाकाम करने की अपील की है।
जसविंदर सिंह9425009909

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