अग्नि आलोक

*किसानों के साथ धोखाधड़ी करने वाले लोगो के बैंक खातों की हो जांच, करोड़ो के खाते में लेनदेन हुवे है अब देखते है कोंन करेगा जांच*

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उज्जैन सांसद प्रतिनिधि पुनीत जैन के नाम से सत्ता संगठन में भी जमकर बवाल मचा हुआ है कल तक जो आरो पानी के केन घर-घर तक पहुंचाता था वह आज किसान क्रेडिट कार्ड घोटाले को अंजाम देने वाला मुख्य सरगना बताया जा रहा है । खास बात यह है कि इसने राजनीति का चोला पहनकर जिन किसानों को ठगा है उसके बाद पुनीत जिस संगठन से जुड़ा है वह संगठन व सांसद भी अब इसे पनौती मान रहे हैं।

उज्जैन में हुए किसान क्रेडिट कार्ड घोटाले को अंजाम देने वाला और कोई नहीं बल्कि सांसद का प्रतिनिधि पुनीत जैन बताया जा रहा है जिसने अधिकारियों की मिलीभगत से करोड़ों रुपए की किसानों की जमीन भू माफियाओं को बाले बाले बेच दी।

इस पूरे षड्यंत्र में अहम भूमिका पुनीत जैन की सामने आ रही है इधर किसानों के साथ हुई बड़ी धोखाधड़ी की गूंज उज्जैन भोपाल ही नहीं बल्कि आने वाले दिनों में दिल्ली तक गूंज सुनाई देगी। इधर भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष दर्शन सिंह चौधरी ने भी किसानों के साथ बड़ी धोखाधड़ी मानते हुए मोर्चा खोल दिया है किसान संघ के पदाधिकारियों की एक समिति बनाई है जो सभी पीड़ित किसानों से चर्चा करके 5 दिवस में अपनी जांच रिपोर्ट उन्हें देगी जिसके बाद वे भोपाल में मुख्यमंत्री सहित डीजीपी को रिपोर्ट सौंपकर कार्यवाही की मांग करेंगे, इस मामले में भूमाफिया विनोद मुलानी, बैंक मैनेजर संदीप कुमार, दलाल राजेश रामानी और तहसीलदार मधु नायक की लिखित शिकायतें किसानों और भारतीय किसान संघ द्वारा की गई है, किसानो ने बताया कि उन्हें बगैर बताये ही बैंक मैनेजर, तहसीलदार ने मिलकर करोड़ो की जमीनें लाखो में नीलाम कर दी है यह अब तक का प्रदेश में किसानों के साथ हुआ सबसे बड़ा घोटाला बताया जा रहा है मामले में 3 दर्जन से अधिक किसान सामने आए हैं जिस तरह इन किसानों ने हिम्मत दिखाकर इस बड़े घोटाले की शिकायत पुलिस में की है।

किसान नेता केसरसिंह पटेल ने कहा है कि देश में यह पहली बैंक है जिसने किसान क्रेडिट कार्ड योजना में किसानो की जमीन बाले बाले नीलाम कर दी है जबकि इस योजना में जमीन नीलामी का कोई प्रावधान ही नही है, पटेल ने कहा कि एक ही व्यक्ति को सारी जमीन दिया जाना कहीं ना कहीं बड़े घोटाले को बयां कर रहा है इसमें बड़े सफेदपोश के मिले होने की भी संभावना जताई जा रही है। पटेल ने आगे कहा कि हम चुप बैठने वालों में से नहीं है हम पीड़ित किसानों को न्याय दिलाकर रहेंगे किसानों के साथ जो धोखाधड़ी हुई है जिसके लिए हम सड़क पर भी आकर आंदोलन करेंगे ।

इधर मामला उजागर होने के बाद संगठन में भी बवाल मच गया है इधर सांसद अनिल फिरोजिया ने भी चुप्पी साध रखी है इस मामले को किस तरह निपटाया जाए इसके लिए जोड़-तोड़ शुरू हो गया है इधर पुलिस प्रशासन मैं भी अभी तक इस मामले में कोई संज्ञान नहीं लिया है बताया जा रहा है कि जब पीड़ित किसान अपनी शिकायत लेकर एसपी साहब के पास पहुंचे तो उन्होंने आवेदन लेने से इनकार कर दिया। मतलब साफ है कि इस मामले मैं कोई भी हाथ डालना नहीं चाहता है सूत्रों से पता चला है कि जिन पर इस धोखाधड़ी के आरोप लगे हैं उनके आका इस मामले को बाहर ही रफा-दफा कर निपटाने के प्रयास कर रहे हैं।

सांसद फिरोजिया के लिए… पुनीत बना पनौती

सांसद प्रतिनिधि पुनीत जैन के नाम से सत्ता संगठन में भी जमकर बवाल मचा हुआ है कल तक जो आरो पानी के केन घर-घर तक पहुंचाता था वह आज किसान क्रेडिट कार्ड घोटाले को अंजाम देने वाला मुख्य सरगना बताया जा रहा है । खास बात यह है कि इसने राजनीति का चोला पहनकर जिन किसानों को ठगा है उसके बाद पुनीत जिस संगठन से जुड़ा है वह संगठन व सांसद भी अब इसे पनौती मान रहे हैं।

उज्जैन में हुए किसान क्रेडिट कार्ड घोटाले को अंजाम देने वाला और कोई नहीं बल्कि सांसद का प्रतिनिधि पुनीत जैन बताया जा रहा है जिसने अधिकारियों की मिलीभगत से करोड़ों रुपए की किसानों की जमीन भू माफियाओं को बाले बाले बेच दी।इस पूरे षड्यंत्र में अहम भूमिका पुनीत जैन की सामने आ रही है इधर किसानों के साथ हुई बड़ी धोखाधड़ी की गूंज उज्जैन भोपाल ही नहीं बल्कि आने वाले दिनों में दिल्ली तक गूंज सुनाई देगी। इधर भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष दर्शन सिंह चौधरी ने भी किसानों के साथ बड़ी धोखाधड़ी मानते हुए मोर्चा खोल दिया है किसान संघ के पदाधिकारियों की एक समिति बनाई है जो सभी पीड़ित किसानों से चर्चा करके 5 दिवस में अपनी जांच रिपोर्ट उन्हें देगी जिसके बाद वे भोपाल में मुख्यमंत्री सहित डीजीपी को रिपोर्ट सौंपकर कार्यवाही की मांग करेंगे, इस मामले में भूमाफिया विनोद मुलानी, बैंक मैनेजर संदीप कुमार, दलाल राजेश रामानी और तहसीलदार मधु नायक की लिखित शिकायतें किसानों और भारतीय किसान संघ द्वारा की गई है, किसानो ने बताया कि उन्हें बगैर बताये ही बैंक मैनेजर, तहसीलदार ने मिलकर करोड़ो की जमीनें लाखो में नीलाम कर दी है यह अब तक का प्रदेश में किसानों के साथ हुआ सबसे बड़ा घोटाला बताया जा रहा है मामले में 3 दर्जन से अधिक किसान सामने आए हैं जिस तरह इन किसानों ने हिम्मत दिखाकर इस बड़े घोटाले की शिकायत पुलिस में की है।

किसान नेता केसरसिंह पटेल ने कहा है कि देश में यह पहली बैंक है जिसने किसान क्रेडिट कार्ड योजना में किसानो की जमीन बाले बाले नीलाम कर दी है जबकि इस योजना में जमीन नीलामी का कोई प्रावधान ही नही है, पटेल ने कहा कि एक ही व्यक्ति को सारी जमीन दिया जाना कहीं ना कहीं बड़े घोटाले को बयां कर रहा है इसमें बड़े सफेदपोश के मिले होने की भी संभावना जताई जा रही है। पटेल ने आगे कहा कि हम चुप बैठने वालों में से नहीं है हम पीड़ित किसानों को न्याय दिलाकर रहेंगे किसानों के साथ जो धोखाधड़ी हुई है जिसके लिए हम सड़क पर भी आकर आंदोलन करेंगे ।

इधर मामला उजागर होने के बाद संगठन में भी बवाल मच गया है इधर सांसद अनिल फिरोजिया ने भी चुप्पी साध रखी है इस मामले को किस तरह निपटाया जाए इसके लिए जोड़-तोड़ शुरू हो गया है इधर पुलिस प्रशासन मैं भी अभी तक इस मामले में कोई संज्ञान नहीं लिया है बताया जा रहा है कि जब पीड़ित किसान अपनी शिकायत लेकर एसपी साहब के पास पहुंचे तो उन्होंने आवेदन लेने से इनकार कर दिया। मतलब साफ है कि इस मामले मैं कोई भी हाथ डालना नहीं चाहता है सूत्रों से पता चला है कि जिन पर इस धोखाधड़ी के आरोप लगे हैं उनके आका इस मामले को बाहर ही रफा-दफा कर निपटाने के प्रयास कर रहे हैं।

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