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सोशल मीडिया पर कसेगा शिकंजा:29 नवंबर से चलने वाले संसदीय सत्र में पेश होगा बिल

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नई दिल्ली

फेसबुक, ट्विटर जैसी सोशल मीडिया का भारतीय यूजर्स के डेटा को गलत तरीके से इस्तेमाल करने की खबर आए दिन आते रहती है। इसी को देखते हुए भारतीय संसदीय पैनल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की देखरेख और उनके मनमाने रवैये को रोकने के लिए एक रेगुलेटरी बॉडी बनाने की सिफारिश की है। साथ ही नियम तोड़ने वाली कंपनियों पर 4% का जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया की तरह बनेगी रेगुलेटरी बॉडी
हाई-लेवल कमेटी ने 2019 में पेश किए गए पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल को देखते हुए रेगुलेटरी बॉडी बनाने की बात कही है। इससे गूगल और अमेजन इंक जैसी कंपनियां जो डेटा स्टोर करती हैं उसे पूरी तरह से रोकने में मदद मिलेगी। समिति का कहना है कि जिस तरह इंडियन प्रेस को प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया कंट्रोल करती है ठीक उसी तरह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए एक रेगुलेटरी बॉडी बनानी चाहिए।

शीतकालीन सत्र में बिल पेश होगा
पैनल के हेड भारतीय जनता पार्टी के मंत्री पी. पी. चौधरी ने कहा कि रिपोर्ट की सिफारिशें 29 नवंबर से चलने वाले संसदीय सत्र में पेश की जाएंगी। इस बिल में दिए गए नियम नहीं मानने पर सोशल मीडिया कंपनियों के ग्लोबल कमाई का 4% तक के जुर्माने लगाने का प्रावधान हो सकता है।

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