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इंदौर में सुसाइड करने वाले व्यापारी परिवार का दावा-2018 की धोखाधड़ी बताकर व्यापारी को जेल भेजा, उसके स्टाम्प ही 2021 के…

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इंदौर

मोबाइल व्यापारी राजीव शर्मा सुसाइड मामले की जांच भंवरकुआं पुलिस ने शुरू कर दी है। मृतक पूर्व में किस मामले में जेल गए थे, इसकी जानकारी भी पुलिस जुटा रही है। इस बीच पुराने मामले को लेकर मकान बिक्री के लिए हुए एग्रीमेंट की कॉपी सामने आई है।

इसमें धोखाधड़ी करने का आरोप लगाते हुए व्यापारी को तब जेल भेजा गया था। परिजन का आरोप है कि मकान बेचने का फर्जी एग्रीमेंट बनाकर पूरा षडयंत्र रचा गया। एग्रीमेंट पर की गई साइन भी फर्जी हैं। इतना ही नहीं अप्रैल 2018 का एग्रीमेंट बताया जा रहा है जबकि स्टाम्प 2021 में केस दर्ज होने के समय खरीदे गए थे।

वहीं रविवार को सुसाइड नोट में लिखे नामों में से तीन लोगों को बयान के लिए भंवरकुआं थाने पर बुलाया गया था, जिसमें से एक के ही बयान दर्ज हुए। जानिए सब कुछ सिलसिलेवार…

मामला क्या है, पहले ये जान लीजिए

दरअसल, 15 जून की रात करीब पौने 9 बजे राजी‌व शर्मा (उम्र 41 साल) निवासी रॉयल कृष्णा कॉलोनी ने भंवरकुआं थाना क्षेत्र के ग्रैंड राज होटल में फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। मामले में पुलिस द्वारा मर्ग कायम कर जांच की जा रही है।

राजीव ने पांच पन्ने का सुसाइड नोट भी लिखा है। जिसमें पुलिस के एसआई महेश चौहान और सिपाही प्रशांत परिहार, शोरूम मालिक अशोक गोयल और दुकान के कर्मचारी विकास डोडिया और उसकी मां नर्मदा बाई सहित कई लोगों के नाम लिखे हैं।

नोट में लिखा है कि उस पर झूठा प्रकरण बनाकर जेल भेज दिया गया। उससे लाखों रुपए लेने के साथ ही जेवर भी रख लिए। इस कारण वह कर्ज में दब गया। अभी भी प्रशांत और नरेन्द्र उस से रुपए की मांग कर रहे हैं। कंगाल होने के बाद भी अब उसकी पत्नी के जेवर बेचकर रुपए देने की बात कर रहे हैं।

राजीव मूलत: बिहार के मुंगेर जिले का रहने वाले थे। वो यहां पत्नी बच्चों के साथ रहता थे। उसका राजेंद्र नगर में मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स का शोरूम था। राजेंद्र नगर के अलावा उन्होंने सिलिकॉन सिटी और साकेत में भी मोबाइल शॉप खोली थी।

नर्मदा बाई राजेंद्र नगर वाले शोरूम पर झाड़ू पोंछा करती थी और नर्मदा बाई का बेटा विकास वहीं पर सेल्स का काम करता था। नर्मदा बाई और राजीव की पत्नी निशा राज शर्मा के बीच मकान बेचने का एग्रीमेंट हुआ। इसमें धोखाधड़ी का हवाला देते हुए मृतक राजीव और उसकी पत्नी निशा पर केस दर्ज किया गया। इसी मामले में पूर्व में वे जेल गए थे।

अब पढ़िए कब हुआ था एग्रीमेंट और कितने में किया था मकान का सौदा

मृतक राजीव की पत्नी निशा राज शर्मा और नर्मदा बाई के बीच एक एग्रीमेंट हुआ जिस पर 6 अप्रैल 2018 लिखी हुई है। निशा ने अपने मकान का सौदा नर्मदा बाई से 50 लाख रुपए में किया। एग्रीमेंट के अनुसार 6 अप्रैल 2018 को निशा ने सौदे के पेटे 10 लाख रुपए दो गवाह की मौजूदगी में लिए।

बाकी के 40 लाख रुपए नर्मदा बाई 31 दिसंबर 2020 तक देगी और मकान पर कब्जा प्राप्त करेगी। बकाया राशि मिलने पर निशा द्वारा नर्मदा बाई के नाम पर मकान की रजिस्ट्री करवाई जाएगी। एग्रीमेंट में ये भी लिखा गया कि इसके पूर्व ये मकान किसी अन्य व्यक्ति को नहीं बेचा गया है।

मकान पर किसी प्रकार का लोन नहीं है। 100-100 के पांच स्टाम्प पर ये एग्रीमेंट तैयार किया गया। साल 2021 में इसी मामले में धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए नर्मदा बाई की शिकायत पर मृतक राजीव और उसकी पत्नी निशा के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला राऊ थाने में दर्ज हुआ।

नर्मदा बाई ने आरोप लगाया कि मकान के सौदे के एवज में उसने पूरे पैसे दे दिए है लेकिन राजीव और निशा मकान की रजिस्ट्री नहीं कर रहे है साथ ही दोनों ने एग्रीमेंट के बाद मकान पर 43 लाख रुपए का लोन ले लिया और एग्रीमेंट की शर्तों का उल्लंघन करते हुए धोखाधड़ी की।

मकान बेचने को लेकर हुए एग्रीमेंट की कॉपी, जिसे मृतक के परिजनों ने फर्जी बताया है।

मृतक के परिजनों का आरोप है कि फर्जी एग्रीमेंट के आधार पर पूरे खेल रचा गया और झूठा केस दर्ज करवा दिया। मृतक राजीव के परिजनों का आरोप है कि एग्रीमेंट की जांच हुई तो उसमें की गई निशा की साइन फर्जी निकली। जो स्टाम्प लगाए गए हैं, उनका रिकॉर्ड भी सामने आ गया है।

एग्रीमेंट 2018 का बताया गया है जबकि स्टाम्प 2021 में केस दर्ज होने के पहले खरीदे गए हैं। स्टाम्प वेंडर के द्वारा कलेक्ट्रेट में जमा रजिस्टर से इसकी पुष्टि हुई है। इतना ही नहीं परिजनों का आरोप है कि जो महिला (नर्मदा बाई) 50 लाख में मकान खरीदने का सौदा कर रही है वो खुद साफ-सफाई का काम मृतक राजीव के शोरूम में करती थी।

उसका बेटा विकास भी काम वहीं काम करता था। वो कैसे 50 लाख रुपए में मकान खरीद सकती है। फर्जी एग्रीमेंट के आधार पर षडयंत्र रच जेल भेजा गया और मृतक राजीव से वसूली की गई।

अशोक गोयल। शोरूम मालिक हैं। रविवार को पुलिस ने उनके बयान लिए। उन्होंनने कहा कि राजीव ने जेवर गिरवी नहीं रखे थे।

तीन में से एक के ही बयान हुए

मृतक राजीव के सुसाइड मामले में बयान के लिए रविवार को एसआई महेश चौहान, सिपाही प्रशांत परिहार, शोरूम मालिक अशोक गोयल को बुलाया गया था लेकिन शोरूम मालिक अशोक गोयल के ही बयान हुए। अन्य दोनों के बयान नहीं हुए।

सूत्रों के मुताबिक अशोक ने अपने बयान में पुलिस से राजीव द्वारा किसी प्रकार के जेवर गिरवी नहीं रखने की बात कही है। दोनों के बीच जो लेनदेन हुआ वो दुकान के किराए को लेकर था। वहीं पुलिस अधिकारी साफ कर चुके हैं कि सुसाइड नोट में जिनके नाम है, उनके बयान के बाद ही तस्वीर साफ हो पाएगी।

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