*स्टेशन का निर्माण टुकड़ों में हो, ताकि यात्री और व्यापारियों को नुकसान न हो – अमन*
– प्रधानमंत्री कार्यालय ने तत्काल लिया संज्ञान
– सुनवाई नहीं होने पर न्यायालय में होगी जनहित याचिका दायर

इन्दौर। स्वच्छता में लगातार 7 बार नम्बर वन का तमगा जीतने वाले मध्यप्रदेश की आर्थिक एवं सांस्कृतिक राजधानी इन्दौर के रेलवे स्टेशन के नव निर्माण के लिए केन्द्र सरकार ने 700 करोड़ का प्रावधान कर मंजूरी देते हुए रेलवे स्टेशन का काम 1 मार्च से शुरु करने का निर्णय लिया है, और टेंडर बुलवाकर सन 2027-28 तक काम पूरा करने का लक्ष्य रखा है, काम शुरू होने के पूर्व ही रेलवे स्टेशन के एक होटल व्यवसायी अमन डावर ने जनहित में हजारों यात्री और स्थानीय व्यापारियों को होने वाली परेशानी को संज्ञान में लेकर एक पत्र जनहित याचिका प्रधानमंत्री, रेलवे डीआरएम, सांसद शंकर लालवानी और सम्भागायुक्त के समक्ष दायर की है। जिसे प्रधानमंत्री कार्यालय ने तत्काल संज्ञान में लेकर रेलवे सेकेट्री को भेजते हुए कार्यवाही करने के निर्देश जारी किया है।
गौरतलब है कि केन्द्र सरकार ने इंदौर रेलवे स्टेशन पुनर्निर्माण को केन्द्र सरकार के निर्देशन में टेंडर जारी कर 1 मार्च से काम शुरु कर 2027 तक काम पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। इसका क्षेत्रीय सरवटे स्टेशन क्षेत्र के होटल व्यवसायी अमन डावर ने योजना को स्वागत योग्य जरुर बताया है, लेकिन निर्माण के दौरान रेलवे, बस यात्री तथा स्थानीय व्यवसायियों को होने वाली परेशानी एवं आर्थिक नुकसान को देखते हुए सम्भागायुक्त के माध्यम से प्रधानमंत्री के समक्ष एक पत्र जनहित याचिका के रुप में भेजा है, जिसे प्रधानमंत्री कार्यालय ने संज्ञान मे लेकर त्वरित कार्यवाही के निर्देश जारी किये, जिससे निर्माण शुरु होने के पहले ही खटाई में पड़ने की सम्भावना बढ़ गई है।
होटल व्यवसायी अमन डावर ने पत्र याचिका को सार्वजनिक शिकायत के रूप में प्रधानमंत्री को भेजी, जिसमें कहा गया है कि इन्दौर रेलवे स्टेशन के चार प्लेटफार्म को एक साथ तोड़ने तथा 2027 – 2028 तक होने वाले निर्माण से प्रदेश के दूर दराज इलाकों से MY Hospital में शासकीय इलाज की योजना के लाभार्जन हेतु आने वाले मरीज यात्रियों एवं आम रेलवे यात्रियों है हद परेशानी का सामना करना पड़ेगा तथा स्थानीय सियागंज, दवा-बाज़ार, आस-पास के होटल, धर्मशाला, लाज और आम दुकानदार व्यापारी वर्ग, रहवासियों के सामने रोज़ी-रोटी व्यापार प्रभावित होगा।
होटल व्यवसायी अमन डावर की पत्र याचिका को पब्लिक ग्रीवियंस के रूप प्रधानमंत्री कार्यालय ने रजिस्टर्ड कर लिया है।
शिकायतकर्ता अमन पिता विजय कुमार डाबर, निवासी : 9/6, छोटी ग्वालटोली, इन्दौर ने कहा कि उनका रेलवे स्टेशन इन्दौर के पास में होटल मेट्रो एवं होटल सवेरा के नाम से व्यवसाय है, उन्हे दैनिक अखबारों एवं सोशल मिडिया से जानकारी प्राप्त हुई कि, इन्दौर की धरोहर एवं कई शहरों से जरिये ट्रेन आवागमन का जुडाव रखने वाला इन्दौर रेलवे जंक्शन का निर्माण कार्य आगामी 1 मार्च 2025 के आस पास से प्रारम्भ होने वाला है जो पुन:निर्माण कार्य रेलवे मंत्रालय ने टेंडर के जरिये बुलवाया गया है एवं उक्त पुराने रेलवे स्टेशन को तोड़कर नवीन निर्माण कार्य सन 2025 से सन् 2027-28 तक का लक्ष्य काम पूरा करने हेतु मुझे अखबार प्रकाशन से जानकारी प्राप्त हुई है |
शिकायतकर्ता अमन पिता विजय कुमार डाबर, निवासी : 9/6, छोटी ग्वालटोली, इन्दौर ने कहा कि उनका रेलवे स्टेशन इन्दौर के पास में होटल मेट्रो एवं होटल सवेरा के नाम से व्यवसाय होकर कुछ दिनों पूर्व ही मुझे दैनिक अखबारों एवं सोश्यल मिडिया के माध्यम से यह जानकारी प्राप्त हुई है कि, इन्दौर की धरोहर एवं कई शहरों से जरिये ट्रेन आवागमन का जुडाव रखने वाला इन्दौर रेलवे जंक्शन का निर्माण कार्य आगामी दिनांक मार्च 2025 के आस पास से प्रारम्भ होने वाला है जो पुन:निर्माण कार्य रेलवे मंत्रालय ने टेंडर के जरिये बुलवाया गया है एवं उक्त पुराने रेलवे स्टेशन को तोड़कर नवीन निर्माण कार्य सन 2025 से सन् 2027-28 तक का लक्ष्य काम पूरा करने की जानकारी प्राप्त हुई है |
चूँकि इन्दौर रेलवे स्टेशन अपने आप में कई दशकों पुराना है, इसकी स्थापना होलकर काल अर्थात 1877 में हुई थी एवं 1956 में जीर्णोधार करवाया गया। सन् 1988 में सियागंज की तरफ से रेलवे स्टेशन की बिल्डिंग बनाई गई होकर सन् 2015 में रेलवे स्टेशन से मीटर गेज ट्रेनों का संचालन बंद हो गया था तथा उक्त रेलवे स्टेशन पश्चिम रेलवे में है, और यहां से लगभग 84 से अधिक ट्रेनों का आवागमन होता है, इसी प्रकार वर्तमान में सरवटे बस स्टेंड की और प्लेट फार्म 1 व 2 तथा महारानी रोड पर प्लेट फ़ार्म नं. 3, 4 है |
इन सभी प्लेट फार्मों वाले रेलवे स्टेशन पर कई मुख्य ट्रेने जंक्शन स्वरूप आवागमन करती है, जिससे शहर इन्दौर सहित आस पास के शहरों एवं क्षेत्रों के यात्रियों को आवागमन का लाभ उठाते है सआथ ही रेलवे स्टेशन के आस पास की कई होटलें धर्मशाला, लाज, खान-पान की दुकानें सहित अस्थाई व स्थाई रूप से क्षेत्र एवं शहर के व्यापारियों से लेकर मजदूरों तक को रोजगार मिलता है।
इसी प्रकार इन्दौर के इस ऐतिहासिक व प्राचीन रेलवे स्टेशन के पास में दशकों पुराना सियागंज नामक थोक का बड़ा व्यापार संचालित होता है, जहां प्रतिदिन रेलवे की माल गाडी सहित व्यापारिक लगेज / पार्सल माल का भी आवागमन व्यापारिक वर्ग कर करोडों का व्यापार करता है। साथ हि स्टेशन के आस पास के होटलों पर ठहरने की एवं खाने पीने सहित अन्य सुविधा प्राप्त करते है।
याचिकाकर्ता अमन डावर ने कहा कि रेलवे स्टेशन के पुनर्निर्माण की योजना से हजारों लोगो की रोजी रोटी भी लगभग 3 से 4 वर्षो तक प्रभावित होगी। तथा यात्रियों को यात्रा करने हेतु महू, राजेन्द्र नगर एवं लक्ष्मी बाई स्टेशन पर जाना पड़ेगा जिससे यात्रियों को अनावश्यक असुविधा का सामना करना पड़ेगा तथा यात्रियों की जेब पर आर्थिक बोझ भी पडेगा। चुंकि इन्दौर में प्रदेश का सबसे बड़ा एतेहासिक महाराजा यशवंत चिकित्सालय भी रेलवे स्टेशन के पास दवा बाजार के निकट विद्यमान होकर प्रदेश के मध्यम वर्गीय एवं गरीब तबके एवं आयुष्मान कार्ड धारक भी अन्य शहरों से हजारों लोग प्रतिदिन अन्य डाक्टरों की सलाह पर शहर इन्दौर में जरिये ट्रेनों से इन्दौर शहर आते है ताकि प्रायवेट हास्पिटल में लगने वाली अनावश्यक लाखों रूपये खर्चो से बचकर मध्यप्रदेश शासन की योजना का लाभ गरीब तबकों को मिलता है।
किन्तु इन्दौर रेलवे स्टेशन को तोड़कर किये जाने वाले निर्माण एवं उक्त रेलवे स्टेशन पर ही अन्य कोई वैकल्पिक सुविधा ना होने से सम्पूर्ण रूप से स्टेशन को निर्माण के कारण बंद कर देने से उक्त श्रेणी के लोग उक्त प्रकार का शासन का लाभ प्राप्त करने एवं चिकित्सीय इलाजों से वंचित रह जावेंगे एवं उनकी जेबों पर किराए भाड़े का एवं समय का भी भार पड़ेगा |
याचिका कर्ता अमन डावर का कहना है कि उक्त प्रकार से होने वाली असुविधाओं का स्पष्टीकरण नहीं किया गया है कि मुख्य रेलवे स्टेशन पर विद्यमान चार प्लेटफार्मो में से कोन सा प्लेटफ़ार्म तोड़ा जावेगा, चूँकि सर्वप्रथम रेल मंत्रालय को चार प्लेट फार्मो में से अन्य प्लेटफर्मो में से एक या दो प्लेटफ़ार्म पर निर्माण कार्य प्रारम्भ कर अन्य प्लेटफर्मो पर कोई वैकल्पिक सुविधा यात्रीगण को देनी चाहिए ताकि दूर के स्टेशनों पर यात्रीगण को अनावश्यक ना जाना पड़े एवं रेलवे स्टेशन के आस पास के लोगो की रोजी रोटी, व्यापार व्यवसाय, आमदनी भी प्रभावित न हो सके एवं हजारों लोगो की आमदनी, आय अर्जन, रोजी रोटी प्रभावित न हो सके तथा आम जनता को होने वाली असुविधा से बचाने के लिए रेलवे स्टेशन का पुनर्निर्माण अलग-अलग टुकड़ो में करने की याचना की है.