इंदौ र
इंदौर में मुख्यमंत्री ने मेयर को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। CM ने कहा कि मैं मंच वालों से कह रहा हूं कि ध्यान रखना अगर मेयर तुम्हारा नहीं रहेगा तो उद्घाटन के लिए तरस जाओगे। पैसा तो हम भेजेंगे वो नगर निगम को भेजेंगे कोई मुख्यमंत्री सड़क बनाने नहीं आएगा वह बनाएगा तो नगर निगम ही।
CM ने जब यह बात कहीं तब मंच पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, मंत्री तुलसी सिलावट, विधायक रमेश मेंदोला, मालिनी गौड़, महेंद्र हार्डिया, आकाश विजयवर्गीय, सहित सुदर्शन गुप्ता, उमेश शर्मा और मधु वर्मा और भाजपा के दिग्गज नेता मौजूद थे। CM ने आगे कहा कि इंदौर के विकास के लिए, इंदौर की भलाई के लिए और जनता के कल्याण के लिए इंदौर नगर निगम बहुत जरूरी है। अकेले पुष्यमित्र ही नहीं, 85 के 85 पार्षद भी भाजपा के ही होना चाहिए।
मंच पर भाजपा के दिग्गज नेता।
CM ने यह भी कहा मंच से
CM ने कहा कि इंदौर में लड़ाई धन के पुजारी और ज्ञान के पुजारी के बीच में है। पुष्यमित्र भार्गव की छवि स्वस्थ है। आने वाले 10 सालों में इंदौर बेंगलुरु और हैदराबाद को पीछे छोड़ देगा। इंदौर का विकास, ग्रीन सिटी इंदौर, क्लीन सिटी इंदौर, आईटी सिटी इंदौर, मेट्रो सिटी इंदौर, स्मार्ट सिटी इंदौर इनवेस्टर्स सिटी इंदौर के लिए हमारा रोड मैप तैयार है। 21 हजार करोड़ रुपये के काम हम मिशन नगरोदय के तहत कर रहे हैं, 1700 करोड़ रुपये के कार्य इंदौर में किए जा रहे हैं।
पुष्यमित्र भार्गव ने नामांकन के पहले देवी अहिल्या की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। उनके साथ सीएम शिवराजसिंह, कैलाश विजयवर्गी, वीडी शर्मा भी मौजूद थे।
इंदौर को लेकर चिंता बरकरार
भाजपा आलाकमान की इंदौर महापौर पद को लेकर चिंता अभी बनी हुई है। राजनीतिक एक्सपर्टस् कि मानें तो पार्टी के लिए को इंदौर महापौर की सीट प्रदेश की तुलना में ज्यादा चुनौतीपूर्ण है। बताया जा रहा है कि पार्षद टिकट वितरण के बाद जो विद्रोह हो रहा है उसे देखते हुए आलाकमान के माथे पर चिंता की लकीर खिंच दी है। पार्टी को इस बात का भी डर सता रहा है कि इंदौर महापौर का चुनाव पार्टी के पक्ष में नहीं हुआ तो मालवा-नीमाड़ की 30 विधानसभा का गणित बिगड़ने की आशंका है।

