पटना: महागठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर फसी पेंच के बीच आज महागठबंधन की ओर से एक बड़े प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया है. इस महागठबंधन के प्रेस कॉन्फ्रेंस में तमाम बड़े चेहरे के मौजूद रहने की संभावना है. माना जा रहा है की महागठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर मची मारामारी को सुलझा लिया गया है. लेकिन सवाल यह है कि क्या कांग्रेस के नेता तेजस्वी यादव को अपना मुख्यमंत्री का चेहरा मान लिया है. यह सवाल भी इसलिए उठ रहा है क्योंकि महागठबंधन में अब तक सीट बंटवारे को लेकर कई बैठकें हुई. इस मीटिंग के बाद तेजस्वी यादव ने खुद को मुख्यमंत्री का चेहरा तो बताया लेकिन, महागठबंधन में कांग्रेस के नेताओं ने यह ऐलान नहीं किया कि तेजस्वी यादव ही उनका चेहरा है. तो क्या आज के इस प्रेस को कांफ्रेंस में कांग्रेस या ऐलान करेगी.अगर कांग्रेस तेजस्वी यादव को अपना चेहरा मान जाती है तो इसके पीछे क्या शर्त रखा गया है क्योंकि कुछ दिन पहले ही कांग्रेस के नेताओं ने यह साफ शब्दों में कह दिया था कि जब तक उनको गठबंधन में 61 सीट नहीं मिलती हैं तब तक वह तेजस्वी यादव को अपना चेहरा नहीं मानेंगे.
अगला सवाल यह है कि अगर कांग्रेस तेजस्वी यादव को अपना चेहरा मान जाती है तो इसके पीछे क्या शर्त रखी गई है क्योंकि कुछ दिन पहले ही कांग्रेस के नेताओं ने यह साफ शब्दों में कह दिया था कि जब तक उनको गठबंधन में 61 सीट नहीं मिलती हैं तब तक वह तेजस्वी यादव को अपना चेहरा नहीं मानेंगे. अब सवाल यह है की क्या जहां आरजेडी और कांग्रेस एक दूसरे के खिलाफ चुनाव मैदान में हैं वहां कौन सी पार्टी अपना उम्मीदवार वापस लेगी.
इधर कांग्रेस-आरजेडी में सुलह की बात चल रही है और दूसरी तरफ कांग्रेस के भीतर ही बागवती सुर सुनाई दे रहे हैं. कई कांग्रेसी नेता ऊपर के नेतृत्व से नाराज हैं. बात यहां तक पहुंच गई है कि नाराज नेता आज कांग्रेस ऑफिस सदाकत आश्रम में सामूहिक उपवास और प्रदर्शन करेंगे. सामूहिक उपवास और प्रदर्शन कार्यक्रम को लेकर एक पोस्टर भी जारी किया गया है. इसमें राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और सोनिया गांधी की फोटो लगी है. नाराज पक्ष के नेता आनंद माधव की फोटो भी लगी है. उनके नाम के नीचे समर्पित कांग्रेस कार्यकर्ता लिखा गया है.
कांग्रेस के नाराज नेता नेताओं के इस सामूहिक उपवास और प्रदर्शन कार्यक्रम का समय आज 23 अक्तूबर को सुबह 10 बजे रखा गया है. इससे बिहार कांग्रेस में नाराज गुट की बातें अब सार्वजनिक हो गई हैं. बिहार कांग्रेस के नाराज गुट ने बैठक पूरी कर अपनी मांगों को साफ कर दिया है. नाराज नेताओं का कहना है कि प्रदेश में कांग्रेस के प्रभारी कृष्णा अल्लावरू और सह प्रभारी को हटाया जाए. इसके अलावा, बिहार में कार्यकारी अध्यक्ष को बहाल करने की भी मांग की गई है.
नाराज गुट का कहना है कि यह प्रदर्शन पार्टी के भीतर अपनी ताकत दिखाने और नेतृत्व के समक्ष अपनी बात रखने के लिए किया जाएगा. प्रदर्शन के दौरान नाराज नेता अपनी मांगों पर अडिग रहने का ऐलान कर चुके हैं. नाराज नेताओं ने साफ किया है कि उनका विरोध किसी व्यक्तिगत विवाद या साजिश पर आधारित नहीं है, बल्कि पार्टी के संगठन और निर्णय प्रक्रिया में समान अवसर और लोकतांत्रिक प्रावधानों की रक्षा के लिए किया जा रहा है.
सीट शेयरिंग से टिकट बंटवारे में पार्टी के कई लोगों की अनदेखी की गई. नाराज गुट का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आगे भी संघर्ष जारी रहेगा. कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि प्रदेश प्रभारी और पार्टी नेतृत्व नाराज गुट से बात करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि स्थिति को शांत किया जा सके. हालांकि, नाराज नेताओं का कहना है कि अब केवल संवाद से काम नहीं चलेगा, उन्हें ठोस कदम उठाने पड़ेंगे.

