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अपराध के खिलाफ आम आदमी की अनोखी जंग: बुजुर्ग से 27 लाख की ठगी, पुलिस डेढ़ साल में न पकड़ सकी, बेटे ने 4 घंटे में पकड़वाया

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जयपुर

यह कहानी है जयपुर के बरकत नगर निवासी 72 साल के कारोबारी नवरतन शर्मा की। सितंबर 2019 में उनसे 2 बदमाशों ने प्लॉट बेचने के नाम पर 27 लाख रु. की धोखाधड़ी की। डेढ़ साल में 30 दबिश के बाद भी पुलिस आरोपियों को नहीं पकड़ सकी तो परिवादी के बेटे गिरिराज शर्मा ने साइबर एक्सपर्ट और प्राइवेट डिटेक्टिव की मदद से 4 घंटे में ही आरोपी को पकड़वा दिया।

बुजुर्ग ने बजाज नगर थाने में केस दर्ज कराया था। उन्होंने तत्कालीन जांच अधिकारी सुनील गाेदारा काे आराेपियाें की लोकेशन से लेकर गाड़ी तक मुहैया कराई, लेकिन दबिश से कुछ देर पहले आरोपी मोबाइल बंद कर देता और फरार हो जाता। जांच अधिकारी प्रकाश बिश्नाेई बोले- साल 2019 में माेहन और गजेंद्र ने नवरतन काे मधुवन काॅलाेनी में फर्जी दस्तावेज के जरिये 60 लाख रुपए में एक प्लाॅट बेचा था। इसके लिए 27 लाख रु. भी ले लिए थे। बाद में जब रजिस्ट्री के लिए कहा तो टालमटाेल की। जांच की तो पता चला, प्लॉट किसी और का है। मुझे 16 दिसंबर 2020 काे जांच रिपोर्ट मिली थी। इसके बाद गिरिराज ने साइबर एक्सपर्ट की मदद से आरोपी की लोकेशन दी तो 28 जनवरी को सीकर रोड स्थित रामपुरा निवासी आरोपी माेहन शेखावत को गिरफ्तार कर लिया गया।

ऐसे फंसाया : सोशल मीडिया पर आरोपी की रुचि की इमेज दिखाते, क्लिक करते ही लोकेशन मिल जाती पर मिलीभगत बचा देती

आरोपी मोहन

आरोपी हर दबिश से पहले मोबाइल बंद कर देता, लोकेशन बदलता रहता

धौंस : पीड़ित से बोला- पुलिस कुछ नहीं कर सकती, मेरी सबसे पहचान
जुलाई 2020 में एक बार पीड़ित ने आरोपी की लाेकेशन अजमेर राेड पर जयसिंहपुरा आई थी। पुलिस पहुंची तो आराेपी मल्टी स्टाेरी बिल्डिंग के एग्जिट गेट पर लगे बेरिकेड्स काे टक्कर मारकर भाग गया। उसी दिन परिवादी के बेटे काे फाेन पर बोला- पुलिस मेरा कुछ नहीं कर सकती। मेरी सबसे पहचान है।

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