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कांग्रेस ने प्रशासन पर साधा निशाना:पूर्व मंत्री ने पूछा- बुजुर्गों को क्या शिप्रा में विसर्जित करने ले जा रहे थे? इस घटना से इंदौर कलंकित

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इंदौर

बुजुर्गों को डंपर में भरकर शिप्रा छोड़ने के बाद रविवार को तिल चतुर्थी पर कलेक्टर समेत अन्य अफसरों द्वारा खजराना गणेश से माफी मांगने को लेकर कांग्रेस ने निशाना साधा है। कांग्रेसियों ने कहा – इंदौर स्वच्छता में नंबर-1 है, हमें इस पर गर्व है, लेकिन निगम के एक कृत्य से इंदौर पूरे देश में कलंकित हुआ। अब आप भगवान गणेश से कितनी भी माफी मांग लो, वे माफ नहीं करने वाले। पूर्व मंत्री विधायक जीतू पटवारी ने निगम-प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए पूछा – बुजुर्गों को क्या शिप्रा में विसर्जित करने जा रहे थे। ऐसे अधिकारियों पर तो एफआईआर दर्ज होनी चाहिए।

पटवारी ने कहा – यह इंदौर की अस्मिता का सवाल है। यह किसी पार्टी से जुड़ा मुद्दा नहीं है। यह घटना माफ करने योग्य नहीं है। गणेश जी से माफी मांगो, वे भी माफ नहीं करेंगे। भगवान शिव की परिक्रमा लगाने के दौरान का गणेश जी का भी एक वृत्तांत है, जो सबको प्रेरणा देता है। बुजुर्गों का अपमान करना और ईश्वर से माफी मांगना, ये इंदौर और मप्र की संस्कृति को रास नहीं आता। ऐसी कार्रवाई की सबको एकजुट होकर निंदा करनी चाहिए। कांग्रेस इसे लेकर मंगलवार को संभागायुक्त के समक्ष प्रदर्शन करेगी।

7 घंटे शहर में रहे, लेकिन सीएम ने एक शब्द नहीं कहा

पटवारी ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर तंज कसते हुए कहा कि कचरे के संदर्भ में ग्वालियर में अधिकारियों पर कार्रवाई हुई। इंदौर में तहसीलदार पर कार्रवाई हुई, लेकिन इंदौर ने जितना नाम सफाई में कमाया है। इस घटना से इंदौर को उतना ही कलंकित कर दिया है, लेकिन अपने सपनों के शहर इंदौर में 7 घंटे बिताने के बाद भी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने इस मुद्दे पर कुछ नहीं कहा.. यह दुखद है। कांग्रेस की मांग है कि दोषियों पर मामला दर्ज किया जाना चाहिए।

15 को लेकर गए अब तक चार ही सामने आए

कांग्रेस का आरोप है कि पहले रैन बसेरा नगर निगम 25 हजार के खर्चे पर चला रहा था। निजीकरण के बाद एक रैन बसेरा की राशि 55 हजार पहुंच गई है। रैन बसेरा में तो गरीबों के लिए खाने तक का इंतजाम नहीं हैं। विधायक संजय शुक्ल ने आरोप लगाया कि शिप्रा में गाड़ी में जानवरों की तरह निगम वाले 15 लोगों को लेकर गए थे। इनमें से केवल 4 लोग ही रैन बसेरे में मिले थे, बाकी के लोग कहां हैं, अधिकारी सही जवाब नहीं दे रहे। पीड़ितों के साथ दोषियों पर कार्रवाई के लिए आईजी के पास जाने के बाद भी एफआईआर नहीं लिखी गई।

कलेक्टर ने मांगी थी खजराना गणेश से माफी
कलेक्टर मनीष सिंह ने रविवार को खजराना गणेश जाकर भगवान से माफ मांगी थी। इसके अलावा निगम अफसरों ने भी बुजुर्गों व शहर से क्षमा-याचना की थी। कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा – खजराना गणेश इंदौर के राजा हैं। निगम ने बुजुर्गों के साथ जैसा बर्ताव किया, उससे प्रजा दुखी हुई, तो राजा के सामने क्षमा मांगने के अलावा कोई विकल्प नहीं। हम सभी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते।
वहीं, निगमायुक्त प्रतिभा पाल ने कहा- हमारी मंशा बुजुर्गों को रैन बसेरा पहुंचाने की थी। कर्मचारियों ने जो बर्ताव किया, उससे दुखी हूं, निगम की ओर से माफी मांगती हूं। अपर आयुक्त श्रृंगार श्रीवास्तव ने कहा- बुजुर्गों के लिए मैंने सिर्फ ट्रक बुलवाया था। मैं भी निगम परिवार का हिस्सा होने के नाते माफी मांगता हूं। अपर आयुक्त अभय राजनगांवकर ने कहा, रैन बसेरा मेरे अधीन है। नैतिक तौर पर अपनी जिम्मेदारी मानते हुए माफी मांगता हूं। उपायुक्त लता अग्रवाल ने कहा, मैंने तो वरिष्ठ अधिकारी के निर्देश पर ट्रक भेजा। इससे ज्यादा जानकारी नहीं थी। मैं भी बुजुर्गों से माफी मांगती हूं।

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