इंदौर
‘135 करोड़ का देश इस बात पर लड़ रहा है कि हीरोइन के अंडर गारमेंट का रंग क्या है। कमाल है। पूरा देश काम पर लगा दिया। हमारा बंदा नरोत्तम और तेज चले। हमारा भाई है नरोत्तम मिश्रा। अरे साहब, मैंने कहा भइया पहले सेंसर बोर्ड को लिखकर के दे दो, इस-इस रंग के पहन ले। कमाल देश है।’ ये बात कवि कुमार विश्वास ने पठान मूवी का नाम लिए बिना इंदौर में एक कार्यक्रम के दौरान शुक्रवार रात कही। उल्लेखनीय है कि फिल्म के गाने ‘बेशर्म रंग’ में दीपिका ने भगवा रंग की बिकनी पहनी है, जिसे लेकर देशभर में हल्ला मचा हुआ है। भारत जोड़ों यात्रा को लेकर क्या कुछ कहा, पढ़िए विस्तार से।
पहले जान लीजिए कहां आए थे कुमार विश्वास
एसजीएसआईटीएस संस्थान के 70वें फाउंडेशन डे के तहत अभय प्रशाल लाभ मंडपम में एक प्रोग्राम का आयोजन भूतपूर्व छात्रों के एसोसिएशन की ओर से रखा गया, जिसमें कुमार विश्वास को बुलाया गया था। कार्यक्रम में भूतपूर्व छात्र-छात्राएं परिवार सहित शामिल हुए।
प्रोग्राम में संबोधित करते हुए डॉ.कुमार विश्वास।
‘राहुल का पैदल चलना दिग्विजय की योजना’
कवि कुमार विश्वास ने मंच संभालते ही समां बांध दिया। उन्होंने कविता की पंक्तियां सुनाने के बीच हास्य-व्यंग्य में कहा कि ‘मैंने दिग्विजयजी से कहा यात्रा निकलवा रहे हो तो एक तो (शादी) करवा दो इसकी। आगे कुमार विश्वास ने कहा कि उन्हीं (दिग्विजय सिंह) की ये योजना है जो (राहुल) चल रहे है सड़क पर। एक तरह से आप ये कह सकते है कि राहुल गांधी को सड़क पर वो (दिग्विजय सिंह) ही लाए। इसके बाद जोर-जोर से ठहाके लगने लगे।
कुमार विश्वास पर इंदौरियों की मोहब्बत भारी पड़ी
वहीं प्रोग्राम के दौरान कुमार विश्वास ने कहा कि कुछ महीने पहले प्रदीप ने फोन किया और पूछा कि 23 दिसंबर को कोई बुकिंग है क्या, मना करने पर उसने कहा कि मेरी ओर से 23 दिसंबर की तारीख लिख लिजिए। मैनेजर द्वारा बताए जाने के बाद में मुझे पता चला कि मैं 23 तारीख को कहां फंसा। आज मेरी शादी की सालगिरह है। मैंने पत्नी को समझाया कि कमिटमेंट कर दिया है। ये शादी का 26वां साल है। आज तक ऐसा नहीं हुआ है कि मैरिज एनिवर्सरी के दिन में कहीं चला जाऊं। तो आप ये मानकर चलिए की ये डिजिटल हिस्ट्री बन रही है। मेरे जाने के 200-300 साल बाद ये लिखा जाएगा कि जो मोहब्बत कुमार विश्वास ने जी थी, उस पर एक दिन इंदौरियों की मोहब्बत भारी पड़ी।
लोगों ने मिलाए कुमार के साथ सुर
करीब दो घंटे (पौने 8 से पौने 10) तक चले प्रोग्राम में कुमार विश्वास ने कई नई पुरानी कविताएं और गीत लोगों को सुनाए। इस दौरान ऑडियंस भी कुमार के साथ सुर मिलाती नजर आई। लोग साथ-साथ में गीत गुनगुना रहे थे। वहीं मैं अपने गीत गजलों से…, जो राधा पुकारेगी तो फिर घनश्याम आएगा…, किसी के दिल की मायूसी आदि पंक्तियों पर कुमार विश्वास को जमकर दाद मिली।
प्रोग्राम में मौजूद भूतपूर्व छात्र।

