राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में कथित गोरक्षकों द्वारा की गई बर्बर पिटाई के कारण एक युवक की मौत का मामला सामने आया है। घटना के तीन दिन बाद पीड़ित ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस मामले को लेकर भीम आर्मी प्रमुख और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने गहरी संवेदना व्यक्त की है और राजस्थान सरकार पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। भीलवाड़ा से मॉब लिचिंग की एक घटना सामने आई है, जहां 25 साल के शख्स पर लात-घूंसे बरसाते हुए भीड़ ने उसे मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने 36 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। वहीं, पुलिस ने घटना के मुख्य आरोपी शरीफ को गिरफ्तार कर लिया है।
मॉब लिचिंग की यह घटना कार और ठेले की टक्कर के बाद देखने को मिली। 4 लोगों से सवाल एक कार और ठेले में मामूली टक्कर हो गई, जिसके बाद गुस्साई भीड़ ठेले वाले के पक्ष में आ खड़ी हुई और कार में मौजूद 25 वर्षीय शख्स पर हमला बोल दिया।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल टोंक छावनी के रहने वाले 4 लोग एक दोस्ती की बहन की शादी में शिरकत करने जा रहे थे। भीलवाड़ा की जहाजपुर मेन मार्केट से गुजरते हुए कार अचानक एक ठेले से टकरा गई। यह ठेला चांद मोहम्मद का था, जिसे उसका बेटा शरीफ चला रहा था। टक्कर के फौरन बाद आसपास के लोग मौके पर जुट गए और कार में बैठे 25 वर्षीय सीताराम को घसीटकर बाहर निकाला।
बीच सड़क पर ले ली जान
भीड़ सीताराम को घीसटकर बीच सड़क पर ले गई। इस दौरान सीताराम हाथ जोड़ माफी मांग रहा था और दुर्घटना में हुए नुकसान की भरपाई करने की भी बात कह रहा था, लेकिन भीड़ ने उसकी एक नहीं सुनी और उसपर लात-घूंसे बरसाना शुरू कर दिया। दुर्घटना में कार का अगला हिस्सा भी टूट गया था। ऐसे में सीताराम को बाइक पर अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
सीताराम के परिजनों ने पुलिस स्टेशन के सामने हंगामा खड़ा दिया, जिसके बाद पुलिस ने 36 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इनमें 16 लोगों की पहचान हो चुकी है और 20 लोग अज्ञात हैं। पुलिस ने मुख्य आरोपी शरीफ को भी हिरासत में ले लिया है।

