भोपाल. क्या मध्य प्रदेश की सत्ता हाथ से निकलने के बाद कांग्रेस पार्टी में बदलाव की जरूरत है ? यह सवाल इसलिए उठ रहा है, क्योंकि कांग्रेस के अंदर से ही अब इसको लेकर पुरजोर मांग उठने लगी है. कांग्रेस के दिग्गज नेता संगठन और पार्टी में बदलाव की बात कह रहे हैं. सरकार बनाने से पहले वक्त है बदलाव का नारा देने वाली कांग्रेस के नेता अब 2023 में सरकार बनाने के लिए इस नारे को अपनी पार्टी पर लागू करने की जुगत में हैं.
प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भंग करने को लेकर पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने फिर आवाज उठाई है. उन्होंने कमलनाथ के आने का इंतजार करने की बात कही है. उन्होंने कहा कि मैं इस बात का पैरोकार हूं कि तत्काल मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भंग कर देना चाहिए. उन्होंने कहा कि नई समिति बना दो और नया गठन कर दो. जिन जिलों में अध्यक्ष काम नहीं कर रहे हैं उनको बदल दो. मैंने हर बार इस बात की पैरवी की है.
यूथ को मौका देने की कही बात
सज्जन सिंह वर्मा कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में शुमार हैं. उन्होंने प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भंग करने के साथ यूथ ब्रिगेड को मौका दिए जाने की वकालत की है. उन्होंने कहा कि सेकंड लाइन को प्रमोट करने पर जोर दिया जाएगा. 38 से 40 साल के युवाओं को काम करने का मौका दिए जाने की पैरवी कर रहा हूं. पंजाब राजस्थान के मसले में कमलनाथ लगे हैं. कमलनाथ जैसे ही वापस आएंगे वैसे ही प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भंग करने के लिए कहूंगा.

