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मध्य प्रदेश सरकार की भेदभाव पूर्ण नीति क्यों ,प्रेस कांप्लेक्स के भूखंडों के मामले में बेदखली के नोटिस ने सरकार और प्रशासन की कार्यवाही पर लगाया प्रश्नवाचक चिन्ह

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आज की जनता का आरोप- सत्ता लोलुप अखबारों को छोड़ दिया गया ,जबकि सत्ता विरोधी विचारधारा के अखबारों को निशाना बनाया

रामस्वरूप मंत्री
भोपाल। मध्य्य प्रदेश की शिवराज सरकार का शायद लोकतंत्र ,अभिव्यक्ति की आजादी और संविधान प्रदत्त कानून के राज में कोई भरोसा नहीं है ।मध्य प्रदेश में लगता है कानून का शासन नहीं, बल्कि शासन का कानून चलता है । पिछले दिनों मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ में एक याचिका के संदर्भ में इंदौर स्थित प्रेस कांप्लेक्स की सर्वे रिपोर्ट मांगी थी ।इस सर्वे रिपोर्ट के आधार पर शिवराज सरकार ने इंदौर प्रेस कांप्लेक्स स्थित मीडिया के साथ भेदभाव करने के लिए कुछ सत्ता के गुलाम अधिकारियों का गलत रिपोर्ट देने के लिए कहा । शिवराज के इशारे पर संघ भाजपा से विपरीत विचारधारा रखने वाले साप्ताहिक समाचार पत्र आज की जनता के विरुद्ध  एक झूठी बेबुनियाद मनगढ़ंत रिपोर्ट कुछ अधिकारियों ने न केवल शासन को सौंपी, बल्कि हाई कोर्ट तक को धोखे में रखा ।

अब यही अधिकारी दबी जुबान से कह रहे हैं हम क्या कर सकते हैं। जैसा ऊपर से मुख्यमंत्री का आदेश था हमने रिपोर्ट दी । तो क्या विपरीत विचारधारा की आवाज को इसी तरह संघ भाजपा की शिवराज सरकार  सत्ता विरोधी आवाज को दबाने का षड्यंत्र करेगी। जो भारत के संविधान प्रदत्त अभिव्यक्ति की आजादी और मोलिक अधिकार की खुली हत्या है । इसके विरुद्ध आज की जनता ने हाईकोर्ट की शरण ली है ।

आज की जनता के प्रधान संपादक सुभाष जैन एडवोकेट  का कहना है कि मुझे भारत की न्याय व्यवस्था में पूरा भरोसा है ।आज की जनता सिर्फ जनता की अदालत में मध्य प्रदेश की संघ भाजपा की निकम्मी शिव राज सरकार का झूठ उजागर करना चाहती है । 2018 तक सर्वे रिपोर्ट करती है इंदौर प्रेस कांप्लेक्स में आज की जनता का प्रकाशन 11 प्रेस कांप्लेक्स एबी रोड स्थित आज की जनता कार्यालय से ही होता है, किंतु 2020 की सर्वे रिपोर्ट कहती है  आज की जनता का 11 प्रेस कांप्लेक्स से प्रकाशन ही नहीं होता है । यह सन 2020 का शिवराज सरकार का सबसे बड़ा झूठ है ।इस गलत रिपोर्ट देने में कोई भी शामिल हो उस पर जवाबदेही तय हो कर उसे सजा मिलना ही चाहिए । फिर चाहे वह स्वयं मुख्यमंत्री ही क्यों न हो या उनके इशारों पर गलत काम करने वाले अधिकारी ।पिछली 13 जुलाई को मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार ने मंत्रिमंडल में यह निर्णय लिया कि प्रेस कांप्लेक्स के 12 प्लाट धारकों को 2007- 2008 की दरों पर प्रीमियम राशि लेकर लीज रिन्यू कर दी जाए ।

जबकि पूर्व में ही आज की जनता सहित अधिकांश अखबार  वाले कमर्शियल का पैसा इंदौर विकास प्राधिकरण में लाखों रुपया भर चुके हैं ।आखिर सरकार कितनी बार पेसा भरवाएगी।  इस सारे प्रकरण के लिए आज की जनता ने 26 जुलाई 2021 के अंक में विस्तार से प्रकाश डाला है । जब करीब 50 वर्ष पुराने समाचार पत्र को 11 प्रेस कांप्लेक्स  भूखंड वापस लेकर बेदखली का नोटिस झूठी सर्वे रिपोर्ट के आधार पर इंदौर विकास प्राधिकरण द्वारा दिया गया तो आज की जनता के कई पाठकों लेखकों सदस्यों ने इसका विरोध किया। कई आजीवन सदस्यों ने कहा कि हम तो 48 में 50 वर्षों से आज की जनता के नियमित पाठक हैं। उन्हें अफसरों कर्मचारियों में इतना तो गुस्सा था कि उन्होंने बद्दुआ देते हुए कहा कि ऐसे झूठे और गैरकानूनी कृत्य करने वाले अधिकारी और उनका परिवार को कोरोना से मरेगा । 

कई भाइयों ने शिवराज सरकार के खिलाफ धरने पर बैठने को कहा सभी के खुद को शांत करते हुए आज की जनता के प्रधान संपादक सुभाष जैन ने उन्हें और ओशो का कथन देते हुए कहा क्रोध मत करो ।   सुभाष जैन का कहना है कि शिवराज सरकार की भेदभाव पूर्ण नीति के खिलाफ आज की जनता संविधान प्रदत्त अधिकारों का उपयोग कर न्यायालय में लड़ाई लड़ेगी तथा दोषी लोगों को कानून सम्मत सजा दिलाएगी । संघ भाजपा समर्थित अखबार स्व देश की मल्टी भी प्रेस कांप्लेक्स में ही है यहां 47 से ज्यादा किराएदार हैं ,किंतु वह शिवराज सरकार की नजर में लीज डीड का उल्लंघन नहीं है, उससे बेदखली की कार्रवाई क्यों नहीं की गई, यह सवाल आज पूछा जा रहा है। जबकि संघ भाजपा से असहमति रखने वाले आज की जनता सहित अन्य प्लाट मालिकों को बेदखली के नोटिस दिए जा रहे हैं । जबकि वहां तीन चार किराएदार हैं जिसमें से अधिकांश press कार्य से संबंधित ही कार्यालय हैं।
 प्रेस कांप्लेक्स की आधी सड़क पर स्वदेश का अतिक्रमण  है फिर भी सत्ता का गुलाम प्रशासन मौन है ।आखिर संघ भाजपा के अखबार स्वदेश और अन्य छोटे बड़े अखबारों के साथ शिवराज सरकार की ये दो तरफा प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के विपरीत कार्यवाही  भाव पूर्ण नीति पर आज की जनता जवाब चाहती है ।

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