खरगोन
फिल्मी एक्टर जैकी श्रॉफ की सलाह से खरगोन के बिस्टान के किसान की तकदीर बदल गई। किसान अविनाश सिंह दांगी पहले रासायनिक खेती करते थे। 23 साल पहले वे अभिनेता जैकी श्रॉफ से परिवार समेत मिले थे। इसके बाद खेती को लेकर नजरिया ही बदल गया। जैकी ने उन्हें जैविक खेती करने की सलाह दी थी। दांगी अब सब्जियां उगाकर लाखों रुपए की कमाई कर रहे हैं। सालभर में वे 70 तरह की फसल उगाते हैं। अभी उनके खेत में 18 तरह की सब्जियां, 32 तरह के फल और 4 मसाले वाली फसलों को लहलहाते देखा जा सकता है। ‘हमारी शान-हमारे किसान’ सीरीज में अविनाश दांगी की कहानी।
खरगोन से 16 किमी दूर बिस्टान नगर परिषद के रहने वाले 46 साल के किसान अविनाश दांगी की कहानी दिलचस्प है। 12 साल की उम्र से वे फिल्म अभिनेता जैकी श्रॉफ के दीवाने हो गए थे। उनकी दीवानगी क्षेत्र क्या, जिले में किसी से छिपी नहीं थी। थोड़े समझदार हुए तो एक्टर से मिलने से मुंबई आना-जाना करने लगे। अविनाश को 1999 में फिल्म वन टू का फोर की शूटिंग कर रहे जैकी से मुंबई में मिलने का मौका मिला। फेवरेट हीरो से बात करते हुए उन्होंने बताया कि उनका परिवार और वे खेती का काम करते हैं।
जैकी ने अविनाश को सलाह दी कि वह रासायनिक खेती छोड़ जैविक खेती अपनाएं। अपने फेवरेट की बात अविनाश को जच गई। उन्होंने रासायनिक खाद से तौबा कर जैविक खेती शुरू कर दी।
2019 में जैकी दादा ने परिवार सहित मिलने बुलाया
किसान दांगी का कहना है कि मैं जैकी दादा का 12 साल की उम्र से फैन रहा हूं। उनकी हर फिल्म कई बार देखी। उनकी तरह एक्टिंग भी करता रहा। जैकी दादा की सलाह पर ही जैविक खेती को अपनाया। आज लाखों का मुनाफा कमा रहा हूं। जैकी दादा ने 2019 में मुंबई में एक होटल में मिलने बुलाया था। मेरे साथ पत्नी सविता, बेटी श्रेया, बेटा कबीर, मौसी और उनके बच्चे थे। हम सभी ने जैकी दादा से मुलाकात की थी। उनके साथ फोटो सेशन भी कराया।
जैकी दादा ने 2019 में मुंबई के सन एंड शेड होटल में मिलने बुलाया था।
70 तरह की फसलें उगा रहे दांगी
किसान दांगी एक साल में 70 तरह की विभिन्न फसलों की खेती का लाजवाब प्रयोग कर रहे हैं। इनके खेत में अभी 18 तरह की सब्जियां, 32 तरह के फल और 4 मसाले वाली फसलें लगी हैं। ये सभी फसलें भरपूर मुनाफा दे सके। इतनी संख्या में हैं। दांगी के मॉडल में 53 फसलें वर्तमान में देखी जा सकती है।
दांगी का कहना है कि जैकी दादा की सलाह पर ही जैविक खेती को अपनाया।
डांगी को मिल चुके हैं कई पुरस्कार
अविनाश दांगी ने किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कृषि का आत्मनिर्भर मॉडल तैयार किया है। इस मॉडल का सबसे खूबसूरत पहलू यह है कि इससे हर मौसम में लगातार आय निश्चित रूप से संभव है। अविनाश 18 सालों से पिता के साथ हाथ बंटाते हुए उन्नत किसानी में जुटे हैं।
दांगी को अब तक 5 जिला स्तरीय पुरस्कार, 5 निजी कंपनियों के पुरस्कार के साथ एक जैव विविधता के क्षेत्र में राज्य स्तरीय सम्मान मिला। ऑर्गेनिक इंडिया द्वारा 2019 में नेशनल फाइनलिस्ट की टॉप – 10 की सूची में भी उन्हें शामिल किया गया। अब उनका बेटा भी उनके नक्शे कदम पर चल पड़ा है।
दांगी ने 25 एकड़ जमीन पर प्राकृतिक खेती कर पेस्टीसाइड काे न कहा।
पेस्टीसाइड की दुकान की बंद
दांगी पहले किसानी के साथ-साथ पेस्टीसाइड का कारोबार करते थे। अभिनेता जैकी ने उन्हें रासायनिक उर्वरक का उपयोग छोड़कर जैविक खेती के सुझाव दिए। अपने आइडियल हीरो की बात पर अविनाश ने 25 एकड़ जमीन पर प्राकृतिक खेती कर पेस्टीसाइड का कारोबार छोड़ दिया।
बच्चों को बिजनेसमैन बनाना चाहते हैं
किसान अविनाश दांगी ने बताया उनके दो बच्चे हैं। बेटी मुंबई में प्राइवेट कंपनी में जॉब कर रही है, जबकि बेटा इंदौर में बीबीए कर रहा है। वे बच्चों को बिजनेसमैन बनाना चाहते हैं। उन्होंने बताया फसलों के प्रचार-प्रसार में उनकी पत्नी सहयोग करती हैं। सोशल मीडिया और परिचितों के जरिए सब्जियों और फलों की मार्केटिंग करते हैं। दांगी देशभर में लगने वाले मेलों में भी स्टॉल लगाते हैं। वे दिल्ली मुंबई, बेंगलुरु, इंदौर, भोपाल सहित देशभर के कई राज्यों और बड़े शहरों में जैविक सब्जियां, फल और फसलों को भेजते हैं।
अभी खेत में लहलहा रही ये फसलें
ग्रीन और ब्लैक बॉकचोय, ग्रीन और रेड लेट्यूस, बाकला बरबटी, ब्रोकली, फ्रेंच बींस के अलावा फूल गोभी, लाल और सफेद मूली, रेड और हरी पत्ता गोभी, पर्पल रंगीन ओरेंज फूलगोभी, पालक और मेथी, पपीता सुरजना, केला, सीताफल, अमरूद, नारियल, मौंसंबी, जामुन आम, नींबू, कटहल, चीकू, सेवफल, अंजीर, लाल और हरा हरा वाला। अदरक, अनार, वाटर एप्पल, लीची, चेरी, रामपाल के पौधे, अरहर, चना, हल्दी, हीरा करेला, धनिया, टमाटर और औषधीय पौधे।

